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अप्सरा नदी और पैरी फार्म के निकट बाघ के पदचिन्ह
Updated Mon, 20 Nov 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी लगातार हो रही है। रविवार को सुबह गांव गायबोझ के निकट अप्सरा नदी एवं सूरजपुर के पैरी फार्म में बाघ के पगचिह्न देखे गए। इसके अलावा विशनपुर गांव के निकट भी खेतों में बाघ के पगचिह्न मिले हैं।
बाघ की निगरानी में लगी सामाजिक वानिकी की टीम ने रविवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान टीम को ग्राम धुंधरी, पौटा व गायबोझ के बीच बहने वाली अप्सरा नदी के किनारे बाघ के पगचिह्न मिले। वही अमरिया के निकट सूरजपुर गांव में पैरी फार्म में बाघ के पगचिह्न पाए गए हैं। इसी क्षेत्र के ग्राम विशनपुर निवासी करनैल सिंह के फार्म के निकट भी वन विभाग की टीम ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए हैं। क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी के कारण किसान परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गन्ना किसानों को आ रही है। पर्ची मिलने के बाद भी उन्हें गन्ना काटने को मजदूर नहीं मिल रहे हैं। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम नियमित रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहीं हैं। इस दौरान जहां भी बाघ के पगचिह्न अथवा आने की सूचना मिल रही है वहां ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
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बाघ की निगरानी में लगी सामाजिक वानिकी की टीम ने रविवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान टीम को ग्राम धुंधरी, पौटा व गायबोझ के बीच बहने वाली अप्सरा नदी के किनारे बाघ के पगचिह्न मिले। वही अमरिया के निकट सूरजपुर गांव में पैरी फार्म में बाघ के पगचिह्न पाए गए हैं। इसी क्षेत्र के ग्राम विशनपुर निवासी करनैल सिंह के फार्म के निकट भी वन विभाग की टीम ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए हैं। क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी के कारण किसान परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गन्ना किसानों को आ रही है। पर्ची मिलने के बाद भी उन्हें गन्ना काटने को मजदूर नहीं मिल रहे हैं। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम नियमित रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहीं हैं। इस दौरान जहां भी बाघ के पगचिह्न अथवा आने की सूचना मिल रही है वहां ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
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