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Pilibhit News: विदेश भेजने के नाम 6.40 लाख ठगे, विरोध करने पर पीटा
Thu, 14 Nov 2024 11:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:53 PM IST
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बरखेड़ा। विदेश भेजने के नाम पर ठगों ने युवक से 6.40 लाख रुपये ले लिए। लंबे समय तक टालमटोल की जाती रही। वीजा न मिलने पर युवक ने दबाव डाला तो गाली-गलौज और मारपीट की गई। मामले में कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर हुक्मी निवासी इजाहिद हुसैन मंसूरी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि खटीमा के गांव बरी अंजनिया निवासी कमलेश गतिदार की उससे दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। आरोप है कि उसने नौकरी करने के उद्देश्य से विदेश जाने की बात कही। इस पर कमलेश ने अपने एक अन्य दोस्त उत्तराखंड के शक्तिफार्म निवासी सुजान मंडल से से संपर्क करने के लिए कहा।
जब वह सुजान मंडल से मिला तो उसने सेला कॉलोनी निवासी निभाष दत्त बोनिक का हवाला देकर वीजा बनवाने की बात कही। निभाष दत्त से मिलने पर उसने 10 लाख रुपये का खर्च बताकर 6.40 लाख रुपये पहले जमा करने की बात की। विश्वास कर उसने 30 सितंबर 2022 को 99 हजार, इसके दो दिन बाद दो बार में 90 हजार रुपये डिजिटली ट्रांसफर किए। 4.51 लाख रुपये नकद देने के साथ ही जरूरी कागजात दिए और स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी की।
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लंबा समय बीतने के बाद भी वीजा नहीं बना तो उसने पूछताछ करनी शुरू की। आरोप है कि रुपये मांगने पर सभी टाल मटोल करने लगे। 21 सितंबर 2024 को उक्त तीनों युवक बरखेड़ा आए तो उसने रुपये की मांग की। इसपर उन्होंने गालीगलौज करने के साथ ही मारपीट की। जनसेवा केंद्र पर तोड़फोड़ कर 13 सौ रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर हुक्मी निवासी इजाहिद हुसैन मंसूरी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि खटीमा के गांव बरी अंजनिया निवासी कमलेश गतिदार की उससे दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। आरोप है कि उसने नौकरी करने के उद्देश्य से विदेश जाने की बात कही। इस पर कमलेश ने अपने एक अन्य दोस्त उत्तराखंड के शक्तिफार्म निवासी सुजान मंडल से से संपर्क करने के लिए कहा।
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जब वह सुजान मंडल से मिला तो उसने सेला कॉलोनी निवासी निभाष दत्त बोनिक का हवाला देकर वीजा बनवाने की बात कही। निभाष दत्त से मिलने पर उसने 10 लाख रुपये का खर्च बताकर 6.40 लाख रुपये पहले जमा करने की बात की। विश्वास कर उसने 30 सितंबर 2022 को 99 हजार, इसके दो दिन बाद दो बार में 90 हजार रुपये डिजिटली ट्रांसफर किए। 4.51 लाख रुपये नकद देने के साथ ही जरूरी कागजात दिए और स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी की।
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लंबा समय बीतने के बाद भी वीजा नहीं बना तो उसने पूछताछ करनी शुरू की। आरोप है कि रुपये मांगने पर सभी टाल मटोल करने लगे। 21 सितंबर 2024 को उक्त तीनों युवक बरखेड़ा आए तो उसने रुपये की मांग की। इसपर उन्होंने गालीगलौज करने के साथ ही मारपीट की। जनसेवा केंद्र पर तोड़फोड़ कर 13 सौ रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।