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वनराज के लिए खतरा बन रहे जंगली सुअर!
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Mon, 16 Apr 2018 06:34 PM IST
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जिले के टाइगर रिजर्व के जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहे बाघ व तेंदुए के लिए जंगली सुअर खतरा बनते जा रहे हैं। अपनी भूख मिटाने के लिए बाघ भले ही जंगली सुअर को शिकार बना ले रहा है, लेकिन मरने के बाद भी सुअर बाघों, तेंदुओं को भी मौत की नींद सुला सकता है। ऐसा हम नहीं कह रहे। हाल ही में एक मादा शावक की मौत के बाद आईवीआरआई बरेली में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कुछ ऐसे ही संकेत मिले हैं। जिसके बाद जिले के जंगल में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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मादा शावक की मौत के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत खतरनाक वायरस के कारण होना पाया गया। यह जानलेवा वायरस प्राय: जंगली सुअरों में जाया जाता है। इससे संभावना व्यक्त की जा रही है कि अन्य पशुओं में भी यह वायरस फैल सकता है। ऐसे में वनविभाग ने सभी रेंजों में एलर्ट जारी किया है। इसमें फील्ड स्टॉफ को चौकसी बढ़ाने एवं बीमार, कमजोर हालत में बाघ या तेंदुए दिखने पर तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जंगल से सटे ग्रामों में चोरी छिपे जंगली सूअर का शिकार करने वालों को उसका मांस न खाने की हिदायत दी गई है।
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बाघ व तेंदुआ का सबसे प्रिय शिकार तृणभोजी वन्यजीव व सुअर होते हैं। पिछले दिनों बराही रेंज के निकट खारजा नहर पटरी पर मृत मिले मादा शावक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जंगली सुअरों का मांस ही उसके लिए जानलेवा साबित हुआ है। शावक की जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आईवीआरआई से प्राप्त हुई है उसके अनुसार शावक की मौत का प्रमुख कारण उसके शरीर में खतरनाक वायरस (टाक्सीकरण कैटी, साइरोपेट्रा, साइक्लोटोमा, डायलोफ्लेरिया) के होने से हुई पाई गई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यह वायरस बाघ के शरीर में सुअर का शिकार कर उसका मांस खाने से उसके शरीर में पहुंचा होगा। इस रिपोर्ट के आनेे के बाद से टाइगर रिजर्व के अधिकारी सकते में हैं, क्योंकि बाघ तृणभोजी से ज्यादा जंगली सुअरों का मांस पंसद करते हैं और इनके शिकार के चक्कर में अक्सर इनके पीछे जंगल से बाहर खेतों तक पहुंच जाते हैं। इसको लेकर फिलहाल टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सभी रेंजों में एलर्ट जारी किया है। इसमें वनकर्मियों को जंगल में गश्त में विशेष सावधानी बरतने एवं गश्त के दौरान बाघ या तेंदुए के बीमार, कमजोर दिखने अथवा उसे चलने-फिरने में दिक्कत महसूस होने पर तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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बराही रेंजर ने ली कर्मचारियों की बैठक
टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी होने के बाद बराही रेंजर अनिल शाह ने स्टॉफ की बैठक कर शावक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी। साथ ही सभी वनकर्मियों से इस गश्त के दौरान वन्यजीवों विशेष कर बाघ तेंदुओं के हालात पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टॉफ से जंगल से सटे क्षेत्र के प्रधानों के माध्यम से ग्रामीणों को भी अलर्ट किया है ताकि चोरी छिपे जंगली सुअर का शिकार करने वाले लोग इसका मांस न खाएं क्यों कि उनमें भी बीमारी फैल सकती है।
शावक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर में जंगली सुअरों से फैलने वाले वायरस पाए गए हैं। यह वन्यजीवों के साथ मनुष्यों के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इसको देखते हुए अलर्ट किया गया है। अनिल शाह, वनक्षेत्राधिकारी, बराही रेंज