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चालीस लाख की सड़क पहली बरसात में हुई खस्ताहाल
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:36 PM IST
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14 पीबीटीपी 24
पहली बरसात में उधड़ी चालीस लाख की सड़क
अभियंताओं की गैर जिम्मेदारी से उजागर हुई लापरवाही
बाइफरकेशन से शारदा डैम जाने वाला मार्ग गड्ढों में हो रहा तबदील
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सरकार और उसके नुमाइंदे जहां एक ओर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे कर रहे हैं वहीं शारदा सागर खंड द्वारा बरसात से पहले बनाई 40 लाख की लागत से बाइफरकेशन-शारदा डैम जाने वाली पांच किलोमीटर की सड़क एक बरसात भी नहीं झेल सकी। मार्ग जगह-जगह से उखड़ने के साथ गड्ढों में तबदील होने लगा है। ऐसे में लंबे अरसे के बाद राहत महसूस करने वाली तराई की जनता के चेहरों पर फिर मायूसी छाने लगी है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नौ से अधिक गांवों की जनता को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति से गुजर रहा था। क्षेत्र के बाशिंदों की लंबे समय तक मांग करने के बाद शासन ने मार्ग को मंजूरी दे दी। बरसात से पूर्व ही शारदा सागर खंड द्वारा 40 लाख की लागत से बाइफरकेशन से शारदा डैम तक पांच किलोमीटर की लंबाई में इस मार्ग का निर्माण कराया गया। निर्माणकार्य में अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह रहा कि यहां कोई अभियंता मौजूद नहीं रहता था। लोग निर्माण कार्य में घपलेबाजी किए जाने की आवाज उठाते रहे, लेकिन ठेकेदार कंपनी की मनमर्जी के आगे एक की ना चल सकी। जिसका नतीजा यह निकला कि पहली बरसात में ही मार्ग जगह-जगह से उखड़ने पर गड्ढे होने लगे।
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लापरवाही छिपाने को शुरू कराया पेंटिंग कार्य
पहली बरसात में ही मार्ग उखड़ जाने से सिंचाई विभाग ने कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई करने के बजाय फजीहत के डर से आननफानन में लापरवाही को छिपाना शुरू कर दिया। दो दिन पूर्व से मार्ग पर हुए गड्ढों को भरने के लिए पेंटिंग कार्य शुरू करवा दिया गया। हालांकि मार्ग की स्थिति देख क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश पैदा हो गया।
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दूसरे डिवीजन की भी लापरवाही हुई उजागर
सरकार ने गड्ढामुक्त अभियान के तहत बाइफरकेशन से जनपद सीमा तक मार्ग की पेंटिंग मरम्मत का जिम्मा सिंचाई विभाग की द्वितीय सब डिवीजन हेड वर्क्स खंड को दिया था। यहां भी अभियंताओं की लापरवाही का नतीजा यह निकला की एक करोड़ रुपये खर्च कर कराई गई सड़क मरम्मत भी पूरी तरह से फेल हो गई। मार्ग पर की गई अधिकतर पेंटिंग उखड़ गई है। ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए निर्माण कार्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर कर रहे हैं। खास बात यह हैं कि लापरवाही उजागर होने के बाद भी किसी मामले में कोई जांच नहीं कराई जा रही हैं।
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14 पीबीटीपी 25
क्षेत्र के लोग बोले की गई घोर लापरवाही
लंबे अरसे के बाद बने इस मार्ग के निर्माण में घपलेबाजी की गई है। अधिकारियों ने भी निर्माण के समय गंभीरता नहीं दिखाई जिसका नतीजा यह निकला की मार्ग एक बरसात में ही उखड़ गया है। इस मामले में शासन स्तर पर शिकायत की जाएगी।
अरुण विश्वास, नौजल्हा
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14 पीबीटीपी 26
तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग फिर जर्जर हो गया। निर्माण में लगाई कार्यदायी संस्था द्वारा घोर घपलेबाजी की गई। हम लोग इसकी आवाज भी उठाते रहे, लेकिन अधिकारियों ने सब अनसुना कर दिया। नतीजा यह निकला की मार्ग फिर जर्जर होने लगा है।
शंकर राय, पूर्व प्रधान, गभिया सहराई
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वर्जन
शारदा सागर डैम को जाने वाले मार्ग पर कुछ जगहों पर गड्ढे हो जाने की जानकारी के बाद अभियंताओं को भेजकर दिखवाया गया है। मार्ग पर स्थिति को देख पेंटिंग कार्य शुरू करा दिया गया है। यदि ठेकेदार ने गलत कार्य किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- धर्म घोष, सहायक अभियंता प्रथम, शारदा सागर खंड, बाइफरकेशन
