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Pilibhit News: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित होंगे 155 बच्चे
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पीलीभीत। कोरोना काल में माता या पिता अथवा दोनों की मौत होने से बेसहारा हुए बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चल रही है। इसमें अब तक जिले के 155 बच्चों को शामिल किया जा चुका है। बच्चों को शासन की ओर से एक हजार रुपये प्रति माह दिया जा रहा है।
शासन की ओर से निराश्रित महिलाओं को पेंशन का भी लाभ दिया जा रहा है। इसमें अब कोविड के दौरान परिवार के मुखिया की मौत होने के बाद उनकी पत्नियों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों को भी सरकार लाभ दे रही है। हालांकि जानकारी के अभाव में अभी कम लोग ही योजना का लाभ ले पा रहे हैं।
गांवों में टीमें भेजकर दी गई जानकारी
कोरोना काल निपटने के बाद इस योजना को शुरू किया गया था। करीब एक साल तक लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं हो सकी। इसके चलते पिछले साल कम ही बच्चों को लाभ मिला था। शासन की ओर से योजना के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए तो गांवों में टीमें भेजकर ग्रामीणों को योजना के बारे में बताया गया, तब कहीं बच्चों की संख्या 155 हो सकी है।
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वर्जन
योजना के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके कोरोना काल में माता या पिता अथवा दोनों की मौत हुई है। इस योजना के तहत एक हजार रुपये बच्चे को दिए जाते हैं। मां को भी पेंशन दी जाती है। धीरे-धीरे अब काफी लोग आवेदन कर रहे हैं। - प्रगति गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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शासन की ओर से निराश्रित महिलाओं को पेंशन का भी लाभ दिया जा रहा है। इसमें अब कोविड के दौरान परिवार के मुखिया की मौत होने के बाद उनकी पत्नियों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों को भी सरकार लाभ दे रही है। हालांकि जानकारी के अभाव में अभी कम लोग ही योजना का लाभ ले पा रहे हैं।
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गांवों में टीमें भेजकर दी गई जानकारी
कोरोना काल निपटने के बाद इस योजना को शुरू किया गया था। करीब एक साल तक लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं हो सकी। इसके चलते पिछले साल कम ही बच्चों को लाभ मिला था। शासन की ओर से योजना के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए तो गांवों में टीमें भेजकर ग्रामीणों को योजना के बारे में बताया गया, तब कहीं बच्चों की संख्या 155 हो सकी है।
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योजना के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके कोरोना काल में माता या पिता अथवा दोनों की मौत हुई है। इस योजना के तहत एक हजार रुपये बच्चे को दिए जाते हैं। मां को भी पेंशन दी जाती है। धीरे-धीरे अब काफी लोग आवेदन कर रहे हैं। - प्रगति गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी