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सीमावर्ती क्षेत्र में कम हुई तेंदुए की सक्रियता
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तेंदुआ
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सप्ताहभर पूर्व से आबादी क्षेत्र में नहीं दिखी तेंदुए की चहलकदमी
माधोटांडा। सीमावर्ती क्षेत्र में चार माह पूर्व से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की सप्ताह भर से सक्रियता कम हो गई है। जंगल सीमा से लेकर आबादी क्षेत्र के निकट तक तेंदुए की चहलकदमी नहीं देखी जा रही है। वहीं वन विभाग की ओर से कैमरों की मदद से तेंदुए पर नजर रखी जा रही है।
बराही रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। चार माह में दो नर तेंदुए के पिंजरे की कैद में आ जाने के बाद भी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पांच दिसंबर को नर तेंदुए के पिंजरे की कैद में आ जाने के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय हुए तीसरे तेंदुए ने आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बनाना शुरू कर दिया। जिसके बाद वन विभाग की ओर से एक बार फिर कैमरों की मदद से तेंदुए की निगरानी कार्य शुरू कर दिया गया। इधर, सप्ताह भर पूर्व से तेंदुए की सक्रियता कम होती दिख रही है। जंगल सीमा लेकर आबादी क्षेत्र के निकट तक तेंदुए चहलकदमी नहीं देखी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है। वहीं वन विभाग कैमरे की सहायता के निगरानी करने में जुटा है। नौजल्हा के डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि सप्ताह भर से तेंदुए की चहलकदमी नहीं देखी जा रही है और न ही मवेशियों पर कोई हमले की सूचना आई है।
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माधोटांडा। सीमावर्ती क्षेत्र में चार माह पूर्व से आतंक का पर्याय बने तेंदुए की सप्ताह भर से सक्रियता कम हो गई है। जंगल सीमा से लेकर आबादी क्षेत्र के निकट तक तेंदुए की चहलकदमी नहीं देखी जा रही है। वहीं वन विभाग की ओर से कैमरों की मदद से तेंदुए पर नजर रखी जा रही है।
बराही रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। चार माह में दो नर तेंदुए के पिंजरे की कैद में आ जाने के बाद भी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पांच दिसंबर को नर तेंदुए के पिंजरे की कैद में आ जाने के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय हुए तीसरे तेंदुए ने आबादी क्षेत्र में दस्तक देकर मवेशियों को निवाला बनाना शुरू कर दिया। जिसके बाद वन विभाग की ओर से एक बार फिर कैमरों की मदद से तेंदुए की निगरानी कार्य शुरू कर दिया गया। इधर, सप्ताह भर पूर्व से तेंदुए की सक्रियता कम होती दिख रही है। जंगल सीमा लेकर आबादी क्षेत्र के निकट तक तेंदुए चहलकदमी नहीं देखी जा रही है। जिसके चलते ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है। वहीं वन विभाग कैमरे की सहायता के निगरानी करने में जुटा है। नौजल्हा के डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार ने बताया कि सप्ताह भर से तेंदुए की चहलकदमी नहीं देखी जा रही है और न ही मवेशियों पर कोई हमले की सूचना आई है।
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