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गरीबों के आवास का 80 लाख डकार गए प्रधान, सचिव
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:14 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
2015-16 में इंदिरा आवास योजना के तहत 116 आवासों का होना था निर्माण
शिकायत पर हुई जांच में उजागर हुआ मामला, शासन को भेजी रिपोर्ट
पीलीभीत। इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 116 आवासों के निर्माण का 80 लाख रुपये प्रधान और सचिव डकार गए। इस प्रकरण का खुलासा वर्तमान ग्राम सचिव की जांच में हुआ है। इस बड़े गोलमाल का पता चलने पर अफसरों के बीच हड़कंप मचा हैं। इस प्रकरण की शिकायत लिखित में शासन को भेजी गई है।
ब्लॉक पुरनपूर की ग्राम पंचायत बैल्हा में वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार की इंदिरा आवास योजना के तहत 116 आवासों के निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में लगभग 80 लाख की रकम भेजी गई थी। आवासों के लिए पंजीकरण कराते समय बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। प्रधान और तत्कालीन सचिव ने लाभार्थियों के खाते में भेजी जाने वाली रकम फर्जीवाड़े से निकाल ली। लगभग तीन महीने पहले इस धांधली की जांच वर्तमान ग्राम पंचायत अंगनलाल के पास पहुंची तो मामला खुल गया। जांच में एक भी आवास का निर्माण नहीं मिला। पता चला कि तत्कालीन सचिव और प्रधान आवासों के निर्माण को भेजी गई रकम डकार गए। इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद अधिकारी जांच की बात कर रहें हैं। पूरनुपर ब्लॉक की कई सरकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को प्रधान और सचिव की मिलीभगत से नहीं मिलने के कई मामला सामने आ चुके हैं। तीन दिन पहले ग्राम टाटरगंज में शौचालय निर्माण में 15 लाख रुपये का गोलमाल सामने आया था। इस प्रकरण की फाइल तलब कर सीडीओ ने जांच दे दिए थे।
116 आवासों में से एक भी आवास का निर्माण नहीं कराया गया। जांच में पता चला है कि फर्जी तरीके से पंजीकरण कर खातों से पैसा निकाला गया है। प्रधान और तत्कालीन सचिव का नाम प्रकाश में आया है। इस प्रकरण को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
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अंगन लाल, ग्राम पंचायत सचिव, ब्लाक पूरनपुर
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शिकायत पर हुई जांच में उजागर हुआ मामला, शासन को भेजी रिपोर्ट
पीलीभीत। इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में 116 आवासों के निर्माण का 80 लाख रुपये प्रधान और सचिव डकार गए। इस प्रकरण का खुलासा वर्तमान ग्राम सचिव की जांच में हुआ है। इस बड़े गोलमाल का पता चलने पर अफसरों के बीच हड़कंप मचा हैं। इस प्रकरण की शिकायत लिखित में शासन को भेजी गई है।
ब्लॉक पुरनपूर की ग्राम पंचायत बैल्हा में वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार की इंदिरा आवास योजना के तहत 116 आवासों के निर्माण के लिए लाभार्थियों के खाते में लगभग 80 लाख की रकम भेजी गई थी। आवासों के लिए पंजीकरण कराते समय बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। प्रधान और तत्कालीन सचिव ने लाभार्थियों के खाते में भेजी जाने वाली रकम फर्जीवाड़े से निकाल ली। लगभग तीन महीने पहले इस धांधली की जांच वर्तमान ग्राम पंचायत अंगनलाल के पास पहुंची तो मामला खुल गया। जांच में एक भी आवास का निर्माण नहीं मिला। पता चला कि तत्कालीन सचिव और प्रधान आवासों के निर्माण को भेजी गई रकम डकार गए। इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद अधिकारी जांच की बात कर रहें हैं। पूरनुपर ब्लॉक की कई सरकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को प्रधान और सचिव की मिलीभगत से नहीं मिलने के कई मामला सामने आ चुके हैं। तीन दिन पहले ग्राम टाटरगंज में शौचालय निर्माण में 15 लाख रुपये का गोलमाल सामने आया था। इस प्रकरण की फाइल तलब कर सीडीओ ने जांच दे दिए थे।
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116 आवासों में से एक भी आवास का निर्माण नहीं कराया गया। जांच में पता चला है कि फर्जी तरीके से पंजीकरण कर खातों से पैसा निकाला गया है। प्रधान और तत्कालीन सचिव का नाम प्रकाश में आया है। इस प्रकरण को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
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अंगन लाल, ग्राम पंचायत सचिव, ब्लाक पूरनपुर