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नहीं मिला बजट, नहीं हुई खेलकूद प्रतियोगिता
Updated Wed, 14 Feb 2018 08:48 PM IST
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बजट के अभाव में नहीं
र्हुइं खेलकूद प्रतियोगिता
शान को भेजा गया एक लाख 75 हजार रुपये का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
ग्रामीण प्रतिभाओं और युवाओं को खेलकूद में बढ़ावा देने के लिए युवा कल्याण विभाग कार्यरत है। लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी के कारण बजट के अभाव में पिछले दो साल से ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं धन के अभाव में रोक दी गई हैं। अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से इन प्रतियोगिताओं के लिए धनराशि मुहैया नहीं कराई गई।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र में खेल की स्थिति बहुत खराब है। यहां के खिलाड़ी प्रशिक्षण और मौके के अभाव में खेल छोड़ने को मजबूर हैं। जो आगे बढ़ना चाहते हैं उन्हें गांव छोड़ना पड़ता है। हालांकि खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए युवा कल्याण विभाग है, लेकिन वह भी इन दिनों बजट का रोना रो रहा है। जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह गंगवार का कहना है कि ब्लॉक और जिला स्तरीय वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी आदि प्रतियोगिताओं के लिए शासन को 1.75 लाख का प्रस्ताव भेजा था। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति दी लेकिन बजट नहीं मिला। उन्होंने बताया कि धन के अभाव में प्रतियोगिताएं वित्तीय वर्ष में नहीं कराई जा सकी। बिना बजट के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी और आगे बढ़ेंगी यह एक बड़ा सवाल है। अफसर बताते हैं कि शासन को संशोधित बजट की मंजूरी के लिए पत्र लिखा है। बजट मिलने के बाद नए शेड्यूल के अनुसार खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
इनसेट.........
नहीं हटा खेल के मैदान से अवैध कब्जा
बीसलपुर। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुहिचा के क्रीड़ा मैदान पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जिस कारण विद्यार्थियों को खेल की सुविधा का लाभ नहीं मिल सका पा रहा है। इसकी कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। प्रधानाचार्य जेपी गंगवार ने बताया कि विद्यालय के क्रीड़ा मैदान पर वर्ष 2014 में पड़ोसी गांव पुरैना के दो लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। उन्होंने इस पर खेती करनी शुरू कर दी। इसके बाद से कब्जे को हटवाया नहीं जा सका है। विद्यालय के पास पर्याप्त मात्रा में खेलकूद के संसाधन हैं, लेकिन मैदान पर कब्जा होने से बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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र्हुइं खेलकूद प्रतियोगिता
शान को भेजा गया एक लाख 75 हजार रुपये का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
ग्रामीण प्रतिभाओं और युवाओं को खेलकूद में बढ़ावा देने के लिए युवा कल्याण विभाग कार्यरत है। लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी के कारण बजट के अभाव में पिछले दो साल से ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं धन के अभाव में रोक दी गई हैं। अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से इन प्रतियोगिताओं के लिए धनराशि मुहैया नहीं कराई गई।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र में खेल की स्थिति बहुत खराब है। यहां के खिलाड़ी प्रशिक्षण और मौके के अभाव में खेल छोड़ने को मजबूर हैं। जो आगे बढ़ना चाहते हैं उन्हें गांव छोड़ना पड़ता है। हालांकि खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए युवा कल्याण विभाग है, लेकिन वह भी इन दिनों बजट का रोना रो रहा है। जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह गंगवार का कहना है कि ब्लॉक और जिला स्तरीय वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी आदि प्रतियोगिताओं के लिए शासन को 1.75 लाख का प्रस्ताव भेजा था। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति दी लेकिन बजट नहीं मिला। उन्होंने बताया कि धन के अभाव में प्रतियोगिताएं वित्तीय वर्ष में नहीं कराई जा सकी। बिना बजट के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी और आगे बढ़ेंगी यह एक बड़ा सवाल है। अफसर बताते हैं कि शासन को संशोधित बजट की मंजूरी के लिए पत्र लिखा है। बजट मिलने के बाद नए शेड्यूल के अनुसार खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
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नहीं हटा खेल के मैदान से अवैध कब्जा
बीसलपुर। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुहिचा के क्रीड़ा मैदान पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। जिस कारण विद्यार्थियों को खेल की सुविधा का लाभ नहीं मिल सका पा रहा है। इसकी कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। प्रधानाचार्य जेपी गंगवार ने बताया कि विद्यालय के क्रीड़ा मैदान पर वर्ष 2014 में पड़ोसी गांव पुरैना के दो लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। उन्होंने इस पर खेती करनी शुरू कर दी। इसके बाद से कब्जे को हटवाया नहीं जा सका है। विद्यालय के पास पर्याप्त मात्रा में खेलकूद के संसाधन हैं, लेकिन मैदान पर कब्जा होने से बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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