{"_id":"5846f6b04f1c1be159448caf","slug":"63-are-positioned-to-replace-the-eight-slip-distributor","type":"story","status":"publish","title_hn":"63 की जगह तैनात हैं आठ पर्ची वितरक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
63 की जगह तैनात हैं आठ पर्ची वितरक
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभागीय उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते सहकारी गन्ना विकास समिति के 63 की जगह केवल आठ पर्ची वितरक तैनात हैं। इससे गन्ना क्रय केंद्रों पर पर्चियां पहुंचने में दिक्कत हो रही हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में कुल 63 गन्ना क्रय केंद्र हैं। ये केंद्र बीसलपुर, बरखेड़ा, मकसूदापुर, निगोही और फरीदपुर चीनी मिलों के हैं। नियमानुसार सभी क्रय केंद्रों पर एक-एक पर्ची वितरक तैनात होना चाहिए। इन पर्ची वितरकों का कार्य अपने क्रय केंद्र क्षेत्र के किसानों को समय से गन्ने की पर्चियां उपलब्ध कराना है। समिति में 63 की जगह केवल आठ पर्ची वितरक तैनात हैं। पर्ची वितरकों की संख्या इतनी कम होने के कारण किसानों को समय से गन्ने की पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं। इससे उनका गन्ना समय से क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच पाता है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। कुछ जागरूक किसानों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराते हुए मानक के अनुरूप पर्ची वितरक तैनात करने की मांग की थी। मगर उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे उनमें विभाग के प्रति रोष है। इस बाबत समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि किसान सहकारी चीनी मिल के क्रय केंद्रों पर पर्ची वितरक तैनात कर दिए गए हैं। प्राइवेट चीनी मिलों के क्रय केंद्रों पर संबंधित चीनी मिलों के कर्मचारियों को पर्ची वितरक के रूप में तैनात करा दिया गया है।
विज्ञापन
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में कुल 63 गन्ना क्रय केंद्र हैं। ये केंद्र बीसलपुर, बरखेड़ा, मकसूदापुर, निगोही और फरीदपुर चीनी मिलों के हैं। नियमानुसार सभी क्रय केंद्रों पर एक-एक पर्ची वितरक तैनात होना चाहिए। इन पर्ची वितरकों का कार्य अपने क्रय केंद्र क्षेत्र के किसानों को समय से गन्ने की पर्चियां उपलब्ध कराना है। समिति में 63 की जगह केवल आठ पर्ची वितरक तैनात हैं। पर्ची वितरकों की संख्या इतनी कम होने के कारण किसानों को समय से गन्ने की पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं। इससे उनका गन्ना समय से क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच पाता है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। कुछ जागरूक किसानों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराते हुए मानक के अनुरूप पर्ची वितरक तैनात करने की मांग की थी। मगर उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे उनमें विभाग के प्रति रोष है। इस बाबत समिति सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि किसान सहकारी चीनी मिल के क्रय केंद्रों पर पर्ची वितरक तैनात कर दिए गए हैं। प्राइवेट चीनी मिलों के क्रय केंद्रों पर संबंधित चीनी मिलों के कर्मचारियों को पर्ची वितरक के रूप में तैनात करा दिया गया है।
विज्ञापन