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बाघ दिखने से क्षेत्र में दहशत
Updated Sat, 24 Mar 2018 07:47 PM IST
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बाघ दिखने से क्षेत्र में दहशत
अमरिया। एक सप्ताह पूर्व दो महिलाओं पर हुए बाघ के हमले की घटनाओं के बाद से क्षेत्र में दहशत है। डर के कारण किसान खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं। शुक्रवार शाम को क्षेत्र में पुन: बाघ दिखने से दहशत फैल गई। गांव तिरकुनियां नसीर निवासी अनीसुर्रहमान के आम के बाग में मसूर की गहाई कर रहे मजदूर कुछ दूरी पर स्थित प्रधान अनीस अहमद खेतों में बाघ देखा। यह बाघ अनीस अहमद के खेतों से निकलकर चकरोड पर होते हुए मोहम्मद खालिक के गेहूं के खेत में चल गया। बाघ को देखते ही मजदूर काम छोड़कर भाग गए। सूचना मिलने पर शनिवार को सुबह बाघ निगरानी टीम के टीकाराम व नवीशेर गांव पहुंचे। लोगों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने क्षेत्र में बाघ की तलाश की लेकिन न तो बाघ दिखा और ही कहीं उसके पदचिह्न मिले।
घुंघचाई। घुंघचाई-दियूरिया मार्ग पर जंगल में कठौआ पुल के समीप शनिवार करीब सवा दो बजे जंगल से निकला बाघ सड़क पर आ बैठा। बाघ के सड़क पर होने से करीब डेढ़ घंटे आवागमन ठप रहा। क्षेत्र रेंजर जीपी पांडेय ने बताया कि सुबह एक बाघ देखा गया था। दोपहर को कोई बाघ नहीं देखा गया। अफवाह पर वहां भीड़ एकत्र हो गई थी।
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अमरिया। एक सप्ताह पूर्व दो महिलाओं पर हुए बाघ के हमले की घटनाओं के बाद से क्षेत्र में दहशत है। डर के कारण किसान खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं। शुक्रवार शाम को क्षेत्र में पुन: बाघ दिखने से दहशत फैल गई। गांव तिरकुनियां नसीर निवासी अनीसुर्रहमान के आम के बाग में मसूर की गहाई कर रहे मजदूर कुछ दूरी पर स्थित प्रधान अनीस अहमद खेतों में बाघ देखा। यह बाघ अनीस अहमद के खेतों से निकलकर चकरोड पर होते हुए मोहम्मद खालिक के गेहूं के खेत में चल गया। बाघ को देखते ही मजदूर काम छोड़कर भाग गए। सूचना मिलने पर शनिवार को सुबह बाघ निगरानी टीम के टीकाराम व नवीशेर गांव पहुंचे। लोगों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने क्षेत्र में बाघ की तलाश की लेकिन न तो बाघ दिखा और ही कहीं उसके पदचिह्न मिले।
घुंघचाई। घुंघचाई-दियूरिया मार्ग पर जंगल में कठौआ पुल के समीप शनिवार करीब सवा दो बजे जंगल से निकला बाघ सड़क पर आ बैठा। बाघ के सड़क पर होने से करीब डेढ़ घंटे आवागमन ठप रहा। क्षेत्र रेंजर जीपी पांडेय ने बताया कि सुबह एक बाघ देखा गया था। दोपहर को कोई बाघ नहीं देखा गया। अफवाह पर वहां भीड़ एकत्र हो गई थी।
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