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साइकिल पर सवार होकर गश्त पर निकले सिपाही तो मचा शोर

Mon, 15 Oct 2018 11:45 PM IST
Updated Mon, 15 Oct 2018 11:45 PM IST
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साइकिल पर सवार होकर गश्त पर निकले सिपाही तो मचा शोर
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नई साइकिलों से सड़क पर निकले सिपाही तो चौंके लोग
लखनऊ कांड के विरोध से जोड़कर की जा रही चर्चा
अफसरों तक पहुंचा मामला तो सिपाही साध गए चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर (पीलीभीत)। कई साल बाद पुलिसकर्मियों को साइकिल पर सवार होकर सड़कों पर घूमता देख लोग चौंक गए। इससे जहां पुराने जमाने की पुलिसिंग याद आ गई वहीं कई लोग लखनऊ के विवेक तिवारी हत्याकांड से जोड़ ले गए। इसे जेल भेजे गए सिपाही प्रशांत के पक्ष में विरोध जताने का तरीका बताया जाने लगा। कुछ ही देर में इसकी चर्चा जिले में फैल गई। अफसरों तक मामला पहुंचा तो उन्होंने बचाव करते हुए लखनऊ कांड से जोड़कर चल रही चर्चाओं को नकार दिया।
एक समय था जब पुलिसकर्मी साइकिल पर सवार होकर गश्त पर निकलते थे। इसके बाद हाईटेक पुलिसिंग में वक्त के साथ तरीका बदलता चला गया। बाइक, चार पहिया वाहन गश्त का जरिया बने। इक्का-दुक्का पुराने पुलिसकर्मी आज भी साइकिल चलाते दिखते हैं पर सोमवार को जो नजारा पूरनपुर की सड़कों पर दिखा वह चौंकाने वाला ही था। कोतवाली के कुछ सिपाही एक साथ साइकिल पर सवार होकर सड़क पर घूमते दिखे। ये सभी सिपाही युवा थे। सभी के पास साइकिलें भी नई थीं जिनकी अभी तक पॉलिथीन तक नहीं उतारी गई थी। सिपाहियों के साइकिल से घूमने की चर्चा जब अफसरों तक पहुंची तो विभाग में खलबली मच गई है। एक तरफ जहां जिम्मेदार अधिकारी स्वेच्छा से साइकिल चलाने की मंशा जताते हुए बयान दे रहे हैं, वहीं फोटो में साइकिल पर सवार दिखाई दे रहे कोतवाली के सिपाही शाम को साइकिल चलाने की बात से ही इनकार करने लगे। सभी ने पूरे मामले को लेकर चुप्पी साध ली है।
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वर्जन
सिपाही स्वेच्छा से साइकिल पर सवार होकर निकले हैं तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। अगर अनुशासनहीनता को लेकर कुछ प्रकाश में आता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। - बालेंदु भूषण सिंह, एसपी
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पुलिसकर्मियों को हर माह साइकिल का ही मेंटीनेंस मिलता है। पहले साइकिलें भी दी गई थीं। किसी तरह के विरोध का मामला नहीं है। वह अपनी स्वेच्छा से साइकिल चला रहे हैं। सुबह एक शोभायात्रा भी निकली थी, हो सकता है कुछ सिपाही उसमें साइकिल लेकर चले गए हों। - केके तिवारी, कोतवाल पूरनपुर
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