फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   प्रथम चरण में सिर्फ 8719 किसानों का ही माफ होगा कर्जा

प्रथम चरण में सिर्फ 8719 किसानों का ही माफ होगा कर्जा

Thu, 03 Aug 2017 07:14 PM IST
Updated Thu, 03 Aug 2017 07:14 PM IST
विज्ञापन
प्रथम चरण में सिर्फ 8719 किसानों का ही माफ होगा कर्जा
पीलीभीत। फसल ऋण मोचन के प्रथम चरण में मात्र 8719 किसानों को ही लाभ मिलेगा। जिला स्तर से शासन को भेजा गया डाटा फिल्टर होने के बाद वापस आ गया है। इसमें मात्र 8719 किसान ही ऐसे पाए गए हैं जिसकी भूलेख मैपिंग एवं आधार दोनों फीड पाए गए। जबकि लगभग नौ हजार ऐसे किसान हैं जिनका भूलेख मैपिंग तो है लेकिन आधार लिंक नहीं है। आधार लिंक होने पर इन किसानों को भी लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन

प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने के लिए फसल ऋण मोचन योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले बैंकों से ऋण लेने वाले पांच एकड़ तक के किसानों की सूची प्राप्त कर एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन फीड कराई गई थी। इस प्रक्रिया को भूलेख मैपिंग कहा गया। इसके साथ ही किसानों का आधार भी बैंक खाते से लिक कराया गया। फीडिंग के बाद शासन को जिले से लगभग 91 हजार किसानों का डाटा भेजा गया। शासन स्तर पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से इसे कई स्तर पर फिल्टर किया गया। फिल्टर होने के बाद लगभग 1700 किसानों का डाटा ऋण माफी के योग्य पाया गया। इनमें से 8719 हजार किसान ऐसे में जिनकी भूलेख मैपिंग एवं आधार लिक पाए गए जबकि 9487 किसान ऐसे थे जिनका आधार लिंक नहीं था। शासन से प्राप्त इस सूची का अब राजस्व विभाग से परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने सूची को सभी तहसीलों में भेज दिया है। जांच के बाद प्रथम सूची के 8719 का डाटा शासन को भेज कर धनराशि की डिमांड की जाएगी जबकि शेष 9487 खातों को आधार लिंक कराने का प्रयास किया जाएगा। योजना के नोडल अधिकारी जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू ने बताया ऋण प्राप्त करने वाले किसान अपने खातों को आधार से लिंक कराकर लाभ हासिल कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed