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हड़ताल से चरमराई सरकारी चिकित्सा सेवा, मरीज रहे परेशान
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पीलीभीत। विभिन्न मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन गुरुवार को भी जारी रही। उनकी हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। टीबी अस्पताल, एनआरसी और ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर बुरा हाल है। संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अन्य संगठनों के हड़ताल में शामिल होने पर हालात और बिगड़ सकते हैं।
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड, पैथोलॉजी लैब, टीबी अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर ज्यादातार चिकित्सक, लैब टैक्नीशियन, एकाउंटेंट, नर्स आदि संविदा पर कार्यरत हैं। जिले के संविदा डॉक्टर और कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को भी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उनकी हड़ताल के चलते कई सरकारी अस्पतालों से मरीजों को बगैर दवा लिए बैरंग लौटना पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड बनावाने का कार्य, एमआर टीकाकरण अभियान, टीबी मरीज खोजी अभियान प्रभावित रहा।
इधर, एनएचएम के जिला समन्वयक (डीपीएम) के जिला परिसर स्थित कार्यालय पर तालाबंदी कराने के बाद धरने में बैठे संविदा कर्मियों को संबंधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र अस्थाना ने कहा कि सरकार कई सालों से संविदा कर्मियों का शोषण कर रही है। उन्हें न तो समय से वेतन मिलता है, और न ही प्रोन्नति। उन्होंने नियमित पदों पर समायोजन किया जाने, समान कार्य और समान वेतन लागू करने की मांग की। कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगाी। राजेश गंगवार, अंचल यादव, मोहनलाल, रविंद्र, कौशल कुमार, जुबैर, धर्मेंद्र कुमार, अबसार, अनामिका, डॉ. अनुपम, डॉ. सुधाकर, डॉ. डीपी त्रिपाठी, डॉ. देवेश गिरी, मोहनलाल, हीरेश कुमारी, अचल यादव, अनुराग आदि मौजूद रहे।
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कई संगठनों ने दिया समर्थन
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन गुरुवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष हीरेश सक्सेना, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष सादिक हुसैन, राजस्व संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सिंचाई संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र ने किया।
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जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड, पैथोलॉजी लैब, टीबी अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर ज्यादातार चिकित्सक, लैब टैक्नीशियन, एकाउंटेंट, नर्स आदि संविदा पर कार्यरत हैं। जिले के संविदा डॉक्टर और कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को भी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उनकी हड़ताल के चलते कई सरकारी अस्पतालों से मरीजों को बगैर दवा लिए बैरंग लौटना पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड बनावाने का कार्य, एमआर टीकाकरण अभियान, टीबी मरीज खोजी अभियान प्रभावित रहा।
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इधर, एनएचएम के जिला समन्वयक (डीपीएम) के जिला परिसर स्थित कार्यालय पर तालाबंदी कराने के बाद धरने में बैठे संविदा कर्मियों को संबंधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र अस्थाना ने कहा कि सरकार कई सालों से संविदा कर्मियों का शोषण कर रही है। उन्हें न तो समय से वेतन मिलता है, और न ही प्रोन्नति। उन्होंने नियमित पदों पर समायोजन किया जाने, समान कार्य और समान वेतन लागू करने की मांग की। कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगाी। राजेश गंगवार, अंचल यादव, मोहनलाल, रविंद्र, कौशल कुमार, जुबैर, धर्मेंद्र कुमार, अबसार, अनामिका, डॉ. अनुपम, डॉ. सुधाकर, डॉ. डीपी त्रिपाठी, डॉ. देवेश गिरी, मोहनलाल, हीरेश कुमारी, अचल यादव, अनुराग आदि मौजूद रहे।
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कई संगठनों ने दिया समर्थन
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन गुरुवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष हीरेश सक्सेना, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष सादिक हुसैन, राजस्व संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सिंचाई संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र ने किया।