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नरई जलाने वाले 52 लोगों पर रिपोर्ट, 25 नामजद
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पीलीभीत। खेतों में नरई जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, लेकिन इसका कोई असर धरातल पर नही दिखाई दे रहा है। बीते दिनों किसान ही नहीं, एसपी आवास की कृषि भूमि पर भी नरई जलाई गई थी। हालांकि इस मामले में एसपी ने माली की लापरवाही बताते हुए उसको लाइन हाजिर कर दिया था। अफसर नरई जलाने पर सख्ती के दावे कर रहे थे, लेकिन इसकी हकीकत बृहस्पतिवार रात लखनऊ से वापस लौटने के दौरान डीएम ने खुद देख ली। असम हाईवे से सटे खेतों में नरई जलती देखकर डीएम वैभव श्रीवास्तव भी दंग रह गए। उन्होंने वहां रुककर संबंधित अफसरों को मौके पर ही तलब कर लिया। डीएम की फटकार के बाद नरई जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। देर रात तक चली चिह्नीकरण की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को कोतवाली में 10 नामजद, 17 अज्ञात और सेहरामऊ उत्तरी थाने में 15 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। डीएम की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर खलबली मची रही।
घटना असम हाईवे पर बृहस्पतिवार रात करीब सवा नौ बजे की है। डीएम वैभव श्रीवास्तव लखनऊ मुख्यालय से वापस पीलीभीत लौट रहे थे। असम हाईवे पर गढ़वाखेड़ा के पास पहुंचते ही उनकी नजर खेतों में जल रही नरई पर पड़ी। यह देख उन्होंने अपनी कार रुकवा ली। नरई जलाए जाने का नजारा देख वह दंग रह गए। उन्होंने एसडीएम भानुप्रताप सिंह को खेतों में नरई जलने की जानकारी दी और संबंधित अफसरों को तलब कर लिया। कुछ ही देर में एसडीएम, तहसीलदार आनंद प्रकाश राय, नायब तहसीलदार अनुराग सिंह समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। डीएम ने सभी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम ने हलका लेखपालों को नरई जलाने वाले किसानों को चिह्नित करने में लगा दिया। देर रात तक राजस्व विभाग की टीमें नरई जलाने वाले किसानों के चिह्नीकरण में लगी रहीं। लेखपालों ने नरई वाले खेतों के किसानों की जानकारी जुटा ली। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि नरई जलाने पर गांव गैरतपुर जप्ती के सात किसानों को नामजद और बीस अन्य के खिलाफ गांव पिपरिया दुलई निवासी तीन किसानों को नामजद और सात अन्य के खिलाफ कोतवाली पूरनपुर में कानूनी कार्रवाई कराई गई है। उधर, गांव महुआ गुंदे और खांडेपुर के खेतों में नरई जलाने पर पंद्रह किसानों को नामजद कर उनके खिलाफ सेहरामऊ उत्तरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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घटना असम हाईवे पर बृहस्पतिवार रात करीब सवा नौ बजे की है। डीएम वैभव श्रीवास्तव लखनऊ मुख्यालय से वापस पीलीभीत लौट रहे थे। असम हाईवे पर गढ़वाखेड़ा के पास पहुंचते ही उनकी नजर खेतों में जल रही नरई पर पड़ी। यह देख उन्होंने अपनी कार रुकवा ली। नरई जलाए जाने का नजारा देख वह दंग रह गए। उन्होंने एसडीएम भानुप्रताप सिंह को खेतों में नरई जलने की जानकारी दी और संबंधित अफसरों को तलब कर लिया। कुछ ही देर में एसडीएम, तहसीलदार आनंद प्रकाश राय, नायब तहसीलदार अनुराग सिंह समेत कई अफसर मौके पर पहुंच गए। डीएम ने सभी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम ने हलका लेखपालों को नरई जलाने वाले किसानों को चिह्नित करने में लगा दिया। देर रात तक राजस्व विभाग की टीमें नरई जलाने वाले किसानों के चिह्नीकरण में लगी रहीं। लेखपालों ने नरई वाले खेतों के किसानों की जानकारी जुटा ली। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि नरई जलाने पर गांव गैरतपुर जप्ती के सात किसानों को नामजद और बीस अन्य के खिलाफ गांव पिपरिया दुलई निवासी तीन किसानों को नामजद और सात अन्य के खिलाफ कोतवाली पूरनपुर में कानूनी कार्रवाई कराई गई है। उधर, गांव महुआ गुंदे और खांडेपुर के खेतों में नरई जलाने पर पंद्रह किसानों को नामजद कर उनके खिलाफ सेहरामऊ उत्तरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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