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डीपीआरओ को झटका, सीडीओ ने तलब की पत्रावली
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:51 PM IST
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...खबर का असर
डीपीआरओ से सीडीओ ने पूछा कैसे की 20 दिन में बहाली
निलंबित किए गए सचिव राजेंद्र सिंह को बहाल करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घोटाले के आरोप में निलंबित किए गए सचिव राजेंद्र सिंह को महज 20 दिन में क्लीनचिट देकर बहाली की जानकारी लगते ही सीडीओ ने सख्त रुख अपनाया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सीडीओ ने न सिर्फ पूरे प्रकरण की पत्रावली तलब की बल्कि 20 दिन में जांच पूरी कर बहाली तक कर दिए जाने को लेकर जवाब मांगा है। सीडीओ की ओर से की गई कार्रवाई के बाद डीपीआरओ को झटका लगा है।
पूरनपुर ब्लॉक में तैनात सचिव राजेंद्र सिंह पर पूर्व तैनाती के दौरान अमरिया की ग्राम पंचायत डांग में हुए विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का गबन करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था। सीडीओ वीके भागवत ने 11 अगस्त को ग्राम पंचायत डांग पहुंचकर कराए गए कार्यों की जांच की तो कई अनियमितताएं मिलीं, जांच में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप ठीक मिलने पर सचिव को फोन किया तो सचिव ने कॉल रिसीव न कर फोन स्विच ऑफ कर दिया। इस मामले में सीडीओ के आदेश पर 13 अगस्त को डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने सचिव को निलंबित किया और महज 20 दिन के भीतर बहाल कर दिया। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव का कहना था कि आरोप निराधार मिलने पर सचिव को बहाल किया गया। वहीं गुरुवार को अमर उजाला ने लाखों के घपले के आरोपी सचिव को 20 दिन में बहाल करने की खबर को प्रकाशित किया तो सीडीओ ने डीपीआरओ को झटका देते हुए पत्रावली तलब कर ली। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सचिव को बहाल करने के मामले में वरिष्ठ लिपिक माखनलाल की भूमिका भी अहम है।
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डीपीआरओ से सीडीओ ने पूछा कैसे की 20 दिन में बहाली
निलंबित किए गए सचिव राजेंद्र सिंह को बहाल करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घोटाले के आरोप में निलंबित किए गए सचिव राजेंद्र सिंह को महज 20 दिन में क्लीनचिट देकर बहाली की जानकारी लगते ही सीडीओ ने सख्त रुख अपनाया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सीडीओ ने न सिर्फ पूरे प्रकरण की पत्रावली तलब की बल्कि 20 दिन में जांच पूरी कर बहाली तक कर दिए जाने को लेकर जवाब मांगा है। सीडीओ की ओर से की गई कार्रवाई के बाद डीपीआरओ को झटका लगा है।
पूरनपुर ब्लॉक में तैनात सचिव राजेंद्र सिंह पर पूर्व तैनाती के दौरान अमरिया की ग्राम पंचायत डांग में हुए विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का गबन करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया था। सीडीओ वीके भागवत ने 11 अगस्त को ग्राम पंचायत डांग पहुंचकर कराए गए कार्यों की जांच की तो कई अनियमितताएं मिलीं, जांच में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप ठीक मिलने पर सचिव को फोन किया तो सचिव ने कॉल रिसीव न कर फोन स्विच ऑफ कर दिया। इस मामले में सीडीओ के आदेश पर 13 अगस्त को डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने सचिव को निलंबित किया और महज 20 दिन के भीतर बहाल कर दिया। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव का कहना था कि आरोप निराधार मिलने पर सचिव को बहाल किया गया। वहीं गुरुवार को अमर उजाला ने लाखों के घपले के आरोपी सचिव को 20 दिन में बहाल करने की खबर को प्रकाशित किया तो सीडीओ ने डीपीआरओ को झटका देते हुए पत्रावली तलब कर ली। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सचिव को बहाल करने के मामले में वरिष्ठ लिपिक माखनलाल की भूमिका भी अहम है।
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