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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   50 thousand population of lowland forced to pass through shabby route

तराई की 50 हजार आबादी जर्जर मार्ग से गुजरने को विवश

Sun, 11 Jun 2017 07:23 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sun, 11 Jun 2017 07:23 PM IST
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 कलीनगर तहसील मुख्यालय से तराई व नेपाल सीमा तक जाने वाले मुख्य मार्ग को गड्ढा मुक्त करने की किसी विभाग ने अभी तक दिलचस्पी नहीं दिखाई हैं। जबकि इस जर्जर मार्ग से करीब 35 गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
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कलीनगर तहसील मुख्यालय से हरदोई ब्रांच होकर तराई जाने वाले मुख्य मार्ग को शारदा डैम तक आरईएस ने बनाया था। यह मार्ग तो साल भर में ही उखड़ गया। ठेकेदार की जमानत धनराशि आसानी से निकल जाए, इसको लेकर आरईएस विभाग के अभियंता तीन साल तक मार्ग में पेमंद लगवाते रहे और बाद में जमानत धनराशि रिलीज कर दी गई। इधर मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इधर तराई क्षेत्र की 50 हजार से अधिक आबादी रोजाना इस जर्जर मार्ग से गुजरने को मजबूर है। शारदा डैम पर एसएसबी का वाटर स्पोर्ट्स सेंटर व दो चौकियां भी हैं और यह मार्ग नेपाल सीमा तक जाता है। ऐसे में यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण भी माना गया है। इधर मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की घोषणा की थी, लेकिन इस मार्ग पर अभी तक कोई कार्य नहीं कराया गया। तराईवासियों का कहना है कि इस मार्ग का काफी हिस्सा जंगल क्षेत्र के बीच से गुजरता है। ऐसे में जर्जर मार्ग से गुजरना जोखिम भरा काम है। लिहाजा इसको जल्द बनाया जाना चाहिए। इधर सिंचाई विभाग का कहना हैं कि यह मार्ग आरईएस को मरम्मत के लिए दिया गया था। पीडब्ल्यूडी के अभियंता भी मार्ग ट्रांसफर कराने की जुगत में लगे रहे, लेकिन अभी तक इस जर्जर मार्ग पर कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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