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Pilibhit News: 700 व्यापारियों ने नहीं कराया पंजीकरण, कार्रवाई की तैयारी
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पीलीभीत। जिले के 700 कीटनाशक वितरक व्यापारियों ने अपनी दुकानों का विभागीय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। अब 24 अप्रैल के बाद ऐसी दुकानों को चेक कर उनके के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
जिले में करीब दो हजार से अधिक व्यापारी कीटनाशक दवाओं को बिक्री कर रहे हैं। दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता लाए जाने के लिए शासन स्तर से लगातार सुधारात्मक कार्य किए जा रहे है, जिससे बिक्री का डाटा भी ऑनलाइन देखा जा सके। ऐसे में शासन स्तर से जिले की सभी दुकानों का आईपीएमएस (इंटीग्रेडिट पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम) पर 31 मार्च तक पंजीकरण कराना था। इसमें करीब सात सौ विक्रेताओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में विभागीय स्तर से एक बार फिर 24 अप्रैल तक पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी इन व्यापारियों ने अगर विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया, तो जांच में दौरान मामला पकड़े जाने पर संबंधित कीटनाशक विक्रेता के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि 24 अप्रैल तक सभी कीटनाशक विक्रेता अपना पंजीकरण विभागीय पोर्टल पर करा लें। ऐसा न करने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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जिले में करीब दो हजार से अधिक व्यापारी कीटनाशक दवाओं को बिक्री कर रहे हैं। दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता लाए जाने के लिए शासन स्तर से लगातार सुधारात्मक कार्य किए जा रहे है, जिससे बिक्री का डाटा भी ऑनलाइन देखा जा सके। ऐसे में शासन स्तर से जिले की सभी दुकानों का आईपीएमएस (इंटीग्रेडिट पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम) पर 31 मार्च तक पंजीकरण कराना था। इसमें करीब सात सौ विक्रेताओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में विभागीय स्तर से एक बार फिर 24 अप्रैल तक पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी इन व्यापारियों ने अगर विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया, तो जांच में दौरान मामला पकड़े जाने पर संबंधित कीटनाशक विक्रेता के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि 24 अप्रैल तक सभी कीटनाशक विक्रेता अपना पंजीकरण विभागीय पोर्टल पर करा लें। ऐसा न करने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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