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एक चिकित्साधिकारी के सहारें तीन अस्पताल
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:20 AM IST
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एक चिकित्साधिकारी के सहारे तीन अस्पताल
नियम अनुसार दो से ज्यादा अस्पतालों का नहीं मिल सकता चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बीसलपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भले ही कितने दावे किये जाएं लेकिन असलियत इसके विपरीत है। इस बानगी देखते बनती है सरकारी अस्पतालों में जहां एक चिकित्साधिकारी के सहारे तीन तीन चिकित्सालय चल रहे हैं, जिससे तीनों चिकित्सालयों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
विभाग ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मोहम्मदपुर भजा के प्रभारी चिकित्साधिकारी हरीशंकर को बीसलपुर और करेली के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों का अतिरिक्त चार्ज भी दे रखा है। नियमानुसार डॉ. हरीशंकर को सप्ताह में दो-दो दिन तीनों अस्पतालों में बैठना चाहिए, लेकिन अज्ञात कारणवश वह इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। वह मोहम्मदपुर भजा के अस्पताल में ज्यादा समय देते हैं। नियमानुसार एक चिकित्साधिकारी पर अधिकतम दो अस्पतालों का ही चार्ज रह सकता है, लेकिन यहां इस नियम का भी पालन नहीं हो पा रहा है। एक चिकित्साधिकारी के पास तीन-तीन अस्पतालों का चार्ज होने के कारण तीनों अस्पतालों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि इस बीच मुन्ना बाबू, आनंद कुमार और विवेक कुमार समेत कई प्रमुख लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क साधकर तीनों अस्पतालों में अलग-अलग डॉक्टर तैनात कराने की मांग की लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है, जिससे समस्या बरकरार है और लोगों में विभाग के प्रति रोष है। इस बाबत जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी मीरा वर्मा ने बताया कि विभाग के पास डॉक्टरों की काफी कमी है। कमी दूर होते ही इन तीनों अस्पतालों में अलग-अलग डॉक्टर तैनात कर दिए जाएंगे।
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नियम अनुसार दो से ज्यादा अस्पतालों का नहीं मिल सकता चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बीसलपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भले ही कितने दावे किये जाएं लेकिन असलियत इसके विपरीत है। इस बानगी देखते बनती है सरकारी अस्पतालों में जहां एक चिकित्साधिकारी के सहारे तीन तीन चिकित्सालय चल रहे हैं, जिससे तीनों चिकित्सालयों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
विभाग ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मोहम्मदपुर भजा के प्रभारी चिकित्साधिकारी हरीशंकर को बीसलपुर और करेली के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों का अतिरिक्त चार्ज भी दे रखा है। नियमानुसार डॉ. हरीशंकर को सप्ताह में दो-दो दिन तीनों अस्पतालों में बैठना चाहिए, लेकिन अज्ञात कारणवश वह इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। वह मोहम्मदपुर भजा के अस्पताल में ज्यादा समय देते हैं। नियमानुसार एक चिकित्साधिकारी पर अधिकतम दो अस्पतालों का ही चार्ज रह सकता है, लेकिन यहां इस नियम का भी पालन नहीं हो पा रहा है। एक चिकित्साधिकारी के पास तीन-तीन अस्पतालों का चार्ज होने के कारण तीनों अस्पतालों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि इस बीच मुन्ना बाबू, आनंद कुमार और विवेक कुमार समेत कई प्रमुख लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क साधकर तीनों अस्पतालों में अलग-अलग डॉक्टर तैनात कराने की मांग की लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हो पाई है, जिससे समस्या बरकरार है और लोगों में विभाग के प्रति रोष है। इस बाबत जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी मीरा वर्मा ने बताया कि विभाग के पास डॉक्टरों की काफी कमी है। कमी दूर होते ही इन तीनों अस्पतालों में अलग-अलग डॉक्टर तैनात कर दिए जाएंगे।
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