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Pilibhit News: 2870 टीबी मरीजों को नहीं मिली पौष्टिक आहार की प्रोत्साहन राशि
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पीलीभीत। क्षय रोग (टीबी) से जूझ रहे जिले के लगभग तीन हजार मरीजों को एनएचएम से मिलने वाली पोषण सहायता व प्रोत्साहन राशि पिछले एक साल से नहीं मिली है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के सामने उपचार के दौरान पौष्टिक आहार की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। खुद की जेब पर बोझ डालकर पोषण सहायता राशि खरीदनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के टीबी मरीजों के लिए दी जा रहीं सुविधाएं के दावे सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं। मरीजों को सुविधाओं के नाम पर छह माह के इलाज के लिए सिर्फ दवाओं की खुराक दी जा रही है, जबकि प्रत्येक माह एक हजार रुपये मिलने वाले प्रोत्साहन राशि का एक साल से अता-पता नही है। इससे टीबी मरीजों को गुण-चना, दूध, घी, मक्खन, मूंगफली, सूखे मेवे खरीदने में समस्या हो रही है। महंगाई भी अधिक होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे मरीज खरीददारी नही कर पा रहे है।
इससे उनका इलाज भी आधा-अधूरा हो रहा है। क्षय रोग केंद्र के आंकड़ों की माने तो जून 2025 से अब तक जिले में कुल 5,260 टीबी मरीजों का पंजीकरण क्षय रोग केंद्र पर किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 2,870 मरीज उपचाराधीन है। इनमें किसी को भी एक साल से एक हजार रुपये मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है।
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प्रोत्साहन राशि के लिए निश्चय पर पंंजीकरण आवश्यक
जिला क्षय रोग केंद्र पर प्रत्येक टीबी मरीजों को निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाता है। इसमें छह माह तक जब तक मरीज सामान्य नही हो जाता है, तब तक विभाग की ओर से डीबीटी के माध्यम से मरीज के खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार रुपये भेजे जाते है, लेकिन पिछले एक साल से रुपये नहीं आने के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। संवाद
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स्वास्थ्य विभाग के टीबी मरीजों के लिए दी जा रहीं सुविधाएं के दावे सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं। मरीजों को सुविधाओं के नाम पर छह माह के इलाज के लिए सिर्फ दवाओं की खुराक दी जा रही है, जबकि प्रत्येक माह एक हजार रुपये मिलने वाले प्रोत्साहन राशि का एक साल से अता-पता नही है। इससे टीबी मरीजों को गुण-चना, दूध, घी, मक्खन, मूंगफली, सूखे मेवे खरीदने में समस्या हो रही है। महंगाई भी अधिक होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे मरीज खरीददारी नही कर पा रहे है।
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इससे उनका इलाज भी आधा-अधूरा हो रहा है। क्षय रोग केंद्र के आंकड़ों की माने तो जून 2025 से अब तक जिले में कुल 5,260 टीबी मरीजों का पंजीकरण क्षय रोग केंद्र पर किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 2,870 मरीज उपचाराधीन है। इनमें किसी को भी एक साल से एक हजार रुपये मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है।
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प्रोत्साहन राशि के लिए निश्चय पर पंंजीकरण आवश्यक
जिला क्षय रोग केंद्र पर प्रत्येक टीबी मरीजों को निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण किया जाता है। इसमें छह माह तक जब तक मरीज सामान्य नही हो जाता है, तब तक विभाग की ओर से डीबीटी के माध्यम से मरीज के खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार रुपये भेजे जाते है, लेकिन पिछले एक साल से रुपये नहीं आने के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। संवाद