फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   ....तो कहीं प्रवासी पक्षियों की कत्लगाह न बन जाए शारदा डैम

....तो कहीं प्रवासी पक्षियों की कत्लगाह न बन जाए शारदा डैम

Wed, 08 Nov 2017 07:07 PM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 07:07 PM IST
विज्ञापन
....तो कहीं प्रवासी पक्षियों की कत्लगाह न बन जाए शारदा डैम
प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
डैम में मछली शिकार का ठेका न होने से प्रवासी पक्षियों का शिकार बढ़ा
विज्ञापन

वन महकमे के पास नहीं है सुरक्षा के इंतजाम, ऊंचे दामों में बेचे जाते हैं प्रवासी पक्षी
ठेकेेदार के सहारे ही रहती है प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा

पीलीभीत/माधोटांडा। शरद ऋतु शुरू होते ही तराई के शारदा सागर डैम में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। इस बार शारदा डैम में पर्यटकों को पहले जैसा कलरव शायद देखने को नहीं मिलेगा। डैम में मछली का नीलामी ठेका न होने से डैम प्रवासी पक्षियों की कत्लगाह बन रहा है। सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने से मछली के साथ कॉलोनियों के शिकारी प्रवासी पक्षियों का शिकार कर उसको भी बिक्री करने लगे हैं, लेकिन अभी तक सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
साइबेरिया, अलास्का सहित अन्य पहाड़ी देशों से हर साल की तरह इस बार भी प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शारदा डैम में शुरू हो चुका है। इन दिनों डैम पानी से भरा हुआ है। शुरुआती दौर में यह प्रवासी पक्षी थके हारे होने के चलते अपनी सुरक्षा को लेकर डैम के भीतरी हिस्से में रहते हैं। यहां उन्हें चारे की कमी भी नहीं होती है।
विज्ञापन


ठेका न होने से पक्षियों का शिकार बढ़ा
शारदा डैम में पहला ऐसा मौका है कि मछली शिकार का ठेका अभी तक नहीं हुआ है। इस कारण तलहटी की बंगाली कॉलोनियों के शिकारी व शारदा डैम के भीतरी हिस्से में 18 से 22 किलोमीटर के मध्य बसी कॉलोनी के शिकारी अपने छोटी नावों से मछली का अवैध शिकार तो कर ही रहे हैं, साथ ही उन्होंने प्रवासी पक्षियों का शिकार भी शुरू कर दिया है। बताते हैं कि मारे गए पक्षी ऊंचे दामों में चोरी छिपे कॉलोनियों में बेचे जा रहे हैं। यदि ऐसे ही हालात रहे तो डैम प्रवासी पक्षियों की भी कत्लगाह बन जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठेकेदारों के जिम्मे रहती थी सुरक्षा
ठेका होने पर ठेकेदार कई दर्जन नावें डैम में मछली का शिकार के लिए लगाते हैं। मछली की चोरी रोकने को उसके चौकीदार भी रात व दिन इन नावों से चौकसी व गश्त करते थे। जिसके चलते प्रवासी पक्षियों के शिकार पर भी अंकुश रहता था, लेकिन इस वर्ष अभी तक मछली शिकार का ठेका न होने से बड़े पैमाने पर मछली के अवैध शिकार के साथ प्रवासी पक्षियों का भी शिकार शुरू हो गया है। बताते हैं करीब पांच दिन पूर्व एक कॉलोनी में अवैध शिकारियों ने मछली शिकार का ठेका न होने की खुशी में मिठाई भी बांटी।

वन विभाग के पास नहीं है कोई इंतजाम
वन विभाग के पास प्रवासी पक्षियों व मछली का शिकार रोकने को कोई इंतजाम नहीं है। शिकारियों पर अंकुश लगाने को दो ही विकल्प होते हैं। एक मोटर बोट से पानी में पेट्रोलिंग व दूसरे कॉलोनियों में मुखबिर तंत्र। जिसमें दोनों तरह से वन विभाग विफल है। बताते हैं कि यह अवैध शिकार मिलीभगत से ही होता है।


वनकर्मियों को किया अलर्ट
शारदा डैम एक ओर तीन वन रेंज उत्तराखंड की सुरई, पीलीभीत की महोफ व बराही से सटा है। दूसरी ओर मुख्य मार्ग पर बराही व खटीमा रेंज से ऐसे में मुख्य मार्ग पर वन कर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुखबिर तंत्र मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रवासी पक्षियों के शिकार रोका जा सके। हालांकि प्रवासी पक्षियों के शिकार की सूचना अभी नहीं मिली है।
अनिल शाह, वन क्षेत्राधिकारी, बराही

ठेका न होने से बढ़ा अवैध शिकार
शारदा डैम में अभी तक मछली शिकार का ठेका नहीं हो सका है। इस कारण शिकारी मिलीभगत से अवैध शिकार की घटना को अंजाम दे रहे हैं।
श्यामलाल, जलाशय प्रभारी, शारदा डैम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed