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सीएम योगी की घोषणा से वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों की बढ़ी आस
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Tue, 03 Apr 2018 07:39 PM IST
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प्रदेश सरकार के एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सरकारी भूमि पर काबिज लोगों को न उजाड़ने व उन्हें पट्टे करने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों को भी उम्मीद बंधी है कि अब उन्हें भी यहां से नहीं उजाड़ा जाएगा। हालांकि एंटी भूमाफिया अभियान के तहत 350 अवैध कब्जेदारों के नाम सूचीबद्ध हो चुके हैं।
शारदा सागर डैम के 600 फिट चौड़ाई वाले वर्जित क्षेत्र में जीरो से लेकर दस किलोमीटर तक करीब 550 परिवार व दस से 17 किमी तक करीब 350 परिवार अवैध रूप से झोपड़ियां व पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध कब्जे हटाने को एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। जिसके चलते शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में लंबे अरसे से अवैध रूप से काबिज परिवारों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी। सिंचाई विभाग व राजस्व प्रशासन ने करीब दो माह पूर्व एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई करते हुए वर्जित क्षेत्र में बसे 350 अवैध कब्जेदारों को चिह्नित करते हुए इसकी सूची एनआईसी के वेबपोर्टल पर कार्रवाई के लिए अपलोड कर दी। इसके कुछ दिन बाद ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर सभी अवैध कब्जेदारों को विभागीय नोटिस जारी किए जाने लगे। इसको लेकर अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। उन्हें यह चिंता सताने लगी कि अब यहां से उन्हें हर हाल में उजाड़ दिया जाएगा। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का एक साल पूरा होने पर कई घोषणाएं की। जिसमें यह भी घोषणा की गई कि यदि कहीं किसी सरकारी भूमि पर गरीब लोग काबिज हैं तो उन्हें उस भूमि का पट्टा कर दिया जाएगा और बेदखल नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद बेदखली के खौफ से मुरझाएं चेहरों पर भी रौनक लौटी देखी जा रही है। वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों को उम्मीद है कि अब शायद उनको यहां से उजाड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अब देखना यह है कि इन परिवारों पर एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई की जाएगी या नहीं, या फिर मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक उनको यहां रहने का पूरा अधिकार मिल जाएगा। यह आने वाले वक्त में ही पता चल सकेगा। फिलहाल यहां अवैध रूप से काबिज लोगों का कहना है कि यदि उनको यहां से हटाया जाए तो उन्हें रमनगरा क्षेत्र में गाटा संख्या 149 समेत अन्य खाली भूमि पर स्थायी रूप से बसाया जाए।
शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में काबिज रहने का कोई औचित्य नहीं है और न ही इस भूमि पर पट्टे किए जा सकते हैं। समस्या को देखते हुए बरसों पूर्व सिंचाई विभाग ने अपनी 1171 एकड़ भूमि भूमिहीनों को कृषि पट्टे करने को राजस्व विभाग को ट्रांसफर भी कर दी थी।
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धर्म घोष, सहायक अभियंता प्रथम, शारदा सागर खंड
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शारदा सागर डैम के 600 फिट चौड़ाई वाले वर्जित क्षेत्र में जीरो से लेकर दस किलोमीटर तक करीब 550 परिवार व दस से 17 किमी तक करीब 350 परिवार अवैध रूप से झोपड़ियां व पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध कब्जे हटाने को एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया। जिसके चलते शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में लंबे अरसे से अवैध रूप से काबिज परिवारों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी। सिंचाई विभाग व राजस्व प्रशासन ने करीब दो माह पूर्व एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई करते हुए वर्जित क्षेत्र में बसे 350 अवैध कब्जेदारों को चिह्नित करते हुए इसकी सूची एनआईसी के वेबपोर्टल पर कार्रवाई के लिए अपलोड कर दी। इसके कुछ दिन बाद ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर सभी अवैध कब्जेदारों को विभागीय नोटिस जारी किए जाने लगे। इसको लेकर अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। उन्हें यह चिंता सताने लगी कि अब यहां से उन्हें हर हाल में उजाड़ दिया जाएगा। इधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का एक साल पूरा होने पर कई घोषणाएं की। जिसमें यह भी घोषणा की गई कि यदि कहीं किसी सरकारी भूमि पर गरीब लोग काबिज हैं तो उन्हें उस भूमि का पट्टा कर दिया जाएगा और बेदखल नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद बेदखली के खौफ से मुरझाएं चेहरों पर भी रौनक लौटी देखी जा रही है। वर्जित क्षेत्र में बसे लोगों को उम्मीद है कि अब शायद उनको यहां से उजाड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अब देखना यह है कि इन परिवारों पर एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई की जाएगी या नहीं, या फिर मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक उनको यहां रहने का पूरा अधिकार मिल जाएगा। यह आने वाले वक्त में ही पता चल सकेगा। फिलहाल यहां अवैध रूप से काबिज लोगों का कहना है कि यदि उनको यहां से हटाया जाए तो उन्हें रमनगरा क्षेत्र में गाटा संख्या 149 समेत अन्य खाली भूमि पर स्थायी रूप से बसाया जाए।
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शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में काबिज रहने का कोई औचित्य नहीं है और न ही इस भूमि पर पट्टे किए जा सकते हैं। समस्या को देखते हुए बरसों पूर्व सिंचाई विभाग ने अपनी 1171 एकड़ भूमि भूमिहीनों को कृषि पट्टे करने को राजस्व विभाग को ट्रांसफर भी कर दी थी।
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धर्म घोष, सहायक अभियंता प्रथम, शारदा सागर खंड