{"_id":"59c9609d4f1c1b7a548b4636","slug":"181506369693-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलीला मे राम वनवास, राजा दशरथ की मृत्यु, राम भरत मिलाप तक की लीला का हुआ मंचन।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामलीला मे राम वनवास, राजा दशरथ की मृत्यु, राम भरत मिलाप तक की लीला का हुआ मंचन।
Updated Tue, 26 Sep 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में कैकेयी के वरदान मांगने पर राम वनवास, पुत्र वियोग में राजा दशरथ की मृत्यु एवं राम भरत मिलाप की लीला का मंचन किया।
नगर में गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में रविवार की रात्रि रामलीला का शुभारंभ मुकेश भारद्वाज ने राम लक्ष्मण, सीता की आरती एवं दीप प्रज्वलन कर किया। दासी मंथरा द्वारा कैकेयी को भड़काने पर दो वरदानों के रूप में राम को वनवास एवं भरत को राज गद्दी के लिए कहा गया। कैकेयी ने दशरथ से दो वरदान के रूप में राम वनवास एवं भरत को राज गददी मांगी। काफी कहने के बावजूद जब रानी कैकेयी नही मानी तो राजा दशरथ ने राम वनवास और भरत को राज गददी की घोषणा की। इसके चलते राम लक्ष्मण सीता के साथ वनवास के लिए निकल पड़ते हैं। जहां राजा गू राम लक्ष्मण, सीता को गंगा पार कराते हैं और वह पंचवटी पहुंच जाते हैं। जब ननिहाल से भरत अयोध्या लौटते हैं। तो वह राज सिंहासन संभालने से इंकार कर राम को वापस लाने के लिए पंचवटी पहुंचते हैं। इनके निरंतर कहने के बाद राम के मना करने पर वह उनके खड़ाऊ लेकर अयोध्या वापस लौट आते हैं। इस दौरान डायरेक्टर उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, प्रधान नितिन जैन, पुष्पेंद्र कुमार, नरेंद्र शर्मा, तरुण गुप्ता, सुनील दत्त शर्मा, प्रवेश शर्मा, सुनील रूहैला, अतुल रूहैला, मुंशी जैन, श्रद्वानंद पांचाल, राजू पांचाल, पीयूष शर्मा, अनिरुद्ध गौड़ आदि रहे।
विज्ञापन
श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में कैकेयी के वरदान मांगने पर राम वनवास, पुत्र वियोग में राजा दशरथ की मृत्यु एवं राम भरत मिलाप की लीला का मंचन किया।
नगर में गांधी प्याऊ पर श्री धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में रविवार की रात्रि रामलीला का शुभारंभ मुकेश भारद्वाज ने राम लक्ष्मण, सीता की आरती एवं दीप प्रज्वलन कर किया। दासी मंथरा द्वारा कैकेयी को भड़काने पर दो वरदानों के रूप में राम को वनवास एवं भरत को राज गद्दी के लिए कहा गया। कैकेयी ने दशरथ से दो वरदान के रूप में राम वनवास एवं भरत को राज गददी मांगी। काफी कहने के बावजूद जब रानी कैकेयी नही मानी तो राजा दशरथ ने राम वनवास और भरत को राज गददी की घोषणा की। इसके चलते राम लक्ष्मण सीता के साथ वनवास के लिए निकल पड़ते हैं। जहां राजा गू राम लक्ष्मण, सीता को गंगा पार कराते हैं और वह पंचवटी पहुंच जाते हैं। जब ननिहाल से भरत अयोध्या लौटते हैं। तो वह राज सिंहासन संभालने से इंकार कर राम को वापस लाने के लिए पंचवटी पहुंचते हैं। इनके निरंतर कहने के बाद राम के मना करने पर वह उनके खड़ाऊ लेकर अयोध्या वापस लौट आते हैं। इस दौरान डायरेक्टर उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, प्रधान नितिन जैन, पुष्पेंद्र कुमार, नरेंद्र शर्मा, तरुण गुप्ता, सुनील दत्त शर्मा, प्रवेश शर्मा, सुनील रूहैला, अतुल रूहैला, मुंशी जैन, श्रद्वानंद पांचाल, राजू पांचाल, पीयूष शर्मा, अनिरुद्ध गौड़ आदि रहे।
विज्ञापन