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बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Thu, 28 Dec 2017 06:37 PM IST
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बिजली
- फोटो : FILE PHOTO
बीसलपुर। गांव उगनपुर मरौरी के लोगों ने बुधवार शाम तक बिजली का तार टूट कर गिरने के बाद विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के नहीं पहुंचने पर क्षेत्रीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की।
गांव उगनपुर मरौरी के खेतिहर क्षेत्र में बुधवार को दोपहर में लगभग 12 बजे बिजली का तार टूट कर गिर गया था। तार टूटकर गिरते समय कई लोग बाल बाल बच गए थे। जिस खेत में बिजली का तार टूट कर गिरा, उसमें कई लोग गन्ना छील रहे थे। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उस इलाके की बिजली आपूर्ति तो बंद कर दी थी, लेकिन मौका मुआयना करने की जहमत नहीं उठाई। जिससे ग्रामीणों में रोष गुस्सा रहा। पांच बजे तक जब बिजली विभाग के कर्मचारी मौका मुआयना करने नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने गांव के बाहर मेन रोड पर बिजली विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली विभाग के कर्मचारी जर्जर विद्युत लाइन जानबूझकर नहीं बदल रहे हैं, जिससे जर्जर लाइन आए दिन टूट जाती है और हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने पौन घंटे बाद प्रदर्शन तब खत्म किया, जब पूर्व प्रधान रूपचंद्र ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन करने वालों में ब्रह्मस्वरूप, कृष्णपाल, भगवानदास, शिवओम, लालाराम, रामेश्वर दयाल, नरेश कुमार, सोमपाल, प्रशांत कुमार, रामनिवास, भीमसेन, प्रदीप कुमार, तेजराम, रामऔतार, रामरतन आदि थे।
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गांव उगनपुर मरौरी के खेतिहर क्षेत्र में बुधवार को दोपहर में लगभग 12 बजे बिजली का तार टूट कर गिर गया था। तार टूटकर गिरते समय कई लोग बाल बाल बच गए थे। जिस खेत में बिजली का तार टूट कर गिरा, उसमें कई लोग गन्ना छील रहे थे। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उस इलाके की बिजली आपूर्ति तो बंद कर दी थी, लेकिन मौका मुआयना करने की जहमत नहीं उठाई। जिससे ग्रामीणों में रोष गुस्सा रहा। पांच बजे तक जब बिजली विभाग के कर्मचारी मौका मुआयना करने नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने गांव के बाहर मेन रोड पर बिजली विभाग के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिजली विभाग के कर्मचारी जर्जर विद्युत लाइन जानबूझकर नहीं बदल रहे हैं, जिससे जर्जर लाइन आए दिन टूट जाती है और हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने पौन घंटे बाद प्रदर्शन तब खत्म किया, जब पूर्व प्रधान रूपचंद्र ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
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प्रदर्शन करने वालों में ब्रह्मस्वरूप, कृष्णपाल, भगवानदास, शिवओम, लालाराम, रामेश्वर दयाल, नरेश कुमार, सोमपाल, प्रशांत कुमार, रामनिवास, भीमसेन, प्रदीप कुमार, तेजराम, रामऔतार, रामरतन आदि थे।
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