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बुखार ने ली पांच और की जान, विभाग की कोशिशें नाकाम
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:54 PM IST
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11 पीबीटीपी 15,16,17,27
तेज बुखार ने ली पांच और लोगों की जान
थम नहीं रहा बुखार से मौत का सिलसिला, जिले में अब तक दस लोगों की हो चुकी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में तेज बुखार से होने वाली मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में तेज बुखार से बीसलपुर में तीन, जिला अस्पताल व निजी अस्पताल में भर्ती दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ पिछले एक सप्ताह मेें जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ कर दस हो गई है। दर्जनों लोग अभी भी बुखार की चपेट में हैं। बुखार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिकल कैंप लगाकर उपचार का दावा कर रही है।
जिला अस्पताल में तेज बुखार से बीसलपुर के गांव रंपुराराना निवासी अंगूरा देवी (50) की मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तेज बुखार आने पर अंगूरा देवी को सुबह सीएचसी ले गए। यहां से उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके अलावा पीलीभीत शहर के मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी शिवांगी (16) की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पिता अजय कुमार ने बताया कि चार दिन पहले तेज बुखार होने पर उसे भर्ती कराया था। बीसलपुर के गांव दुवहा निवासी लालबिहारी का बेटा अमन कुमार (15) गांव बरसिया के एक प्राइवेट इंटर कालेज में कक्षा 10 का छात्र था। गांव के प्राइवेट डॉक्टर के यहां चार दिन से अमन का इलाज चल रहा था। सुधार नहीं होने पर परिवारवाले सोमवार शाम अमन को सीएचसी ले जाने लगे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। गांव रोहनिया निवासी शराफत हुसैन की पत्नी मेहरुन्निसा (35) पांच दिन से तेज बुखार की चपेट में थीं। बरेली के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। चुर्रासकतपुर कस्बा निवासी अमन पाठक ने बताया कि उनके पिता हरीश पाठक (65 ) चार दिन पूर्व तेज बुखार की चपेट में आ गए थे। कस्बे के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका उपचार होता रहा। हालत गंभीर होने पर मंगलवार को बरेली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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बीसलपुर कस्बे के एक ही मोहल्ले में कई बीमार
बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी में अल्लाह रक्खे, शबाना, असलम, लईक, बल्ले, बाबू, अरश, पलक, जूही, अकरम, खुशी, आयत, जाबिर, आसमीन, नूर हसन, शामीन, गुलचमन, फरीदा, बाजिद, उबैश, सुहैल, शकील, फरदीन, जीशान, साजिद, सरताज, अनंता, शिफा और जैनब आदि लोग तेज बुखार की चपेट में हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने बताया कि रोहनिया और दुबहा में तेज बुखार में दो लोगों के मरने की जानकारी है। दोनों गांवों में जांच के लिए कर्मचारी भेजे गए हैं। जसकरनापुर और परसिया में शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों का इलाज किया गया।
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बुखार से बालिका गंभीर, रेफर
पूरनपुर। गांव नवदिया धनेश निवासी वीरेंद्र सिंह की चार वर्षीय पुत्री आत्मा को तेज बुखार ने चपेट में ले लिया। गंभीर हालत में आत्मा को सीएचसी लाया गया। इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आत्मा की मां ने बताया कि रविवार रात करीब दो बजे बेटी को तेज बुखार आ गया। बुखार के चलते उसे दौरा पड़ने लगा। गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया।
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इलाज में लापरवाही से दम तोड़ रहे लोग
बीसलपुर व पूरनपुर ब्लाक क्षेत्र के एक दर्जन गांव के कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। यह वे गांव हैं, जहां से जिला मुख्यालय 30-35 किमी दूर है। परिवारवाले जहां मौका मिल रहा है, वहीं से दवा ले लेते हैं। बुखार उतर जाता है तो लोग घर बैठ जाते हैं। अधिक हालत बिगड़ती है तो वह मरीज को लेकर बड़े अस्पताल दौड़ते हैं। तब तक उसकी मौत हो जाती है। ऐसे में सेहत महकमे में बुखार से निपटने की तैयारी के दावे खोखले नजर आते हैं।
