{"_id":"5a294b354f1c1bc45b8baac9","slug":"171512655669-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तराईवासियों को जर्जर सड़क पर हिचकोले खाने से जल्द मिलेगी निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तराईवासियों को जर्जर सड़क पर हिचकोले खाने से जल्द मिलेगी निजात
Updated Thu, 07 Dec 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक करोड़ की लागत से रिपेयर होगा 37 किमी लंबा बाइरफरकेशन मार्ग
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक के लिए 56 लाख रुपये का बजट स्वीकृत
माधोटांडा। अब तराई क्षेत्र की पचास हजार की आबादी और पर्यटकों को बाइफरकेशन रोड पर हिचकोले नहीं खाने होंगे। सिंचाई विभाग की दो सब डिवीजनों के अलग-अलग भेजे गए मार्ग निर्माण के प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है। बाइफरकेशन से हरदोई ब्रांच के 37वें किमी तक पैच रिपेयरिंग के लिए एक करोड़ रुपये और बाइफरकेशन से शारदा डैम तक मार्ग निर्माण के लिए 56 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तराई क्षेत्र की नेपाल सीमा तक दर्जनों गांवों में बसी पचास हजार से अधिक आबादी के लिए जिला और तहसील मुख्यालय समेत अन्य स्थानों पर आने जाने का साधन बाइफरकेशन मार्ग ही है। पिछले कुछ वर्षों से यह मार्ग जर्जर होता जा रहा है। तराईवासी भी लंबे समय से मार्ग निर्माण की मांग करते आ रहे थे। जर्जर मार्ग के चलते तराई के अधिकांश किसान फसलों को बिक्री के लिए मंडियों तक नहीं ले जा पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें फसलें उत्तराखंड के खटीमा और किच्छा मंडियों में बेचना पड़ रही हैं। साथ ही किसानों को 15 किमी जंगल एरिया पड़ने से हर समय वन्य जीवों का खतरा मंडराता रहता है।
एक करोड़ से होगी बाइफरकेशन मार्ग की रिपेयरिंग
असम हाईवे से हरदोई ब्रांच के किनारे बाइफरकेशन तक इस मार्ग की देखरेख की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की हेड वर्क्स खंड की सब डिवीजन के अधीन हैं। पूर्व में इस मार्ग को आरईएस ने प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनवाया था। बताते हैं घटिया निर्माण होने के चलते यह मार्ग साल भर में उधड़ने लगा। उक्त सब डिवीजन ने मार्ग की मरम्मत का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। जिसके बाद 37 किमी मार्ग की मरम्मत को एक करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। महकमे के मुताबिक जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक बनेगा नया मार्ग
बाइफरकेशन से शारदा डैम के जीरो किलोमीटर तक का मार्ग भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसकी देखरेख शारदा सागर की प्रथम सब डिवीजन के पास थी। पूर्व में विभाग द्वारा इस जर्जर मार्ग के निर्माण को स्टीमेट बनाकर भेजा गया था। शासन ने 56 लाख रुपये की लागत से मार्ग निर्माण की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल सिंचाई कार्य बरेली के माध्यम से दोनों सब डिवीजनों के अलग-अलग टेंडर किए गए।
पर्यटकों को नहीं खाने होंगे हिचकोले
अब पर्यटकों को भी हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे। टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र शुरू होने के बाद पर्यटक बाइफरकेशन देखना ज्यादा पसंद करते हैं। हरे-भरे जंगलों के बीच फैला नहरों का जाल, खूबसूरत गेस्टहाउस पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। इसी मार्ग पर बाइफरकेशन से पांच किमी आगे शारदा सागर डैम है। इस मार्ग के बनने से पर्यटकों को भी खासी राहत मिल सकेगी।
सरकार ने प्रथम चरण में बाइफरकेशन से 37 किमी तक हरदोई ब्रांच के किनारे मुख्य मार्ग के बीच रिपेयरिंग को मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र कार्य शुरू कराया जाएगा।
रजनीश शर्मा, सहायक अभियंता, हेड वर्क्स खंड
