Pilibhit News: शराब दुकानों के विरोध पर हुए बवाल में महिलाओं सहित 43 नामजद, आरोपियों को चिह्नित कर रही पुलिस
पीलीभीत के माधोटांड क्षेत्र के ग्राम बूंदीभूड़ में बृहस्पतिवार को हुए बवाल के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आबकारी निरीक्षक ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें महिलाओं समेत 43 नामजद और 10-15 अज्ञात आरोपी हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम बूंदीभूड़ में शराब की दुकानों के विरोध को लेकर हुए बवाल और पथराव के मामले में आबकारी निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले में महिलाओं समेत 43 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार ने माधोटांडा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि माधोटांडा क्षेत्र के बूंदीभूड़ गांव में नवसृजित देशी व कंपोजिट शराब दुकान का आवंटन नौ अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया था। देशी शराब दुकान का आवंटन जगवती पत्नी बुलाकी राम व कंपोजिट मदिरा दुकान का आवंटन सुनील कुमार मिश्रा के नाम हुआ था।
दुकान आवंटन के दिन से ही शुरू हो गया था विरोध
दोनों दुकानों को गांव में लालदेव यादव के मकान में संचालित किया जाना प्रस्तावित था। दुकान आवंटन के दिन से ही ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर एसडीएम कलीनगर प्रमेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार, क्षेत्राधिकारी पूरनपुर प्रतीक दहिया, जिला आबकारी अधिकारी कल्पनाथ रजक, प्रभारी निरीक्षक माधोटांडा अशोक पाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस व आबकारी विभाग की टीम गांव पहुंची थी।
आरोप है कि इसी दौरान आक्रोशित महिलाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ दुकान के भीतर घुस गई और वहां रखी शराब व बीयर की कैनों को बाहर निकालकर सड़क पर फेंकते हुए तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया तो भीड़ और उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद भीड़ लगातार लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करती रही।
वीडियो-फोटो के आधार पर जांच शुरू
घटना में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार सिंह और संविदा वाहन चालक रघुवीर कुमार घायल हो गए। वहीं बस और दो बोलेरो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। थाना प्रभारी अशोक पाल सिंह ने बताया कि वीडियो और फोटो साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ये किए गए नामजद
मामले में सरिता पत्नी राजेश, मंजू देवी पत्नी परवेन्द्र गौतम, गीता पत्नी गणेश गौतम, बबीता पत्नी संजय वर्मा, मुनिया देवी पत्नी संजय राजभर, शशिकला पत्नी रामजनम राजभर, संगीता देवी पत्नी राम सुरेन्द्र राजभर, निर्मला देवी पत्नी विजय राजभर, फूलवती देवी पत्नी जितेन्द्र राजभर, सुमित्रा देवी पत्नी लालबहादुर गौतम, सुखिया देवी पत्नी मुन्त्री राजभर, सविता पत्नी राजेन्द प्रसाद, अमृती देवी पत्नी हरदेव राजभर, किरन पत्नी सुभाष राजभर, अनीता देवी पत्नी हरेन्द्र राजभर, रीना देवी पत्नी राजकुमार, रीमा देवी पत्नी हरेन्द्र पुत्र सीताराम, पुष्पा देवी पत्नी महेश, सुजाता देवी पत्नी नरायण, कलावती पत्नी हरदेव राजभर, शांति देवी पत्नी संजीत, अनीता देवी पुत्री संजीत, इन्द्रावती पत्नी रामअवध, जानवती पत्नी रामकृष्ण, संगीता पुत्री रामकिशुन, अनीता पत्नी जयराम, हरेन्द्र राजभर पुत्री शिवप्रसाद, सोनू पुत्र नखडू, सुदर्शन पुत्र चन्द्रदेव, राजकुमार पुत्र पारस, रामअवध पुत्र रामधारी, रामकिशून पुत्र रामधारी, राजकुमार पुत्र रामअवध, करन पुत्र रामअवध, विजय राजभर पुत्र साधु राजभर, राजकुमार पुत्र पारस, पंकज कुमार पुत्र सुदर्शन, नारायण राजभर पुत्र सरजू राजभर, सर्वेश कुमार पुत्र लालबहादुर, सुजान पत्नी नारायण राजभर, सुधा पत्नी महेश राजभर, रीना पत्नी रामाभीष, जसवीर पुत्र लालबहादुर आदि को नामजद किया गया है।