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पहली बरसात में उधड़ी चालीस लाख की सड़क
अभियंताओं की गैर जिम्मेदारी से उजागर हुई लापरवाही
बाइफरकेशन से शारदा डैम जाने वाला मार्ग गड्ढों में हो रहा तबदील
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सरकार और उसके नुमाइंदे जहां एक ओर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे कर रहे हैं वहीं शारदा सागर खंड द्वारा बरसात से पहले बनाई 40 लाख की लागत से बाइफरकेशन-शारदा डैम जाने वाली पांच किलोमीटर की सड़क एक बरसात भी नहीं झेल सकी। मार्ग जगह-जगह से उखड़ने के साथ गड्ढों में तबदील होने लगा है। ऐसे में लंबे अरसे के बाद राहत महसूस करने वाली तराई की जनता के चेहरों पर फिर मायूसी छाने लगी है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नौ से अधिक गांवों की जनता को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति से गुजर रहा था। क्षेत्र के बाशिंदों की लंबे समय तक मांग करने के बाद शासन ने मार्ग को मंजूरी दे दी। बरसात से पूर्व ही शारदा सागर खंड द्वारा 40 लाख की लागत से बाइफरकेशन से शारदा डैम तक पांच किलोमीटर की लंबाई में इस मार्ग का निर्माण कराया गया। निर्माणकार्य में अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह रहा कि यहां कोई अभियंता मौजूद नहीं रहता था। लोग निर्माण कार्य में घपलेबाजी किए जाने की आवाज उठाते रहे, लेकिन ठेकेदार कंपनी की मनमर्जी के आगे एक की ना चल सकी। जिसका नतीजा यह निकला कि पहली बरसात में ही मार्ग जगह-जगह से उखड़ने पर गड्ढे होने लगे।
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लापरवाही छिपाने को शुरू कराया पेंटिंग कार्य
पहली बरसात में ही मार्ग उखड़ जाने से सिंचाई विभाग ने कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई करने के बजाय फजीहत के डर से आननफानन में लापरवाही को छिपाना शुरू कर दिया। दो दिन पूर्व से मार्ग पर हुए गड्ढों को भरने के लिए पेंटिंग कार्य शुरू करवा दिया गया। हालांकि मार्ग की स्थिति देख क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश पैदा हो गया।
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दूसरे डिवीजन की भी लापरवाही हुई उजागर
सरकार ने गड्ढामुक्त अभियान के तहत बाइफरकेशन से जनपद सीमा तक मार्ग की पेंटिंग मरम्मत का जिम्मा सिंचाई विभाग की द्वितीय सब डिवीजन हेड वर्क्स खंड को दिया था। यहां भी अभियंताओं की लापरवाही का नतीजा यह निकला की एक करोड़ रुपये खर्च कर कराई गई सड़क मरम्मत भी पूरी तरह से फेल हो गई। मार्ग पर की गई अधिकतर पेंटिंग उखड़ गई है। ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए निर्माण कार्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर कर रहे हैं। खास बात यह हैं कि लापरवाही उजागर होने के बाद भी किसी मामले में कोई जांच नहीं कराई जा रही हैं।
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14 पीबीटीपी 25
क्षेत्र के लोग बोले की गई घोर लापरवाही
लंबे अरसे के बाद बने इस मार्ग के निर्माण में घपलेबाजी की गई है। अधिकारियों ने भी निर्माण के समय गंभीरता नहीं दिखाई जिसका नतीजा यह निकला की मार्ग एक बरसात में ही उखड़ गया है। इस मामले में शासन स्तर पर शिकायत की जाएगी।
अरुण विश्वास, नौजल्हा
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14 पीबीटीपी 26
तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला एक मात्र मार्ग फिर जर्जर हो गया। निर्माण में लगाई कार्यदायी संस्था द्वारा घोर घपलेबाजी की गई। हम लोग इसकी आवाज भी उठाते रहे, लेकिन अधिकारियों ने सब अनसुना कर दिया। नतीजा यह निकला की मार्ग फिर जर्जर होने लगा है।
शंकर राय, पूर्व प्रधान, गभिया सहराई
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वर्जन
शारदा सागर डैम को जाने वाले मार्ग पर कुछ जगहों पर गड्ढे हो जाने की जानकारी के बाद अभियंताओं को भेजकर दिखवाया गया है। मार्ग पर स्थिति को देख पेंटिंग कार्य शुरू करा दिया गया है। यदि ठेकेदार ने गलत कार्य किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
- धर्म घोष, सहायक अभियंता प्रथम, शारदा सागर खंड, बाइफरकेशन