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जटपुरा गांव में घुसा तेंदुआ, टैंक्यूलाइज कर भेजा चिडिय़ाघर
Updated Thu, 08 Jun 2017 07:03 PM IST
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पीलीभीत। जंगल से निकलकर जटपुरा गांव में घुसे तेंदुए ने प्यारेलाल की बकरी को मार डाला और खींचकर खेत में ले गया। कुछ देर बाद ही तेंदुआ दुबारा गांव में एक छप्परपोश घर में जा घुसा। जहां घर में मौजूद महिला बिटोली देवी ने हिम्मत करके कोठरी का गेट चारपाई लगाकर बंद दिया। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची वनविभाग की टीम ने करीब चार घंटे बाद तेंदुआ को ट्रैंक्यूलाइज कर पिंजरे में बंद किया। फिर तेंदुआ को लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया गया। पकड़े गए तेंदुआ देखने देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज के जंगल से निकला एक तेंदुआ बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे गांव जटपुरा में जा घुसा। गांव में तेुदुआ वहीं के प्यारेलाल की बकरी को मार डाला और खींचकर खेत में ले गया। गांव मे तेंदुआ आने का पता लगने पर ग्रामीणों में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाने के साथ ही वनकर्मियों को सूचना दी। गांव वाले खेत के आसपास एकत्र हो रहे थे। तभी अचानक खेत से निकला तेंदुआ दुबारा दौड़कर गांव में जाकर श्रीकृष्ण के छप्परपोश घर में घुस गया। उस वक्त श्रीकृष्ण की पत्नी बिटोली देवी अपने घर में टटिया ठीक कर रही थी। तेंदुए को देख वह बाहर की ओर भागी और सामने पड़ी चारपाई उठाकर फुर्ती से कोठरी के गेट पर लगा दी। इससे तेंदुए कोठरी में कैद हो गया। इस बीच एसडीएम शशिभूषण राय, डीएफओ आदर्श कुमार, एसडीओ केपी सिंह, इंस्पेक्टर जयवीर सिंह टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल देखने के बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज करने का निर्णय लिया और पिंजरा मंगवाया। पिंजरा पहुंचने पर टीम में शामिल डॉ. सुनील राठौर ने तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने पर वनकर्मियों ने उसे पिंजरे में बंद कर दिया।
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देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने फटकारी लाठियां
तेंदुए के बेहोश होने एवं पिंजरे में बंद होने पर उसे उसे देखने को लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई तेंदुए की एक झलक देखने और फोटो खींचने व सेल्फी लेेने की कोशिश करने में लगा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
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दूसरी डांट में ट्रैंक्यूलाइज हो पाया तेंदुआ
ट्रैक्यूलाइज स्पेशलिस्ट डॉ. सुनील राठौर ने घर के अंदर घुसे तेंदुए को टैंक्यूलाइज करने के लिए पहला फायर (डॉट) किया, लेकिन वो ठीक जगह न लगने से तेंदुआ बेहोश नहीं हुआ। फिर उसे दूसरी डॉट मारी गई, जिस पर तेंदुआ बेहोश हो गया।
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तीन साल पूर्व ट्रैक्यूलाइज हुआ था बाघ
हरीपुर रेंज के जंगल से सटे क्षेत्र के गांव में जंगली जानवर अक्सर धावा बोलते है। करीब तीन साल पहले बाघ की क्षेत्र में चहल कदमी रही थी और उसने कई लोगों पर हमला किया था। इस पर वनविभाग के अधिकारियों ने उसे गन्ने के खेत ट्रैंक्यूलाइज किया था।
ग्रामीणों में रोष, फेंसिंग कराने की मांग
जंगल से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस पर ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रधान पति विपिन सिंह, हाजी रियाजतनूर खां मझले, जैगम खां आदि के नेतृत्व में लोगों ने वन विभाग के अफसरों से मिलकर गांव वालों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने को तार फेसिंग कराने की मांग की।
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टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज के जंगल से निकला एक तेंदुआ बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे गांव जटपुरा में जा घुसा। गांव में तेुदुआ वहीं के प्यारेलाल की बकरी को मार डाला और खींचकर खेत में ले गया। गांव मे तेंदुआ आने का पता लगने पर ग्रामीणों में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने शोर मचाने के साथ ही वनकर्मियों को सूचना दी। गांव वाले खेत के आसपास एकत्र हो रहे थे। तभी अचानक खेत से निकला तेंदुआ दुबारा दौड़कर गांव में जाकर श्रीकृष्ण के छप्परपोश घर में घुस गया। उस वक्त श्रीकृष्ण की पत्नी बिटोली देवी अपने घर में टटिया ठीक कर रही थी। तेंदुए को देख वह बाहर की ओर भागी और सामने पड़ी चारपाई उठाकर फुर्ती से कोठरी के गेट पर लगा दी। इससे तेंदुए कोठरी में कैद हो गया। इस बीच एसडीएम शशिभूषण राय, डीएफओ आदर्श कुमार, एसडीओ केपी सिंह, इंस्पेक्टर जयवीर सिंह टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल देखने के बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज करने का निर्णय लिया और पिंजरा मंगवाया। पिंजरा पहुंचने पर टीम में शामिल डॉ. सुनील राठौर ने तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज किया। तेंदुए के बेहोश होने पर वनकर्मियों ने उसे पिंजरे में बंद कर दिया।
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देखने उमड़ी भीड़ पर पुलिस ने फटकारी लाठियां
तेंदुए के बेहोश होने एवं पिंजरे में बंद होने पर उसे उसे देखने को लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई तेंदुए की एक झलक देखने और फोटो खींचने व सेल्फी लेेने की कोशिश करने में लगा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
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दूसरी डांट में ट्रैंक्यूलाइज हो पाया तेंदुआ
ट्रैक्यूलाइज स्पेशलिस्ट डॉ. सुनील राठौर ने घर के अंदर घुसे तेंदुए को टैंक्यूलाइज करने के लिए पहला फायर (डॉट) किया, लेकिन वो ठीक जगह न लगने से तेंदुआ बेहोश नहीं हुआ। फिर उसे दूसरी डॉट मारी गई, जिस पर तेंदुआ बेहोश हो गया।
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तीन साल पूर्व ट्रैक्यूलाइज हुआ था बाघ
हरीपुर रेंज के जंगल से सटे क्षेत्र के गांव में जंगली जानवर अक्सर धावा बोलते है। करीब तीन साल पहले बाघ की क्षेत्र में चहल कदमी रही थी और उसने कई लोगों पर हमला किया था। इस पर वनविभाग के अधिकारियों ने उसे गन्ने के खेत ट्रैंक्यूलाइज किया था।
ग्रामीणों में रोष, फेंसिंग कराने की मांग
जंगल से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस पर ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रधान पति विपिन सिंह, हाजी रियाजतनूर खां मझले, जैगम खां आदि के नेतृत्व में लोगों ने वन विभाग के अफसरों से मिलकर गांव वालों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने को तार फेसिंग कराने की मांग की।