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नो मैंस लैड के निकट तेंदुए ने बकरी को बनाया निवाला
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:36 PM IST
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14 पीबीटीपी 28
नो मैंस लैंड के निकट तेंदुए ने बकरी को बनाया निवाला
बाघ, तेंदुए की बढ़ रही चहलकदमी से महकमा गंभीर, कैद करने को लगाए दो पिंजरे
सीमावर्ती क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर हो रही हमले की घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार जारी है। गुरुवार रात तेंदुए ने नो मैंस लैंड के निकट नेपाली कॉलोनी के एक घर में घुस बकरी को खींचकर निवाला बना लिया। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। बाघ व तेंदुए की बढ़ रही चहलकदमी के बाद अफसरों के निर्देश पर एक्सपर्ट टीम ने इस क्षेत्र में दो पिंजरे लगा दिए हैं।
बराही रेंज के नौजल्हा और बूंदीभूड़ समेत चार गांव में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेंदुआ कभी बूंदीभूड़ तो कभी नौजल्हा व महाराजपुर क्षेत्र में हमले कर रहा हैं। बुधवार रात महाराजपुर गांव के करीब बाघ की आमद के बाद हड़कंप मच गया। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों समेत कई एक्सपर्ट टीमें भी मौके पर पहुंच गई थीं। इधर शुक्रवार तड़के तेंदुआ कुतिया कवर गांव के पास नो मैंस लैंड के निकट बसी नेपाली कॉलोनी पहुंच गया। यहां तेंदुए ने एक घर में घुसकर बकरी पर हमला कर दिया। आहट पर जागे परिवारीजनों व कॉलोनी के लोगों ने शोरशराबा किया। जिसपर तेंदुए ने बकरी को जबड़े में फंसा कुछ दूरी पर खींचकर उसे अपना निवाला बना लिया। बकरी के शव जहां पड़ा था, वह भारतीय क्षेत्र के अंतर्गत है। इसकी सूचना पर नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाने के साथ सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इधर, सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए की अधिक चहलकदमी को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर दो पिंजरे क्षेत्र में लगवाए गए हैं। शुक्रवार को एसडीओ प्रवीण खरे, रेंजर चंद्रबाल समेत स्टाफ मौजूद रहा। डिप्टी रेंजर ने बताया कि कुतिया कवर क्षेत्र में बकरी को निवाला बनाने की सूचना पर मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई गई। लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। दहशत का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी को रोकने के लिए उसे कैद करने की योजना है। इसके लिए संभावित क्षेत्र में दो पिंजरे लगा दिए गए हैं।
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पिंजरों के भीतर बांधी गई बकरियां
तेंदुए के साथ बुधवार रात बाघ की आमद के बाद अधिकारी गंभीर हो गए हैं। अधिकारियों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, आरआरटी व डब्ल्यूटीआई की टीम ने मौके पर पहुंच निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि बाघ के पुन: जंगल की ओर निकल जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र में तेंदुए की अधिक चहलकदमी को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर एक्सपर्ट टीम ने नौजल्हा मार्ग के किनारे व महाराजपुर के संवेदनशील क्षेत्र में पिंजरे को लगाया हैं। पिंजरों के सामने हिस्से को छोड़ उसको जंगल झाड़ी से ढक दिया गया हैं। तेंदुए को दबोचने के लिए पिंजरे के भीतर बकरी को बंधा गया है।
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नो मैंस लैंड के निकट तेंदुए ने बकरी को बनाया निवाला
बाघ, तेंदुए की बढ़ रही चहलकदमी से महकमा गंभीर, कैद करने को लगाए दो पिंजरे
सीमावर्ती क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर हो रही हमले की घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार जारी है। गुरुवार रात तेंदुए ने नो मैंस लैंड के निकट नेपाली कॉलोनी के एक घर में घुस बकरी को खींचकर निवाला बना लिया। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। बाघ व तेंदुए की बढ़ रही चहलकदमी के बाद अफसरों के निर्देश पर एक्सपर्ट टीम ने इस क्षेत्र में दो पिंजरे लगा दिए हैं।
बराही रेंज के नौजल्हा और बूंदीभूड़ समेत चार गांव में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेंदुआ कभी बूंदीभूड़ तो कभी नौजल्हा व महाराजपुर क्षेत्र में हमले कर रहा हैं। बुधवार रात महाराजपुर गांव के करीब बाघ की आमद के बाद हड़कंप मच गया। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों समेत कई एक्सपर्ट टीमें भी मौके पर पहुंच गई थीं। इधर शुक्रवार तड़के तेंदुआ कुतिया कवर गांव के पास नो मैंस लैंड के निकट बसी नेपाली कॉलोनी पहुंच गया। यहां तेंदुए ने एक घर में घुसकर बकरी पर हमला कर दिया। आहट पर जागे परिवारीजनों व कॉलोनी के लोगों ने शोरशराबा किया। जिसपर तेंदुए ने बकरी को जबड़े में फंसा कुछ दूरी पर खींचकर उसे अपना निवाला बना लिया। बकरी के शव जहां पड़ा था, वह भारतीय क्षेत्र के अंतर्गत है। इसकी सूचना पर नौजल्हा वन चौकी के वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाने के साथ सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इधर, सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए की अधिक चहलकदमी को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर दो पिंजरे क्षेत्र में लगवाए गए हैं। शुक्रवार को एसडीओ प्रवीण खरे, रेंजर चंद्रबाल समेत स्टाफ मौजूद रहा। डिप्टी रेंजर ने बताया कि कुतिया कवर क्षेत्र में बकरी को निवाला बनाने की सूचना पर मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई गई। लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। दहशत का पर्याय बने तेंदुए की चहलकदमी को रोकने के लिए उसे कैद करने की योजना है। इसके लिए संभावित क्षेत्र में दो पिंजरे लगा दिए गए हैं।
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पिंजरों के भीतर बांधी गई बकरियां
तेंदुए के साथ बुधवार रात बाघ की आमद के बाद अधिकारी गंभीर हो गए हैं। अधिकारियों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, आरआरटी व डब्ल्यूटीआई की टीम ने मौके पर पहुंच निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि बाघ के पुन: जंगल की ओर निकल जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र में तेंदुए की अधिक चहलकदमी को देखते हुए अधिकारियों के निर्देश पर एक्सपर्ट टीम ने नौजल्हा मार्ग के किनारे व महाराजपुर के संवेदनशील क्षेत्र में पिंजरे को लगाया हैं। पिंजरों के सामने हिस्से को छोड़ उसको जंगल झाड़ी से ढक दिया गया हैं। तेंदुए को दबोचने के लिए पिंजरे के भीतर बकरी को बंधा गया है।
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