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रात को भी गुंजती रही बाघ की दहाड़
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:03 AM IST
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न्यूरिया (पीलीभीत)। बिठौरा खुर्द कलां क्षेत्र में बाघ के हमले में मिहीलाल की मौत के बाद दहशत का माहौल है। मंगलवार रात भर बाघ के दहाड़ने की आवाजें आती रहीं, जिससे ग्रामीण भयभीत रहे। दहशत के चलते ग्रामीण खेत पर जाने से डर रहे हैं।
मंगलवार सुबह थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुरिया निवासी 48 वर्षीय मिहीलाल को गन्ने खेत में घास काटते समय मार डाला था। दोपहर को शव हटने के बाद आसपास खेतों में काम कर रहे किसान, मजदूर घरों को लौट गए। वहीं आसपास बने झालों पर रहने वाले भी अपने घरों में दुबके रहे। ग्रामीणों के अनुसार शाम को बाघ फिर घटना स्थल पर लौटा। वहां शिकार न मिलने पर बाघ ने दहाड़ना शुरू किया। बाघ के दहाड़ देर रात तक सुनाई देती रही। इससे बुधवार सुबह ग्रामीण खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कुछ मजदूरों ने इकट्ठे होकर खेतों पर जाकर धान की रोपाई की।
वन विभाग ने लगाए कैमरे
घटना के बाद बाघ की पहचान और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने बुधवार सुबह दो जोड़ी कैमरे लगाए हैं। इस पर वन संरक्षक वीके सिंह ने माला रेजर डीके श्रीवास्तव को कैमरों की संख्या नाकाफी बताते हुए कम से कम छह जोड़ी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
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मंगलवार सुबह थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुरिया निवासी 48 वर्षीय मिहीलाल को गन्ने खेत में घास काटते समय मार डाला था। दोपहर को शव हटने के बाद आसपास खेतों में काम कर रहे किसान, मजदूर घरों को लौट गए। वहीं आसपास बने झालों पर रहने वाले भी अपने घरों में दुबके रहे। ग्रामीणों के अनुसार शाम को बाघ फिर घटना स्थल पर लौटा। वहां शिकार न मिलने पर बाघ ने दहाड़ना शुरू किया। बाघ के दहाड़ देर रात तक सुनाई देती रही। इससे बुधवार सुबह ग्रामीण खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कुछ मजदूरों ने इकट्ठे होकर खेतों पर जाकर धान की रोपाई की।
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वन विभाग ने लगाए कैमरे
घटना के बाद बाघ की पहचान और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने बुधवार सुबह दो जोड़ी कैमरे लगाए हैं। इस पर वन संरक्षक वीके सिंह ने माला रेजर डीके श्रीवास्तव को कैमरों की संख्या नाकाफी बताते हुए कम से कम छह जोड़ी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।
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