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डाकघर में धूल फांक रहे थे 550 डीएल, परिवहन विभाग ने वापस मंगाए
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:25 AM IST
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डाकियों ने पहुंचाए ही नहीं 550 ड्राइविंग लाइसेंस
डाकघर में धूल फांक रहे थे, शिकायत पर परिवहन विभाग ने वापस मंगाए
डाक विभाग की व्यवस्थाएं सही होने तक एआरटीओ कार्यालय से होगा वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। डाक विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण सैकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस महीनों से डाकघर में डंप पड़े थे। नियत समय पर लाइसेंस न मिलने पर आवेदक डाकघर तो कभी परिवहन विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाकर परेशान होते रहे। कई शिकायतें मिलने पर जब परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी जुटाई तो इसका पता लगा। अब डाकघर से करीब 550 डीएल वापस मंगा लिए गए हैं। वहां की व्यवस्थाएं सुचारू होने तक इन लाइसेंस का वितरण परिवहन कार्यालय से ही किया जाएगा।
डाकघरों को प्रभावी बनाने व लाइसेंस के फर्जीवाड़ा रोकने के लिए साल 2012 में प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया था कि लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस हाथोंहाथ नहीं बल्कि डाक से भेजा जाएगा। इससे दलालों पर शिकंजा कसने की भी बात कही गई थी लेकिन जिले में डाक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासन की ये मंशा कामयाब होती नहीं दिख रही है। यहां पर करीब साढ़े पांच सौ ड्राइविंग लाइसेंस महीनों से डंप पड़े रहे। उनको आवेदक के घर तक पहुंचाया ही नहीं गया। नतीजतन जानकारी जुटाने के लिए आवेदक कभी डाकघर तो तभी परिवहन कार्यालय के चक्कर लगा परेशान होते रहे। जबकि ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद डाकघर को रिसीव करा दिए जाते हैं। इसके बाद डाक विभाग रजिस्ट्री के माध्यम से लोगों तक डीएल पहुंचाता है। पिछले कई दिनों से यह व्यवस्था ठप पड़ी रही। इस कारण सैकड़ों डीएल डाकघर में ही पड़े रहे। एआरटीओ प्रशासन अमिताभ राय ने बताया कि करीब 550 डीएल वापस मंगा लिए गए हैं। नियमानुसार रजिस्टर्ड डाक से ही डीएल पहुंचना चाहिए लेकिन डाक विभाग द्वारा समय से रजिस्ट्री नहीं करने के कारण जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा तब तक डीएल कार्यालय से ही वितरित किए जाएंगे।
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डाकघर में धूल फांक रहे थे, शिकायत पर परिवहन विभाग ने वापस मंगाए
डाक विभाग की व्यवस्थाएं सही होने तक एआरटीओ कार्यालय से होगा वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। डाक विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण सैकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस महीनों से डाकघर में डंप पड़े थे। नियत समय पर लाइसेंस न मिलने पर आवेदक डाकघर तो कभी परिवहन विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाकर परेशान होते रहे। कई शिकायतें मिलने पर जब परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी जुटाई तो इसका पता लगा। अब डाकघर से करीब 550 डीएल वापस मंगा लिए गए हैं। वहां की व्यवस्थाएं सुचारू होने तक इन लाइसेंस का वितरण परिवहन कार्यालय से ही किया जाएगा।
डाकघरों को प्रभावी बनाने व लाइसेंस के फर्जीवाड़ा रोकने के लिए साल 2012 में प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया था कि लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस हाथोंहाथ नहीं बल्कि डाक से भेजा जाएगा। इससे दलालों पर शिकंजा कसने की भी बात कही गई थी लेकिन जिले में डाक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासन की ये मंशा कामयाब होती नहीं दिख रही है। यहां पर करीब साढ़े पांच सौ ड्राइविंग लाइसेंस महीनों से डंप पड़े रहे। उनको आवेदक के घर तक पहुंचाया ही नहीं गया। नतीजतन जानकारी जुटाने के लिए आवेदक कभी डाकघर तो तभी परिवहन कार्यालय के चक्कर लगा परेशान होते रहे। जबकि ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद डाकघर को रिसीव करा दिए जाते हैं। इसके बाद डाक विभाग रजिस्ट्री के माध्यम से लोगों तक डीएल पहुंचाता है। पिछले कई दिनों से यह व्यवस्था ठप पड़ी रही। इस कारण सैकड़ों डीएल डाकघर में ही पड़े रहे। एआरटीओ प्रशासन अमिताभ राय ने बताया कि करीब 550 डीएल वापस मंगा लिए गए हैं। नियमानुसार रजिस्टर्ड डाक से ही डीएल पहुंचना चाहिए लेकिन डाक विभाग द्वारा समय से रजिस्ट्री नहीं करने के कारण जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा तब तक डीएल कार्यालय से ही वितरित किए जाएंगे।
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