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वर्षा योग समापन और पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम मनाया
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:27 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
क्षेत्र के बड़ागांव स्थित साधुवृत्ति आश्रम में वर्षा योग एवं पिच्छी परिवर्तन समारोह कार्यक्रम में भक्तों ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया।
रविवार को क्षेत्र के बड़ागांव स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज, क्षुल्लिका वीरमती माताजी एवं क्षुल्लिका संतोषमती माता जी का वर्षायोग समापन एवं पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें पंडित धनराज जैन ने विधि विधान के साथ नित्य नियम पूजा एवं मंगलाचरण कार्यक्रम कराया। कुमारी रोनक जैन, शैफाली जैन एवं स्नेहा जैन ने भजन प्रस्तुत किए।
धर्म सभा में मुनि श्री विशाल सागर जी महाराज, वारिषेण सागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में धार्मिक कार्य जरूर करने चाहिए। भलाई के कार्यों को करने के लिए कल का इंतजार मत करो। साधु संत ही हमें सही मार्ग दिखाते हैं। सभी को साधु संतों की संगति में रहना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। इसके बाद पिच्छी परिवर्तन एवं वस्त्र भेंट कार्यक्रम किया। इसमें भक्तों ने साधु संतों को पिच्छी एवं वस्त्र भेंट कर धर्म लाभ उठाया। संचालन विनय कुमार जैन ने किया। इस दौरान जनेश्वर दयाल जैन, संजीव कुमार जैन, नरेंद्र कुमार जैन, आशीष जैन, राजेंद्र कुमार जैन, पंडित धनराज जैन, अभय जैन, चमनलाल जैन, राजवती जैन, मंजू जैन, पुष्पा जैन, रजनी जैन, वंदना जैन आदि रहे।
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क्षेत्र के बड़ागांव स्थित साधुवृत्ति आश्रम में वर्षा योग एवं पिच्छी परिवर्तन समारोह कार्यक्रम में भक्तों ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया।
रविवार को क्षेत्र के बड़ागांव स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज, क्षुल्लिका वीरमती माताजी एवं क्षुल्लिका संतोषमती माता जी का वर्षायोग समापन एवं पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें पंडित धनराज जैन ने विधि विधान के साथ नित्य नियम पूजा एवं मंगलाचरण कार्यक्रम कराया। कुमारी रोनक जैन, शैफाली जैन एवं स्नेहा जैन ने भजन प्रस्तुत किए।
धर्म सभा में मुनि श्री विशाल सागर जी महाराज, वारिषेण सागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में धार्मिक कार्य जरूर करने चाहिए। भलाई के कार्यों को करने के लिए कल का इंतजार मत करो। साधु संत ही हमें सही मार्ग दिखाते हैं। सभी को साधु संतों की संगति में रहना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। इसके बाद पिच्छी परिवर्तन एवं वस्त्र भेंट कार्यक्रम किया। इसमें भक्तों ने साधु संतों को पिच्छी एवं वस्त्र भेंट कर धर्म लाभ उठाया। संचालन विनय कुमार जैन ने किया। इस दौरान जनेश्वर दयाल जैन, संजीव कुमार जैन, नरेंद्र कुमार जैन, आशीष जैन, राजेंद्र कुमार जैन, पंडित धनराज जैन, अभय जैन, चमनलाल जैन, राजवती जैन, मंजू जैन, पुष्पा जैन, रजनी जैन, वंदना जैन आदि रहे।
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