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक नया मार्ग बनाने को मंजूरी मिली है। यह मार्ग 56 लाख की लागत से बनेगा। अधीक्षण अभियंता स्तर से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस पर शीघ्र काम शुरू करा दिया जाएगा।
धर्म घोष, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड
विज्ञापन
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक के लिए 56 लाख रुपये का बजट स्वीकृत
माधोटांडा। अब तराई क्षेत्र की पचास हजार की आबादी और पर्यटकों को बाइफरकेशन रोड पर हिचकोले नहीं खाने होंगे। सिंचाई विभाग की दो सब डिवीजनों के अलग-अलग भेजे गए मार्ग निर्माण के प्रस्ताव को शासन ने हरी झंडी दे दी है। बाइफरकेशन से हरदोई ब्रांच के 37वें किमी तक पैच रिपेयरिंग के लिए एक करोड़ रुपये और बाइफरकेशन से शारदा डैम तक मार्ग निर्माण के लिए 56 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तराई क्षेत्र की नेपाल सीमा तक दर्जनों गांवों में बसी पचास हजार से अधिक आबादी के लिए जिला और तहसील मुख्यालय समेत अन्य स्थानों पर आने जाने का साधन बाइफरकेशन मार्ग ही है। पिछले कुछ वर्षों से यह मार्ग जर्जर होता जा रहा है। तराईवासी भी लंबे समय से मार्ग निर्माण की मांग करते आ रहे थे। जर्जर मार्ग के चलते तराई के अधिकांश किसान फसलों को बिक्री के लिए मंडियों तक नहीं ले जा पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें फसलें उत्तराखंड के खटीमा और किच्छा मंडियों में बेचना पड़ रही हैं। साथ ही किसानों को 15 किमी जंगल एरिया पड़ने से हर समय वन्य जीवों का खतरा मंडराता रहता है।
विज्ञापन
एक करोड़ से होगी बाइफरकेशन मार्ग की रिपेयरिंग
असम हाईवे से हरदोई ब्रांच के किनारे बाइफरकेशन तक इस मार्ग की देखरेख की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की हेड वर्क्स खंड की सब डिवीजन के अधीन हैं। पूर्व में इस मार्ग को आरईएस ने प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनवाया था। बताते हैं घटिया निर्माण होने के चलते यह मार्ग साल भर में उधड़ने लगा। उक्त सब डिवीजन ने मार्ग की मरम्मत का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। जिसके बाद 37 किमी मार्ग की मरम्मत को एक करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। महकमे के मुताबिक जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक बनेगा नया मार्ग
बाइफरकेशन से शारदा डैम के जीरो किलोमीटर तक का मार्ग भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसकी देखरेख शारदा सागर की प्रथम सब डिवीजन के पास थी। पूर्व में विभाग द्वारा इस जर्जर मार्ग के निर्माण को स्टीमेट बनाकर भेजा गया था। शासन ने 56 लाख रुपये की लागत से मार्ग निर्माण की स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल सिंचाई कार्य बरेली के माध्यम से दोनों सब डिवीजनों के अलग-अलग टेंडर किए गए।
पर्यटकों को नहीं खाने होंगे हिचकोले
अब पर्यटकों को भी हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे। टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र शुरू होने के बाद पर्यटक बाइफरकेशन देखना ज्यादा पसंद करते हैं। हरे-भरे जंगलों के बीच फैला नहरों का जाल, खूबसूरत गेस्टहाउस पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। इसी मार्ग पर बाइफरकेशन से पांच किमी आगे शारदा सागर डैम है। इस मार्ग के बनने से पर्यटकों को भी खासी राहत मिल सकेगी।
सरकार ने प्रथम चरण में बाइफरकेशन से 37 किमी तक हरदोई ब्रांच के किनारे मुख्य मार्ग के बीच रिपेयरिंग को मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र कार्य शुरू कराया जाएगा।
रजनीश शर्मा, सहायक अभियंता, हेड वर्क्स खंड
बाइफरकेशन से शारदा डैम तक नया मार्ग बनाने को मंजूरी मिली है। यह मार्ग 56 लाख की लागत से बनेगा। अधीक्षण अभियंता स्तर से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इस पर शीघ्र काम शुरू करा दिया जाएगा।
धर्म घोष, सहायक अभियंता, शारदा सागर खंड