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अब मोबाइल ऐप से मिलेगा वंचितों को आवास
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:48 PM IST
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अब मोबाइल ऐप से मिलेगा वंचितों को आवास
क्रासर...
जल्द लागू होगा सिस्टम, मौजूदा आवास का फोटो लोड करते ही शुरू हो जाएगी जांच प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पात्रता सूची में नाम न होने के चलते आवास ने वंचित रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। ऐसे लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए अब केंद्र सरकार ने मोबाइल ऐप तैयार कराया है। इसे जल्द चालू किया जाएगा। आवेदक को स्वयं अथवा किसी अन्य माध्यम से अपने मकान, झोपड़ी की वर्तमान स्थिति की फोटो इस ऐप पर लोड करना होगा। इसके बाद सरकार इसकी जांच कराकर आवास उपलब्ध कराएगी।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास मुहैया कराने को लगभग सभी सरकारों ने योजनाएं चलाई गई इसके बाद भी तमाम गरीब आवास से वंचित हैं। भ्रष्टाचार की जंक में जकड़ी योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों तक नहीं पहुंच पाता। इसके लिए अब केंद्र सरकार ने मोबाइल पर आवास ऐप तैयार कराया है। हालांकि कुछ प्रदेशों में इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है लेकिन प्रदेश में इसे जल्द लागू किए जाने की तैयारी है। इस ऐप के माध्यम से ऐसे परिवारों को लाभ दिए जाने का प्रयास किया जाना है जिनके नाम पात्रता सूची में नहीं है और उनकी आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि वह स्वयं का आवास बना सके। ऐसे वंचित परिवार के सदस्य स्वयं अथवा किसी अन्य माध्यम से अपने आवास की वर्तमान स्थिति का फोटो खींचकर अपने संबंधित अन्य सूचनाओं के साथ इस ऐप पर लोड़ करा सकता है। ऐप पर फोटो लोड (जिओ टैगिंग) होने के बाद संबंधित बीडीओ इसकी जांच कराकर अनुमोदित करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर सूची तैयार करके प्रदेश सरकार को और प्रदेश सरकार से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार मोबाइल ऐप से प्राप्त सूची को जीपीएस एवं सेटेलाइट के माध्यम से सही स्थिति की जांच करेगा। इसमें पात्र मिलने पर आवास की धनराशि जारी की जाएगी।
वंचित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने मोबाइल ऐप तैयार कराया है। इसकी विस्तृत जानकारी अभी नहीं मिल सकी। संभवत: इसी सप्ताह लखनऊ में इसको लेकर बैठक या वीडियो कांफ्रेंस होने वाली है इसके बाद इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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विजय कृष्ण भागवत, सीडीओ
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क्रासर...
जल्द लागू होगा सिस्टम, मौजूदा आवास का फोटो लोड करते ही शुरू हो जाएगी जांच प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पात्रता सूची में नाम न होने के चलते आवास ने वंचित रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। ऐसे लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए अब केंद्र सरकार ने मोबाइल ऐप तैयार कराया है। इसे जल्द चालू किया जाएगा। आवेदक को स्वयं अथवा किसी अन्य माध्यम से अपने मकान, झोपड़ी की वर्तमान स्थिति की फोटो इस ऐप पर लोड करना होगा। इसके बाद सरकार इसकी जांच कराकर आवास उपलब्ध कराएगी।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास मुहैया कराने को लगभग सभी सरकारों ने योजनाएं चलाई गई इसके बाद भी तमाम गरीब आवास से वंचित हैं। भ्रष्टाचार की जंक में जकड़ी योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों तक नहीं पहुंच पाता। इसके लिए अब केंद्र सरकार ने मोबाइल पर आवास ऐप तैयार कराया है। हालांकि कुछ प्रदेशों में इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है लेकिन प्रदेश में इसे जल्द लागू किए जाने की तैयारी है। इस ऐप के माध्यम से ऐसे परिवारों को लाभ दिए जाने का प्रयास किया जाना है जिनके नाम पात्रता सूची में नहीं है और उनकी आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि वह स्वयं का आवास बना सके। ऐसे वंचित परिवार के सदस्य स्वयं अथवा किसी अन्य माध्यम से अपने आवास की वर्तमान स्थिति का फोटो खींचकर अपने संबंधित अन्य सूचनाओं के साथ इस ऐप पर लोड़ करा सकता है। ऐप पर फोटो लोड (जिओ टैगिंग) होने के बाद संबंधित बीडीओ इसकी जांच कराकर अनुमोदित करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर सूची तैयार करके प्रदेश सरकार को और प्रदेश सरकार से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार मोबाइल ऐप से प्राप्त सूची को जीपीएस एवं सेटेलाइट के माध्यम से सही स्थिति की जांच करेगा। इसमें पात्र मिलने पर आवास की धनराशि जारी की जाएगी।
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वंचित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने मोबाइल ऐप तैयार कराया है। इसकी विस्तृत जानकारी अभी नहीं मिल सकी। संभवत: इसी सप्ताह लखनऊ में इसको लेकर बैठक या वीडियो कांफ्रेंस होने वाली है इसके बाद इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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विजय कृष्ण भागवत, सीडीओ