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Pilibhit News: 40 हजार किसानों ने इस सत्र में चीनी मिलों को नहीं की गन्ने की आपूर्ति
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बीसलपुर। कथित विसंगतियों के चलते गन्ना समिति क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों के लगभग 40 हजार किसानों ने इस सत्र में चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति नहीं की। गन्ना विभाग अब इस बात की जांच कराएगा।
सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में एक नवंबर 2023 से गन्ना सत्र शुरू हो गया था, जो 30 अप्रैल 2024 तक चला। समिति अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र में लगभग एक लाख गन्ना कृषक हैं। 30 अप्रैल को गन्ना सत्र के समापन के बाद जब इस सत्र में मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों की सूची तैयार की गई, तो सामने आया कि एक लाख के विपरीत केवल 60 हजार किसानों ने ही मिलों को गन्ने की आपूर्ति की।
इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि इस सत्र में 40 हजार किसानों ने मिलों को गन्ने की आपूर्ति नहीं की, जबकि उनके खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी। गन्ना विभाग के कर्मचारी अब इन सभी 40 हजार किसानों के घर-घर जाकर उनकी ओर से मिलों को गन्ना आपूर्ति न करने के कारणों का पता लगाएंगे, साथ ही चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करने के लिए करेंगे प्रेरित। (संवाद)
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इन स्थानों के हैं किसान
बीसलपुर नगर, बिलसंडा, बरखेड़ा, बमरोली, करेली, चुर्रासकतपुर, भीकमपुर, ईंटगांव, मकरंदापुर, पैनिया रामकिशन, दियोरिया, मोहम्मदपुर भजा, अमृता खास, भड़रिया, जोगीठेर, मसीत, परसिया, जसोली दिवाली, रिछोला सबल, रढ़ैता, खांडेपुर, रंभोजा, रंपुरा नत्थू, भैंसहा ग्वालपुर।
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किसानों ने ये बताईं दिक्कतें
खरीदे गए गन्ने का भुगतान सही समय पर न मिलना, चीनी मिलों और गन्ना विभाग के अधिकारियों का खेती से संबंधित समस्याओं का समय से निस्तारण न करना, अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अनावश्यक रूप से गन्ने के सट्टे बंद कर देना, क्रय केंद्रों पर सक्रिय गन्ना माफिया के विरुद्ध कार्रवाई न होना, क्रय केंद्रों पर घटतौली खत्म न होना, मिलों पर स्थित क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल निर्धारित अवधि मेंं न कराना और क्रय केंद्रों पर किसानों से अवैध रूप से उतराई शुल्क वसूल किया जाना।
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किसानों ने कहा
खेत में एक एकड़ क्षेत्रफल में गन्ने की फसल थी। विसंगतियों के कारण अपना गन्ना कोल्हू और क्रशर पर बेच दिया।
-धर्मवीर वर्मा कृषक, मोहल्ला खेड़ा
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चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारी समस्याओं का समाधान करने में रुचि नहीं लेते। इसी वजह से खेतों में गन्ना होते हुए भी गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति नहीं किया।
- धर्मपाल यादव, गांव गोवल
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गन्ना समिति क्षेत्र के एक लाख के विपरीत केवल 60 हजार किसानों ने ही इस सत्र में मिलों को गन्ने की आपूर्ति की है। 40 हजार किसानों के गन्ने की आपूर्ति न करने के संबंध में जांच कराई जा रही है। जांच में जो कारण सामने आएंगे उसके आधार पर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। किसानों को प्रेरित किया जाएगा कि वे चीनी मिलों को ही गन्ने की आपूर्ति करें।
- डॉ. खुशीराम भार्गव, डीसीओ, पीलीभीत
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सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में एक नवंबर 2023 से गन्ना सत्र शुरू हो गया था, जो 30 अप्रैल 2024 तक चला। समिति अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र में लगभग एक लाख गन्ना कृषक हैं। 30 अप्रैल को गन्ना सत्र के समापन के बाद जब इस सत्र में मिलों को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों की सूची तैयार की गई, तो सामने आया कि एक लाख के विपरीत केवल 60 हजार किसानों ने ही मिलों को गन्ने की आपूर्ति की।
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इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि इस सत्र में 40 हजार किसानों ने मिलों को गन्ने की आपूर्ति नहीं की, जबकि उनके खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी। गन्ना विभाग के कर्मचारी अब इन सभी 40 हजार किसानों के घर-घर जाकर उनकी ओर से मिलों को गन्ना आपूर्ति न करने के कारणों का पता लगाएंगे, साथ ही चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करने के लिए करेंगे प्रेरित। (संवाद)
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इन स्थानों के हैं किसान
बीसलपुर नगर, बिलसंडा, बरखेड़ा, बमरोली, करेली, चुर्रासकतपुर, भीकमपुर, ईंटगांव, मकरंदापुर, पैनिया रामकिशन, दियोरिया, मोहम्मदपुर भजा, अमृता खास, भड़रिया, जोगीठेर, मसीत, परसिया, जसोली दिवाली, रिछोला सबल, रढ़ैता, खांडेपुर, रंभोजा, रंपुरा नत्थू, भैंसहा ग्वालपुर।
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किसानों ने ये बताईं दिक्कतें
खरीदे गए गन्ने का भुगतान सही समय पर न मिलना, चीनी मिलों और गन्ना विभाग के अधिकारियों का खेती से संबंधित समस्याओं का समय से निस्तारण न करना, अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अनावश्यक रूप से गन्ने के सट्टे बंद कर देना, क्रय केंद्रों पर सक्रिय गन्ना माफिया के विरुद्ध कार्रवाई न होना, क्रय केंद्रों पर घटतौली खत्म न होना, मिलों पर स्थित क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल निर्धारित अवधि मेंं न कराना और क्रय केंद्रों पर किसानों से अवैध रूप से उतराई शुल्क वसूल किया जाना।
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किसानों ने कहा
खेत में एक एकड़ क्षेत्रफल में गन्ने की फसल थी। विसंगतियों के कारण अपना गन्ना कोल्हू और क्रशर पर बेच दिया।
-धर्मवीर वर्मा कृषक, मोहल्ला खेड़ा
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चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारी समस्याओं का समाधान करने में रुचि नहीं लेते। इसी वजह से खेतों में गन्ना होते हुए भी गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति नहीं किया।
- धर्मपाल यादव, गांव गोवल
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गन्ना समिति क्षेत्र के एक लाख के विपरीत केवल 60 हजार किसानों ने ही इस सत्र में मिलों को गन्ने की आपूर्ति की है। 40 हजार किसानों के गन्ने की आपूर्ति न करने के संबंध में जांच कराई जा रही है। जांच में जो कारण सामने आएंगे उसके आधार पर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। किसानों को प्रेरित किया जाएगा कि वे चीनी मिलों को ही गन्ने की आपूर्ति करें।
- डॉ. खुशीराम भार्गव, डीसीओ, पीलीभीत