{"_id":"59a2ca474f1c1b93778b46a2","slug":"61503840839-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकेशन तो मिली लेकिन हत्थे नहीं चढ़ा खूनी बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकेशन तो मिली लेकिन हत्थे नहीं चढ़ा खूनी बाघ
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। खूनी बाघ की तलाश में जुटी वन विभाग की टीमों को बाघ का लोकेशन तो मिली है लेकिन ट्रैक्युलाइजिंग टीम के हत्थे बाघ नहीं चढ़ पा रहा है। बाघ पकड़ने को जुटी टीमों के हाथ 17 वें दिन भी खाली हैं। उधर कुछ टीमों गांव में बैठकें कर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
हिमकनपुर और बेहरी गांव के आसपास घूम रहे खूनी बाघ को पकड़ने की कवायद 17 वें दिन भी कामयाब नहीं हो सकी है। सुबह निरीक्षण को पहुंची टीमों को बाघ के पदचिह्न मिले हैं लेकिन बाघ कहीं नजर नहीं आया। रविवार को सुबह पहुंची टीम के सदस्यों ने दोपहर तक बाघ की तलाश की लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। बताते हैं कि बाघ ने तीन दिन पूर्व पड्ढा मारा था इसलिए अब एक दो दिन में वह फिर शिकार का प्रयास करेगा। इसके लिए फिलहाल तीन पड्डे संभावित स्थानों पर बांधे गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि बाघ जल्द वन विभाग की गिरफ्त में आ सकता है। टीम के साथ सर्च अभियान में जुटे बराही रेंजर अनिल शाह मानें तो पिछले कई दिनों से एक ही क्षेत्र में चहलकदमी कर रही है यह अच्छा संकेत हैं लेकिन उसकी चहलकदमी रात के समय ही हो रही है जिससे दिक्कत आ रही है।
0000000
गांव वाले हो रहे परेशान
बाघ के न पकड़े जाने से किसान परेशान हो रहे हैं। वनविभाग की टीमों के लगातार क्षेत्र में घूमने और क्षेत्र में बाघ के मौजूद होने के भय से किसान और मजदूर खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं के चारे की हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमकनपुर और बेहरी गांव के आसपास घूम रहे खूनी बाघ को पकड़ने की कवायद 17 वें दिन भी कामयाब नहीं हो सकी है। सुबह निरीक्षण को पहुंची टीमों को बाघ के पदचिह्न मिले हैं लेकिन बाघ कहीं नजर नहीं आया। रविवार को सुबह पहुंची टीम के सदस्यों ने दोपहर तक बाघ की तलाश की लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। बताते हैं कि बाघ ने तीन दिन पूर्व पड्ढा मारा था इसलिए अब एक दो दिन में वह फिर शिकार का प्रयास करेगा। इसके लिए फिलहाल तीन पड्डे संभावित स्थानों पर बांधे गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि बाघ जल्द वन विभाग की गिरफ्त में आ सकता है। टीम के साथ सर्च अभियान में जुटे बराही रेंजर अनिल शाह मानें तो पिछले कई दिनों से एक ही क्षेत्र में चहलकदमी कर रही है यह अच्छा संकेत हैं लेकिन उसकी चहलकदमी रात के समय ही हो रही है जिससे दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
0000000
गांव वाले हो रहे परेशान
बाघ के न पकड़े जाने से किसान परेशान हो रहे हैं। वनविभाग की टीमों के लगातार क्षेत्र में घूमने और क्षेत्र में बाघ के मौजूद होने के भय से किसान और मजदूर खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पशुओं के चारे की हो रही है।
विज्ञापन