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जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 80 प्रतिशत हुई धान खरीद
Updated Fri, 02 Feb 2018 07:08 PM IST
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लक्ष्य के सापेक्ष 80
प्रतिशत हुई धान खरीद
31 जनवरी को खत्म हुआ खरीद सीजन
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
जिले में धान की खरीद का सीजन 31 जनवरी को समाप्त हो गया। इस सीजन में 3.46 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 2.79 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया जो 80.64 प्रतिशत है। खाद्य विभाग ने इसकी सूचना शासन को भेज दी है।
तराई के इस जनपद में गेहूं और गन्ने के साथ धान मुख्य फसल है। जिले में हुई पैदावार को देखते हुए शासन ने इस बार 25 सिंतबर से धान खरीद कराने का निर्देश देकर 3.46 लाख मीट्रिक टन (एमटी) का लक्ष्य दिया था। धान खरीद के लिए जिले में नौ क्रय एजेंसियों के 116 क्रय केंद्र खोले गए थे। प्रारंभ में किसानों के पास धान रहने तक खरीद काफी धीमी रही। लेकिन बिचौलियों के पास धान पहुुंचने के बाद इसमें खेल शुरू हुआ। जिससे धान खरीद का लक्ष्य तेजी से बढ़ने लगा। जिसके परिणाम स्वरूप 31 जनवरी को समाप्त हुए सीजन में जिले में धान खरीद का आंकड़ा 2.79 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया जो कुल लक्ष्य का 80.46 प्रतिशत है।
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चावल उतार भी 96 प्रतिशत
जिले में हुए सरकारी धान खरीद में राइस मिलों द्वारा जो चावल तैयार किया गया उसका भी उतार गोदामों में हो गया। आंकड़ों की बात करें तो कुल खरीदे गए 2.46 लाख मीट्रिक टन से राइस मिलों द्वारा 1.86 लाख मीट्रिक टन चावल तैयार किया गया। इसमें 1.80 लाख मीट्रिक टन चावल का उतार सरकारी गोदामों में हो चुका है।
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जिले में धान खरीद बंद हो गई है। 31 जनवरी तक खरीदे गए धान एवं चावल उतार की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ
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प्रतिशत हुई धान खरीद
31 जनवरी को खत्म हुआ खरीद सीजन
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
जिले में धान की खरीद का सीजन 31 जनवरी को समाप्त हो गया। इस सीजन में 3.46 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 2.79 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया जो 80.64 प्रतिशत है। खाद्य विभाग ने इसकी सूचना शासन को भेज दी है।
तराई के इस जनपद में गेहूं और गन्ने के साथ धान मुख्य फसल है। जिले में हुई पैदावार को देखते हुए शासन ने इस बार 25 सिंतबर से धान खरीद कराने का निर्देश देकर 3.46 लाख मीट्रिक टन (एमटी) का लक्ष्य दिया था। धान खरीद के लिए जिले में नौ क्रय एजेंसियों के 116 क्रय केंद्र खोले गए थे। प्रारंभ में किसानों के पास धान रहने तक खरीद काफी धीमी रही। लेकिन बिचौलियों के पास धान पहुुंचने के बाद इसमें खेल शुरू हुआ। जिससे धान खरीद का लक्ष्य तेजी से बढ़ने लगा। जिसके परिणाम स्वरूप 31 जनवरी को समाप्त हुए सीजन में जिले में धान खरीद का आंकड़ा 2.79 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया जो कुल लक्ष्य का 80.46 प्रतिशत है।
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चावल उतार भी 96 प्रतिशत
जिले में हुए सरकारी धान खरीद में राइस मिलों द्वारा जो चावल तैयार किया गया उसका भी उतार गोदामों में हो गया। आंकड़ों की बात करें तो कुल खरीदे गए 2.46 लाख मीट्रिक टन से राइस मिलों द्वारा 1.86 लाख मीट्रिक टन चावल तैयार किया गया। इसमें 1.80 लाख मीट्रिक टन चावल का उतार सरकारी गोदामों में हो चुका है।
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जिले में धान खरीद बंद हो गई है। 31 जनवरी तक खरीदे गए धान एवं चावल उतार की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
डॉ. अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