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छापा मारेंगे, नोटिस भेजेंगे पर कार्रवाई पर नहीं करेंगे
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पीलीभीत। शासन की तमाम कोशिश व सख्ती के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर संजीदा नहीं हैं। जिले में कई पंजीकृत पैथोलॉजी लैबों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो बड़ी संख्यौ में अपंजीकृत लैब चल रही हैं। कई लैब बिना पैथोलॉजिस्ट के चल रही हैं। इन पर शिकंजा कसने के बजाए स्वास्थ्य विभाग चूहा बिल्ली का खेल खेल रहा है। दिखावे की सख्ती के लिए टीम छापा मारती है, गड़बड़ी मिलने पर नोटिस भेजा जाता है, मगर कार्रवाई के नाम पर स्थित शून्य रहती है। यही वजह है कि अभिलेखों में साल भर मे सिर्फ दो पैथोलॉजी पर कार्रवाई हुई है।
नियमों की अनदेखी कर संचालित की जा रही पैथोलॉजी लैब की जानकारी जिला प्रशासन को भी है। यही वजह है कि डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने अवैध रूप से संचालित और नियमों का पालन नहीं करने वाली लैब पर कार्रवाई की जिम्मेदारी एसीएमओ डॉ. वीबी राम को सौंपी है। लेकिन जिम्मेदारी से बच रहे अफसर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगे है। विभागीय सूत्रों की मानें तो विभागीय अधिकारी लैबों पर छापेमारी करते रहते हैं। उनको खामियां भी मिलती रही हैं। मगर कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहती हैं। यही वजह है कि लैब संचालकों की मनमानी कम होने की बजाय और बढ़ती गई।
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नियमों की अनदेखी कर संचालित की जा रही पैथोलॉजी लैब की जानकारी जिला प्रशासन को भी है। यही वजह है कि डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने अवैध रूप से संचालित और नियमों का पालन नहीं करने वाली लैब पर कार्रवाई की जिम्मेदारी एसीएमओ डॉ. वीबी राम को सौंपी है। लेकिन जिम्मेदारी से बच रहे अफसर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगे है। विभागीय सूत्रों की मानें तो विभागीय अधिकारी लैबों पर छापेमारी करते रहते हैं। उनको खामियां भी मिलती रही हैं। मगर कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रहती हैं। यही वजह है कि लैब संचालकों की मनमानी कम होने की बजाय और बढ़ती गई।
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