{"_id":"621d18e68a03954e513e84d3","slug":"25-thousand-farmers-of-125-villages-in-trouble-due-to-closure-of-fertilizer-warehouse-pilibhit-news-bly476903866","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद गोदाम बंद रहने से 125 गांव के 25 हजार किसान मुश्किल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद गोदाम बंद रहने से 125 गांव के 25 हजार किसान मुश्किल में
विज्ञापन
25 thousand farmers of 125 villages in trouble due to closure of fertilizer warehouse
बीसलपुर। विभागीय उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर स्थित केंद्रीय खाद गोदाम आए दिन बंद रहता है। इस कारण गोदाम से जुड़े 125 गांवों के 25 हजार किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि समिति परिसर स्थित केंद्रीय खाद गोदाम के प्रभारी केशव बाथम 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद गोदाम का अतिरिक्त कार्यभार गन्ना पर्यवेक्षक सौरभ कुमार को सौंपा गया। नियमानुसार यह खाद गोदाम रोजाना खुलना चाहिए लेकिन यह नियमित रूप से नहीं खुल रहा है।
बताया जाता है कि यह गोदाम सप्ताह में केवल एक दिन खुलता है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में इस गोदाम से जुड़े गन्ना किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। रोजाना किसान इस गोदाम में अपने वाहन लेकर खाद लेने आते हैं और शाम तक भटकने के बाद खाली हाथ लौट जाते हैं। किसान गन्ना विभाग के स्थानीय अधिकारियों से शिकायत तो करते हैं लेकिन उनकी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाता है। इस अव्यवस्था को लेकर किसानों में रोष है। संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद लेते हैं, लेकिन गरीब किसान इस गोदाम पर ही निर्भर हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि समिति परिसर स्थित केंद्रीय खाद गोदाम के प्रभारी केशव बाथम 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद गोदाम का अतिरिक्त कार्यभार गन्ना पर्यवेक्षक सौरभ कुमार को सौंपा गया। नियमानुसार यह खाद गोदाम रोजाना खुलना चाहिए लेकिन यह नियमित रूप से नहीं खुल रहा है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि यह गोदाम सप्ताह में केवल एक दिन खुलता है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में इस गोदाम से जुड़े गन्ना किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। रोजाना किसान इस गोदाम में अपने वाहन लेकर खाद लेने आते हैं और शाम तक भटकने के बाद खाली हाथ लौट जाते हैं। किसान गन्ना विभाग के स्थानीय अधिकारियों से शिकायत तो करते हैं लेकिन उनकी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाता है। इस अव्यवस्था को लेकर किसानों में रोष है। संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद लेते हैं, लेकिन गरीब किसान इस गोदाम पर ही निर्भर हैं। संवाद
विज्ञापन