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स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, बनाया गया आइसोलेशन वार्ड
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पीलीभीत। बरेली में स्वाइन फ्लू से सब रजिस्ट्रार डॉ. विवेक शर्मा उर्फ डिंपल शर्मा की मौत के बाद पीलीभीत जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। मरीजों के लिए जिला अस्पताल में स्थापित आइसोलेशन वार्ड में दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं। सीएमओ ने निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू का कोई भी केस सामने आने पर तुरंत सूचना देने को कहा है। सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि गंभीर रोगियों को समय पर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 9 दिसंबर 2018 तक एच-1, एन-1 एन्फ्लुएंजा के 40 मरीज मिले हैं, इनमें सात से अधिक की अब तक मृत्यु हो चुकी है। तराई का यह जिला स्वाइन फ्लू के मामले में अति संवदेनशील माना जाता है। इस बीमारी से निपटने के लिए जिला अस्पताल परिसर के संक्रामक वार्ड में छह बेड का एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां जांच किट के साथ ही दवाइयां उपलब्ध हैं। हालांकि चार साल से जिले में स्वाइन फ्लू का कोई रोगी सामने नहीं आया है, लेकिन बरेली में सब रजिस्ट्रार की मौत के बाद एहतियातन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एच1 एन1 वायरस से पैदा होने वाला तीव्र संक्रामक रोग है। इसके लिए मौजूदा मौसम सर्वाधिक अनुकूल माना जाता है। इस मौसम में इसके फैलने की आशंका बनी रहती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है वे जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। नियमित बुखार, खांसी, गले में खराश को नजरअंदाज न करें। यह स्वाइन एन्फ्लूएंजा के लक्षण हो सकते हैं। एच 1 एन 1 वायरस मानव शरीर के कई अंगों पर हमला करके उनकी क्रियाशीलता को खत्म कर देता है। इससे पीड़ित की जान चली जाती है। देरी की सूरत में आसपास के लोग भी इस फ्लू की चपेट में आ सकते है।
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सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 9 दिसंबर 2018 तक एच-1, एन-1 एन्फ्लुएंजा के 40 मरीज मिले हैं, इनमें सात से अधिक की अब तक मृत्यु हो चुकी है। तराई का यह जिला स्वाइन फ्लू के मामले में अति संवदेनशील माना जाता है। इस बीमारी से निपटने के लिए जिला अस्पताल परिसर के संक्रामक वार्ड में छह बेड का एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां जांच किट के साथ ही दवाइयां उपलब्ध हैं। हालांकि चार साल से जिले में स्वाइन फ्लू का कोई रोगी सामने नहीं आया है, लेकिन बरेली में सब रजिस्ट्रार की मौत के बाद एहतियातन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
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क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एच1 एन1 वायरस से पैदा होने वाला तीव्र संक्रामक रोग है। इसके लिए मौजूदा मौसम सर्वाधिक अनुकूल माना जाता है। इस मौसम में इसके फैलने की आशंका बनी रहती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है वे जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। नियमित बुखार, खांसी, गले में खराश को नजरअंदाज न करें। यह स्वाइन एन्फ्लूएंजा के लक्षण हो सकते हैं। एच 1 एन 1 वायरस मानव शरीर के कई अंगों पर हमला करके उनकी क्रियाशीलता को खत्म कर देता है। इससे पीड़ित की जान चली जाती है। देरी की सूरत में आसपास के लोग भी इस फ्लू की चपेट में आ सकते है।
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