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ठेके पर काम को जल्दी निपटाने की कोशिश में हुआ हादसा!

Tue, 26 Sep 2017 10:03 AM IST
Updated Tue, 26 Sep 2017 10:03 AM IST
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ठेके पर काम को जल्दी निपटाने की कोशिश में हुआ हादसा!

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अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। हादसे में घायल होने वाले सभी गरीब परिवार से जुड़े हैं। परिवारीजनों का भरण पोषण करने के लिए रोज सुबह घर से काम की तलाश में निकलते और शाम को रुपये लेकर घर पहुंचने पर घरों का चूल्हा जलता। यही वजह है कि अपनों का बेहतर तरीके से पालन पोषण कर सके, इसके लिए खुद की जिंदगी की परवाह भी नहीं करते। इन सभी को काम के दौरान वैसे तो पहले भी छिटपुट जख्म मिल चुके हैं, लेकिन इस हादसे में आई गंभीर चोटों को देख परिवारीजनों के दिल भी दहल उठे। पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार वालों के मन में बस यही चिंता रही कि आखिर अब घायलों का बेहतर इलाज कौन कराएगा। मजदूरों की मानें तो ठेके पर हो रहे कार्य को जल्दी निपटाने की कोशिश ही हादसे की मुख्य वजह रही।
साथी मजदूर भी इसी को लेकर आपस में चर्चा करते दिखाई दिए। सीएचसी परिसर में लहूलुहान हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे परिवार वालों का विलाप गूंज रहा था। मौके पर कुछ मजदूर गाटर सही न पड़ने का जिक्र कर रहे थे। घायल मजदूर जगतपाल और भजनलाल ने बताया कि सुबह घर से मजदूरी को निकले थे। अब घायल होने के बाद भी उनको खुद के स्वास्थ्य से अधिक परिवार के भरण पोषण की चिंता सता रही है। कैसे इलाज होगा और कैसे घर का चूल्हा जलेगा..., जिसको सुनकर आसपास खड़े लोग भावुक हो उठे। उनका कहना था कि गाटर सही ढंग से न डालने को लेकर हादसा हुआ है। इतवारी लाल और देवेंद्र ने बताया कि निर्माण कार्य ठेके पर कराया जा रहा था। जल्दी काम निपटाने को लेकर बरती गई लापरवाही हादसे की वजह रही। हादसे की सूचना पूरे कस्बे में थी। पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मजदूरों की सुध लेने सीएचसी नहीं पहुंचा। खास बात रही कि निर्माण कार्य कराने वाले गोदाम मालिक और ठेकेदार खुद दो घंटे बाद पहुंचे।
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पिलर न होता तब होता बड़ा हादसा
निर्माणाधीन गोदाम में एक पिलर बीच में बनाया गया था। लिंटर ढहने पर उसकी सरिया पिलर के सहारे अटक गई। बताया जा रहा है कि अगर पिलर न होता तो बड़ा दुखद हादसा होता।
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सुध लेने नहीं पहुंचीं नोडल अधिकारी
जिले की नोडल अधिकारी डॉ. पिंकी जोवेल को सोमवार को नगर में कोतवाली के अलावा सीएचसी का निरीक्षण भी करना था। पूरे दिन इसकी तैयारी चलती रही। उनके निरीक्षण से कुछ देर पहले ही लिंटर ढहने से मजदूरों के घायल होने की घटना हो गई। इसकी जानकारी कुछ अफसरों ने उनको भी दी लेकिन नोडल अधिकारी सीएचसी का बगैर निरीक्षण किए जिला मुख्यालय को रवाना हो गई। निरीक्षण को लेकर सीएचसी में उनका इंतजार कर रहे घायलए उनके तीमारदारों को निराशा हुई।


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व्यापारी नेताओं ने जाना घायलों का हाल

हादसे की खबर मिलने के बाद जहां एक तरफ सीएचसी में घायलों के परिवारीजन आना शुरू हो गए। वहीं नगर के व्यापारी नेता भी हादसे को लेकर घायलों की स्थिति जानने पहुंचे और चिकित्सकों से बेहतर इलाज की मांग की। सीएचसी पहुंचने वालों में व्यापारी नेता विजयपाल विक्की, हाजी लाडले, सपा नेता तौफीक अहमद कादरी और पूर्व चेयरमैन मुन्ने मियां अंजाना आदि रहे।
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