{"_id":"59d4cf674f1c1bec538b5ac8","slug":"121507118951-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि विवाद मामले में दो पक्षों के 12 लोग मुचलका पाबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि विवाद मामले में दो पक्षों के 12 लोग मुचलका पाबंद
Updated Wed, 04 Oct 2017 05:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
माधोटांडा। मठइया लालपुर में बंगाली विस्थापितों और भूमि पर काबिज अपंजीकृत बंगालियों के बीच चल रहे भूमि विवाद के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 12 लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है।
तराई क्षेत्र के मठइया लालपुर में सिंचाई विभाग की राजस्व विभाग को स्थानांतरित की गई 262 एकड़ भूमि है। बताते हैं कि यह भूमि पूर्व में काफी दलदली थी। इस कारण इस पर खेती भी नहीं की जा सकती थी। इस अनउपजाऊ भूमि पर काबिज गरीबाें ने बरसों कड़ी मशक्कत के बाद खेती योग्य तो बना लिया, लेकिन अब इस जमीन को कुछ लोगों ने हथियाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इधर इस भूमि के विवाद को लेकर पिछले माह ग्राम प्रधान आशीष राय की अध्यक्षता में पहले से ही भूमि पर काबिज अपंजीकृत भूमिहीनों की पंचायत हुई थी। जिसके बाद एक पक्ष ने थाने जाकर अपंजीकृत बंगालियों और उनके साथियों पर बंग्लादेशी होने का आरोप लगाते हुए उन लोगों पर जान से मारने की साजिश रचने की बात कही। इसके बाद प्रधान आशीष राय के नेतृत्व में दर्जनों अपंजीकृत बंगाली थाने पहुंचे और उन्होंने भूमि पर हाईकोर्ट के स्टे की प्रति देते हुए प्रभारी निरीक्षक को बताया कि इन विस्थापितों के पास पहले से न केवल पट्टे हैं बल्कि जिला पुर्नवासन विभाग की सैकड़ों एकड़ जमीन है। इधर इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है। जिसमें एक पक्ष की ओर से प्रशांत साना, सवलदास, शंकर राय, मनमोहन राय, संतोष विश्वास, महानंद विश्वास, केशव और अमल राय हैं। दूसरे पक्ष के रामाशंकर, रामवृक्ष, रंजीत राय, भवानंद मंडल के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रभारी निरीक्षक इंदर सिंह ने बताया कि भूमि विवाद के मामले में दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
तराई क्षेत्र के मठइया लालपुर में सिंचाई विभाग की राजस्व विभाग को स्थानांतरित की गई 262 एकड़ भूमि है। बताते हैं कि यह भूमि पूर्व में काफी दलदली थी। इस कारण इस पर खेती भी नहीं की जा सकती थी। इस अनउपजाऊ भूमि पर काबिज गरीबाें ने बरसों कड़ी मशक्कत के बाद खेती योग्य तो बना लिया, लेकिन अब इस जमीन को कुछ लोगों ने हथियाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इधर इस भूमि के विवाद को लेकर पिछले माह ग्राम प्रधान आशीष राय की अध्यक्षता में पहले से ही भूमि पर काबिज अपंजीकृत भूमिहीनों की पंचायत हुई थी। जिसके बाद एक पक्ष ने थाने जाकर अपंजीकृत बंगालियों और उनके साथियों पर बंग्लादेशी होने का आरोप लगाते हुए उन लोगों पर जान से मारने की साजिश रचने की बात कही। इसके बाद प्रधान आशीष राय के नेतृत्व में दर्जनों अपंजीकृत बंगाली थाने पहुंचे और उन्होंने भूमि पर हाईकोर्ट के स्टे की प्रति देते हुए प्रभारी निरीक्षक को बताया कि इन विस्थापितों के पास पहले से न केवल पट्टे हैं बल्कि जिला पुर्नवासन विभाग की सैकड़ों एकड़ जमीन है। इधर इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई की है। जिसमें एक पक्ष की ओर से प्रशांत साना, सवलदास, शंकर राय, मनमोहन राय, संतोष विश्वास, महानंद विश्वास, केशव और अमल राय हैं। दूसरे पक्ष के रामाशंकर, रामवृक्ष, रंजीत राय, भवानंद मंडल के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रभारी निरीक्षक इंदर सिंह ने बताया कि भूमि विवाद के मामले में दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन