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बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठगा, दस पर रिपोर्ट दर्ज
Updated Thu, 21 Dec 2017 05:48 PM IST
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मेरठ निवासी से 50 लाख ठगे
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पीलीभीत। नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से 15-15 हजार रुपये हड़पने और शिकायत करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोप में बुधवार रात कोतवाली पुलिस ने नकटादाना चौराहा स्थित स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विस के दस कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। ठगी के शिकार हुए 19 युवाओं से मिली संयुक्त तहरीर पर कंपनी के दस कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में जहानाबाद क्षेत्र के डंडिया भिसौड़ी गांव निवासी रामसेवक और अन्य युवाओं ने बताया कि पांच माह पहले उनको स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विस के कर्मचारी अलग-अलग स्थान पर मिले। आरोप है कि कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी बेरोजगारों को अध्यापन कार्य करने की नौकरी देती है। 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कहते हुए पचास रुपये लेकर उनसे फार्म भरवाए गए। इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो सौ रुपये लिए। कंपनी के स्थानीय संचालक संतोष कुमार ने बतौर सिक्योरिटी सभी से पांच माह पूर्व 15-15 हजार रुपये भी लिए। कहा कि यह रकम तीन महीने बाद वापस दे दी जाएगी। कुछ दिन बाद इंटरव्यू लिया गया और सभी को ट्रेनिंग के नाम पर मार्केटिंग में लगा दिया। उनसे कहा गया कि कंपनी से जोड़ने के लिए बेरोजगार युवक-युवतियों को लाएं, इसके लिए उनको प्रत्येक व्यक्ति पांच सौ रुपये अलग से दिए जाएंगे। ऐसा करने से इंकार करने पर आरोपियों ने दबाव बनाया और कुछ दिन ट्रेनिंग करने की बात कहकर काम कराते रहे। पांच माह का समय बीतने के बाद भी कोई तनख्वाह न मिलने पर जब बीते दिनों इसकी शिकायत हल्द्वारी ब्रांच के प्रबंधक महेश से की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। सत्रह दिसंबर को सभी एकजुट होकर कंपनी के नकटादाना स्थित कार्यालय पर पहुंचे और अपना दिया रुपया वापस मांगा। इस पर कार्यालय के कर्मचारियों ने उनको गाली गलौज कर भगा दिया। शिकायत करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली। बुधवार दोपहर बाद इसकी शिकायत कोतवाली पहुंचकर की गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। सिविल लाइन चौकी प्रभारी पुष्कर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संतोष कुमार, नीरज कुमारी, अरविंद, इंदल, उर्मिला, विपिन, अल्का, शिल्पी, उमा, विमलेश दस कंपनी कर्मचारियों पर धोखाधड़ी व धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
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कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में जहानाबाद क्षेत्र के डंडिया भिसौड़ी गांव निवासी रामसेवक और अन्य युवाओं ने बताया कि पांच माह पहले उनको स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विस के कर्मचारी अलग-अलग स्थान पर मिले। आरोप है कि कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी बेरोजगारों को अध्यापन कार्य करने की नौकरी देती है। 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कहते हुए पचास रुपये लेकर उनसे फार्म भरवाए गए। इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो सौ रुपये लिए। कंपनी के स्थानीय संचालक संतोष कुमार ने बतौर सिक्योरिटी सभी से पांच माह पूर्व 15-15 हजार रुपये भी लिए। कहा कि यह रकम तीन महीने बाद वापस दे दी जाएगी। कुछ दिन बाद इंटरव्यू लिया गया और सभी को ट्रेनिंग के नाम पर मार्केटिंग में लगा दिया। उनसे कहा गया कि कंपनी से जोड़ने के लिए बेरोजगार युवक-युवतियों को लाएं, इसके लिए उनको प्रत्येक व्यक्ति पांच सौ रुपये अलग से दिए जाएंगे। ऐसा करने से इंकार करने पर आरोपियों ने दबाव बनाया और कुछ दिन ट्रेनिंग करने की बात कहकर काम कराते रहे। पांच माह का समय बीतने के बाद भी कोई तनख्वाह न मिलने पर जब बीते दिनों इसकी शिकायत हल्द्वारी ब्रांच के प्रबंधक महेश से की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। सत्रह दिसंबर को सभी एकजुट होकर कंपनी के नकटादाना स्थित कार्यालय पर पहुंचे और अपना दिया रुपया वापस मांगा। इस पर कार्यालय के कर्मचारियों ने उनको गाली गलौज कर भगा दिया। शिकायत करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली। बुधवार दोपहर बाद इसकी शिकायत कोतवाली पहुंचकर की गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। सिविल लाइन चौकी प्रभारी पुष्कर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर संतोष कुमार, नीरज कुमारी, अरविंद, इंदल, उर्मिला, विपिन, अल्का, शिल्पी, उमा, विमलेश दस कंपनी कर्मचारियों पर धोखाधड़ी व धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
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