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38 हजार किसानों की सदस्यता होगी समाप्त
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बीसलपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर से जुड़े 38 हजार किसान पिछले पांच वर्षों से गन्ने की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। अब इन किसानों की सदस्यता खत्म की जाएगी। सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखों के अनुसार समिति के कुल एक लाख, 13 हजार सदस्य हैं। नियमानुसार सभी सदस्यों को समिति से जुड़ी अपने क्षेत्र की निकटवर्ती चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करना चाहिए। लेकिन उपरोक्त में से 75 हजार सदस्य ही मिलों को गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं। 38 हजार किसान पिछले पांच वर्षों से गन्ना नहीं दे रहे।
गन्ना अधिनियम के अनुसार लगातार पांच वर्षों से मिलों को गन्ने न देने वाले किसानों को समिति का सदस्य बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी के कारण ये 38 हजार किसान समिति के गलत तरीके से सदस्य बने हुए हैं। खास बात ये है कि मिलों को गन्ना न देने वाले किसान गन्ना चुनाव और समिति की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।
जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) जितेंद्र मिश्रा के निर्देश पर समिति स्टाफ ने एक पखवाड़ा पूर्व ऐसे सदस्यों की जांच करनी शुरू की थी। जांच में स्पष्ट हो गया कि 38 हजार किसान पिछले पांच वर्षों से गन्ने की आपूर्ति नहीं कर रहे। अब गन्ना विभाग इन किसानों की समिति से सदस्यता खत्म करने की तैयारी कर रहा है।
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सर्वाधिक किसान बीसलपुर तहसील के
विभागीय चीनी मिलों को गन्ना न करने वाले किसानों में पीलीभीत जिले की बीसलपुर, बरेली जिले की फरीदपुर और शाहजहांपुर की तिलहर तहसील क्षेत्र हैं। इनमें सर्वाधिक किसान बीसलपुर तहसील क्षेत्र के हैं।
चिह्नित किए किसान यहां के
बीसलपुर नगर, बिलसंडा नगर, बरखेड़ा नगर, ज्योहरा कल्यानपुर, रसायाखानपुर, मीरपुर वाहनपुर, मुड़िया बिलहरा, बमरोली, करेली, चुर्रासकतपुर, मेाहम्मदपुर भजा, ईंटगांव, दियोरिया, मधवापुर, पैनिया हिम्मत, कटैइया, रामपुर अमृत, अहिरवाड़ा, अमृता खास, चुटकुना, नौगवां संतोष, रामपुर जयचंद्र, पड़ोली और परासी रामकिशन।
रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही इन 38 हजार किसानों की सदस्यता खत्म कर दी जाएगी। -आरपी कुशवाहा, सचिव, गन्ना विकास समिति बीसलपुर।
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गन्ना अधिनियम के अनुसार लगातार पांच वर्षों से मिलों को गन्ने न देने वाले किसानों को समिति का सदस्य बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी के कारण ये 38 हजार किसान समिति के गलत तरीके से सदस्य बने हुए हैं। खास बात ये है कि मिलों को गन्ना न देने वाले किसान गन्ना चुनाव और समिति की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।
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जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) जितेंद्र मिश्रा के निर्देश पर समिति स्टाफ ने एक पखवाड़ा पूर्व ऐसे सदस्यों की जांच करनी शुरू की थी। जांच में स्पष्ट हो गया कि 38 हजार किसान पिछले पांच वर्षों से गन्ने की आपूर्ति नहीं कर रहे। अब गन्ना विभाग इन किसानों की समिति से सदस्यता खत्म करने की तैयारी कर रहा है।
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सर्वाधिक किसान बीसलपुर तहसील के
विभागीय चीनी मिलों को गन्ना न करने वाले किसानों में पीलीभीत जिले की बीसलपुर, बरेली जिले की फरीदपुर और शाहजहांपुर की तिलहर तहसील क्षेत्र हैं। इनमें सर्वाधिक किसान बीसलपुर तहसील क्षेत्र के हैं।
चिह्नित किए किसान यहां के
बीसलपुर नगर, बिलसंडा नगर, बरखेड़ा नगर, ज्योहरा कल्यानपुर, रसायाखानपुर, मीरपुर वाहनपुर, मुड़िया बिलहरा, बमरोली, करेली, चुर्रासकतपुर, मेाहम्मदपुर भजा, ईंटगांव, दियोरिया, मधवापुर, पैनिया हिम्मत, कटैइया, रामपुर अमृत, अहिरवाड़ा, अमृता खास, चुटकुना, नौगवां संतोष, रामपुर जयचंद्र, पड़ोली और परासी रामकिशन।
रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही इन 38 हजार किसानों की सदस्यता खत्म कर दी जाएगी। -आरपी कुशवाहा, सचिव, गन्ना विकास समिति बीसलपुर।