{"_id":"595f78014f1c1be9728b4963","slug":"131499428865-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा का जलस्तर बढ़ते ही वन भूमि पर शुरू हुए अवैध कब्जे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा का जलस्तर बढ़ते ही वन भूमि पर शुरू हुए अवैध कब्जे
Updated Fri, 07 Jul 2017 05:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा का जलस्तर भले ही बढ़ने लगा हो, लेकिन रामनगरा घाट से टाइगर रिजर्व की वन भूमि का जुतान करने को अवैध कब्जेदार नाव से ट्रैक्टरों को नदी पार ले जाने की कवायद में जुट गए हैं। बताते हैं कि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा पार चौकसी कम हो जाती है और इसी का फायदा अवैध कब्जेदार कई साल से उठाते आ रहे हैं।
रमनगरा क्षेत्र में वनकर्मियों की सांठगांठ से शारदा पार वन भूमि का अवैध जुतान हो चुका है। इन दिनों शारदा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद अवैध कब्जेदार जमीन की जुताई करने को रामनगरा घाट से नावों पर ट्रैक्टरों को लादकर पार पहुंच रहे हैं। अवैध कब्जेदारों की सहूलियत के लिए नाविकों ने भी बड़ी नाव का इंतजाम कर रखा है। बताते हैं कि एक ट्रैक्टर को नाव से पार उतारने के बदले में दो हजार रुपये देने पड़ते हैं। घाटों के जरिए ट्रैक्टर पार पहुंचाने के मामले की जानकारी वनकर्मियों को भी है, लेकिन सांठगांठ के चलते उन्होंने भी चुप्पी साध रखी है। दो दिन पूर्व रमनगरा घाट पर मौजूद दो वनकर्मियों के सामने ही नाव से ट्रैक्टर पार पहुंच गए, लेकिन उन्होंने नाव के संचालक या अवैध कब्जेदारों से पूछने तक की जहमत नहीं उठाई। सूत्र बताते हैं कि इन दिनों शारदा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में वनकर्मी नदी पार कम जाते हैं और कुछ वनकर्मियों से सेटिंग कर जुताई आसान हो जाती है। बताते हैं कि यह अवैध कब्जेदार ट्रैक्टर से जुताई कर सीधे ही धान बो देते हैं। इधर इस गोरखधंधे की जानकारी होने के बाद भी वनमहकमा नीलामशुदा घाटों से ट्रैक्टरों को पार कराने पर भी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जिसके चलते शारदा नदी पार एक बड़े भूभाग पर अवैध कब्जे होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
रमनगरा क्षेत्र में वनकर्मियों की सांठगांठ से शारदा पार वन भूमि का अवैध जुतान हो चुका है। इन दिनों शारदा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इसके बावजूद अवैध कब्जेदार जमीन की जुताई करने को रामनगरा घाट से नावों पर ट्रैक्टरों को लादकर पार पहुंच रहे हैं। अवैध कब्जेदारों की सहूलियत के लिए नाविकों ने भी बड़ी नाव का इंतजाम कर रखा है। बताते हैं कि एक ट्रैक्टर को नाव से पार उतारने के बदले में दो हजार रुपये देने पड़ते हैं। घाटों के जरिए ट्रैक्टर पार पहुंचाने के मामले की जानकारी वनकर्मियों को भी है, लेकिन सांठगांठ के चलते उन्होंने भी चुप्पी साध रखी है। दो दिन पूर्व रमनगरा घाट पर मौजूद दो वनकर्मियों के सामने ही नाव से ट्रैक्टर पार पहुंच गए, लेकिन उन्होंने नाव के संचालक या अवैध कब्जेदारों से पूछने तक की जहमत नहीं उठाई। सूत्र बताते हैं कि इन दिनों शारदा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में वनकर्मी नदी पार कम जाते हैं और कुछ वनकर्मियों से सेटिंग कर जुताई आसान हो जाती है। बताते हैं कि यह अवैध कब्जेदार ट्रैक्टर से जुताई कर सीधे ही धान बो देते हैं। इधर इस गोरखधंधे की जानकारी होने के बाद भी वनमहकमा नीलामशुदा घाटों से ट्रैक्टरों को पार कराने पर भी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जिसके चलते शारदा नदी पार एक बड़े भूभाग पर अवैध कब्जे होते जा रहे हैं।
विज्ञापन