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सीएचसी-पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किए जा रहे मरीज
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। घर-घर लोग बीमार पड़े हैं। सीएचसी-पीएचसी पर भर्ती कराने के बजाय डॉक्टरों मरीजों को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं। बीसलपुर की अंगूरा देवी को सीएचसी से जिला अस्पातल रेफर करने की बात सामने आई वहीं पूरनपूर सीएचसी से रेफर की गई दो वर्षीय बच्ची आसमां देवी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के सभी बेड मरीजों से फुल हैं। इनमें अधिकांश मरीज सीएचसी व पीएचसी से भेज गए हैं।
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अब तक बुखार से मरने वालों की सूची
अवनीश कुमार (15) पुत्र सुरेश चंद्र निवासी मोहम्मदपुर, बीसलपुर
प्रीति देवी (16) पुत्री लालाराम, मोहल्ला दुबे, बीसलपुर
मेहरुन्निसा (35) पत्नी शराफत हुसैन, रोहनिया बीसलपुर
अंगूरा देवी (50)पत्नी बुद्वपाल] निवासी रम्पुरा राना, बीसलपुर
हरीश पाठक (65) चुर्रासकतपुर, बीसलपुर
अमन (10) पुत्र लाल बहादुर निवासी, बरसिया, बीसलपुर
शिवांगी (16)पुत्री अजय कुमार, निवासी गोपाल सिंह, पीलीभीत
वहीदुर्रहमान (55) निवासी कलीनगर
शीला पुत्री ओमकार सिंह, निवासी घुघंचाई
सुमित पुत्र रामसरन निवसी, निवासी पून्नापुर .
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बोले सीएमएस
सीएचसी से जिला अस्पताल भेजी गई अंगूरा देवी की मौत बुखार से नहीं हुई है। किसी झोलाछाप ने इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाया था। मैंने स्वयं उनकी स्थिति देखने के साथ ही परिवारवालों से भी बात की थी। बुखार से जो लोग पीड़ित हैं उनका समुचित इलाज किया जा रहा है।- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस जिला अस्पताल
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बोलीं सीएमओ
बीसलपुर व पूरनपुर में मेडिकल कैंप लगाकर दवाईयां बांटी जा रही हैं। बीसलपुर में बुखार प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया जा रहा है। पिछले चौबीस घंटे में बुखार से किसी के मरने की सूचना नहीं है। गांव पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों से बातचीत की जाएगी।- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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तेज बुखार ने ली पांच और लोगों की जान
थम नहीं रहा बुखार से मौत का सिलसिला, जिले में अब तक दस लोगों की हो चुकी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में तेज बुखार से होने वाली मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में तेज बुखार से बीसलपुर में तीन, जिला अस्पताल व निजी अस्पताल में भर्ती दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ पिछले एक सप्ताह मेें जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ कर दस हो गई है। दर्जनों लोग अभी भी बुखार की चपेट में हैं। बुखार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिकल कैंप लगाकर उपचार का दावा कर रही है।
जिला अस्पताल में तेज बुखार से बीसलपुर के गांव रंपुराराना निवासी अंगूरा देवी (50) की मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तेज बुखार आने पर अंगूरा देवी को सुबह सीएचसी ले गए। यहां से उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके अलावा पीलीभीत शहर के मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी शिवांगी (16) की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पिता अजय कुमार ने बताया कि चार दिन पहले तेज बुखार होने पर उसे भर्ती कराया था। बीसलपुर के गांव दुवहा निवासी लालबिहारी का बेटा अमन कुमार (15) गांव बरसिया के एक प्राइवेट इंटर कालेज में कक्षा 10 का छात्र था। गांव के प्राइवेट डॉक्टर के यहां चार दिन से अमन का इलाज चल रहा था। सुधार नहीं होने पर परिवारवाले सोमवार शाम अमन को सीएचसी ले जाने लगे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। गांव रोहनिया निवासी शराफत हुसैन की पत्नी मेहरुन्निसा (35) पांच दिन से तेज बुखार की चपेट में थीं। बरेली के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। चुर्रासकतपुर कस्बा निवासी अमन पाठक ने बताया कि उनके पिता हरीश पाठक (65 ) चार दिन पूर्व तेज बुखार की चपेट में आ गए थे। कस्बे के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका उपचार होता रहा। हालत गंभीर होने पर मंगलवार को बरेली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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बीसलपुर कस्बे के एक ही मोहल्ले में कई बीमार
बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी में अल्लाह रक्खे, शबाना, असलम, लईक, बल्ले, बाबू, अरश, पलक, जूही, अकरम, खुशी, आयत, जाबिर, आसमीन, नूर हसन, शामीन, गुलचमन, फरीदा, बाजिद, उबैश, सुहैल, शकील, फरदीन, जीशान, साजिद, सरताज, अनंता, शिफा और जैनब आदि लोग तेज बुखार की चपेट में हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने बताया कि रोहनिया और दुबहा में तेज बुखार में दो लोगों के मरने की जानकारी है। दोनों गांवों में जांच के लिए कर्मचारी भेजे गए हैं। जसकरनापुर और परसिया में शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों का इलाज किया गया।
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पूरनपुर। गांव नवदिया धनेश निवासी वीरेंद्र सिंह की चार वर्षीय पुत्री आत्मा को तेज बुखार ने चपेट में ले लिया। गंभीर हालत में आत्मा को सीएचसी लाया गया। इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आत्मा की मां ने बताया कि रविवार रात करीब दो बजे बेटी को तेज बुखार आ गया। बुखार के चलते उसे दौरा पड़ने लगा। गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया।
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इलाज में लापरवाही से दम तोड़ रहे लोग
बीसलपुर व पूरनपुर ब्लाक क्षेत्र के एक दर्जन गांव के कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। यह वे गांव हैं, जहां से जिला मुख्यालय 30-35 किमी दूर है। परिवारवाले जहां मौका मिल रहा है, वहीं से दवा ले लेते हैं। बुखार उतर जाता है तो लोग घर बैठ जाते हैं। अधिक हालत बिगड़ती है तो वह मरीज को लेकर बड़े अस्पताल दौड़ते हैं। तब तक उसकी मौत हो जाती है। ऐसे में सेहत महकमे में बुखार से निपटने की तैयारी के दावे खोखले नजर आते हैं।
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सीएचसी-पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किए जा रहे मरीज
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। घर-घर लोग बीमार पड़े हैं। सीएचसी-पीएचसी पर भर्ती कराने के बजाय डॉक्टरों मरीजों को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं। बीसलपुर की अंगूरा देवी को सीएचसी से जिला अस्पातल रेफर करने की बात सामने आई वहीं पूरनपूर सीएचसी से रेफर की गई दो वर्षीय बच्ची आसमां देवी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के सभी बेड मरीजों से फुल हैं। इनमें अधिकांश मरीज सीएचसी व पीएचसी से भेज गए हैं।
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अब तक बुखार से मरने वालों की सूची
अवनीश कुमार (15) पुत्र सुरेश चंद्र निवासी मोहम्मदपुर, बीसलपुर
प्रीति देवी (16) पुत्री लालाराम, मोहल्ला दुबे, बीसलपुर
मेहरुन्निसा (35) पत्नी शराफत हुसैन, रोहनिया बीसलपुर
अंगूरा देवी (50)पत्नी बुद्वपाल] निवासी रम्पुरा राना, बीसलपुर
हरीश पाठक (65) चुर्रासकतपुर, बीसलपुर
अमन (10) पुत्र लाल बहादुर निवासी, बरसिया, बीसलपुर
शिवांगी (16)पुत्री अजय कुमार, निवासी गोपाल सिंह, पीलीभीत
वहीदुर्रहमान (55) निवासी कलीनगर
शीला पुत्री ओमकार सिंह, निवासी घुघंचाई
सुमित पुत्र रामसरन निवसी, निवासी पून्नापुर .
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बोले सीएमएस
सीएचसी से जिला अस्पताल भेजी गई अंगूरा देवी की मौत बुखार से नहीं हुई है। किसी झोलाछाप ने इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाया था। मैंने स्वयं उनकी स्थिति देखने के साथ ही परिवारवालों से भी बात की थी। बुखार से जो लोग पीड़ित हैं उनका समुचित इलाज किया जा रहा है।- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस जिला अस्पताल
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बीसलपुर व पूरनपुर में मेडिकल कैंप लगाकर दवाईयां बांटी जा रही हैं। बीसलपुर में बुखार प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया जा रहा है। पिछले चौबीस घंटे में बुखार से किसी के मरने की सूचना नहीं है। गांव पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों से बातचीत की जाएगी।- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