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पारवलूम इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:17 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
शनिवार को क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में होली चौक पर गांव के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि पाठशाला मार्ग एवं दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर कई पावरलूम इकाइयां है। इनमें कपड़ों की रंगाई आदि में जहरीला रसायन इस्तेमाल होता है। पूर्व में पावरलूम मालिक कपडे़ की रंगाई में प्रयुक्त होने वाले इस जहरीले पानी को आस पास के सटे खेतों के साथ ही नालों में डालते थे, लेकिन कुछ समय बाद ही खेतों के इस पानी से बंजर होने एवं आस पास के नलकूपों, हैंडपंपों का पानी दूषित होने पर लोगों ने जब आवाज उठा अपने खेतों को पानी डालने के लिए किराये पर देना बंद किया तो इकाई संचालकों ने अपनी इकाइयों में ही दस से बीस इंच मोटे पाइपों से रिबोर कर इस पानी को भूगर्भ में पहुंचाना शुरू कर दिया। इससे आस पास के सभी गांवों में अधिकांश हैंडपंपों, नलकूपों से जानलेवा पानी निकल रहा है। पूर्व में कई बार लखनऊ आदि स्थानों से आयी टीम ने पानी को जब जांच किया तो वह पीने योग्य नहीं मिला। अधिकांश हैंडपंपों पर टीम रेडक्रास कर गई कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। पंचायत में लोगों ने कहा संबंधित विभागीय अधिकारी भी इससे अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन वह पावरलूम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे है। लोगों ने अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालयों में पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। पंचायत में महक सिंह, हरपाल सिंह, विरेंद्र, सतबीर सिंह, जितेंद्र, विनोद, राजकुमार, हरबीर सिंह, सुरेंद्र, चंद्रपाल, दिनेश, रामबीर, राकेश, हरेंद्र आदि रहे।
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शनिवार को क्षेत्र के ग्राम सांकरौद में होली चौक पर गांव के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि पाठशाला मार्ग एवं दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर कई पावरलूम इकाइयां है। इनमें कपड़ों की रंगाई आदि में जहरीला रसायन इस्तेमाल होता है। पूर्व में पावरलूम मालिक कपडे़ की रंगाई में प्रयुक्त होने वाले इस जहरीले पानी को आस पास के सटे खेतों के साथ ही नालों में डालते थे, लेकिन कुछ समय बाद ही खेतों के इस पानी से बंजर होने एवं आस पास के नलकूपों, हैंडपंपों का पानी दूषित होने पर लोगों ने जब आवाज उठा अपने खेतों को पानी डालने के लिए किराये पर देना बंद किया तो इकाई संचालकों ने अपनी इकाइयों में ही दस से बीस इंच मोटे पाइपों से रिबोर कर इस पानी को भूगर्भ में पहुंचाना शुरू कर दिया। इससे आस पास के सभी गांवों में अधिकांश हैंडपंपों, नलकूपों से जानलेवा पानी निकल रहा है। पूर्व में कई बार लखनऊ आदि स्थानों से आयी टीम ने पानी को जब जांच किया तो वह पीने योग्य नहीं मिला। अधिकांश हैंडपंपों पर टीम रेडक्रास कर गई कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। पंचायत में लोगों ने कहा संबंधित विभागीय अधिकारी भी इससे अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन वह पावरलूम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे है। लोगों ने अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालयों में पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। पंचायत में महक सिंह, हरपाल सिंह, विरेंद्र, सतबीर सिंह, जितेंद्र, विनोद, राजकुमार, हरबीर सिंह, सुरेंद्र, चंद्रपाल, दिनेश, रामबीर, राकेश, हरेंद्र आदि रहे।