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जिला अस्पताल इलाज कराना है तो पंखा भी साथ लाएं
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:56 PM IST
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हाल-ए-जिला अस्पताल
जिला अस्पताल इलाज कराना है तो पंखा भी साथ लाएं
गर्मी से निजात के लिए साथ मरीज ला रहे खुदा का पंखा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में भर्ती होना है तो आपको अपने साथ पंखा भी लाना होगा। ऐसे इसलिए कहां जा रहा है कि क्योंकि अस्पताल में बिजली की आंख मिचौनी पिछले कई दिनों से जारी है। वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से परेशान है। बीमारी से परेशान मरीजों और उनके तीमारदारों को वार्डों में गर्मी से परेशान होकर हाथ वाले पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है।
बारिश के बाद पल-पल बदल रहे मौसम के मिजाज से जहां अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं, दूसरी तरफ आए दिन बिजली की समस्या से डॉक्टरों, मरीजों और उनके तीमारदारों को दो चार होना पड़ रहा है। पंखे कछुआ चाल चल रहे है। शुक्रवार को तो वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को हाथ वाले पंखे का सहारा लेना पड़ा। अस्पताल में जनरेटर की सुविधा होने के बाद भी डॉक्टर, मरीज और उनके तीमारदार परेशान दिखाई दिए। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज को देखने पहुंचे बरखेड़ा निवासी तीमारदार राजीव, बीसलपुर के राजू ने बताया कि सुबह से तीन बार बिजली जा चुकी हैं। बार-बार कहने के बाद भी मरीजों की सुविधा के लिए रखे जनरेटर को चालू नहीं करवाया गया। इस कारण मरीज गर्मी में तड़पते रहे।
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बिजली नहीं सफाई व्यवस्था पर रहता है जोर
जिला अस्पताल के विभिन्न वार्ड में दो बेड के बीच एक पंखा लगाया गया है। इनमें कुछ एक पंखे शोपीस बने हुए हैं। वहीं बिजली की समस्या आम हो गई है। सिर्फ साफ-सफाई को प्राथमिकता पर रखते हुए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। स्टाफ कर्मियों की मानें तो अगर इसी तरह बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी तो लगभग सभी समस्या का समाधान हो जाएगा। जनरल वार्ड में भर्ती एक मरीज हाथ वाले पंखे से हवा करता दिखाई दिया। उसके बेड के ऊपर लगा पंखा खराब था। जानकारी जुटाई तो पता चला कि पांच दिन से पंखा ठीक नहीं कराया गया है।
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वर्जन
खराब पंखे ठीक कराने के साथ ही मरीजों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए शीघ्र ही नए पंखे लगवाए जाएंगे।
- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस
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हाल-ए-जिला अस्पताल
जिला अस्पताल इलाज कराना है तो पंखा भी साथ लाएं
गर्मी से निजात के लिए साथ मरीज ला रहे खुदा का पंखा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिला अस्पताल में भर्ती होना है तो आपको अपने साथ पंखा भी लाना होगा। ऐसे इसलिए कहां जा रहा है कि क्योंकि अस्पताल में बिजली की आंख मिचौनी पिछले कई दिनों से जारी है। वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से परेशान है। बीमारी से परेशान मरीजों और उनके तीमारदारों को वार्डों में गर्मी से परेशान होकर हाथ वाले पंखे का सहारा लेना पड़ रहा है।
बारिश के बाद पल-पल बदल रहे मौसम के मिजाज से जहां अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं, दूसरी तरफ आए दिन बिजली की समस्या से डॉक्टरों, मरीजों और उनके तीमारदारों को दो चार होना पड़ रहा है। पंखे कछुआ चाल चल रहे है। शुक्रवार को तो वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को हाथ वाले पंखे का सहारा लेना पड़ा। अस्पताल में जनरेटर की सुविधा होने के बाद भी डॉक्टर, मरीज और उनके तीमारदार परेशान दिखाई दिए। जनरल वार्ड में भर्ती मरीज को देखने पहुंचे बरखेड़ा निवासी तीमारदार राजीव, बीसलपुर के राजू ने बताया कि सुबह से तीन बार बिजली जा चुकी हैं। बार-बार कहने के बाद भी मरीजों की सुविधा के लिए रखे जनरेटर को चालू नहीं करवाया गया। इस कारण मरीज गर्मी में तड़पते रहे।
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बिजली नहीं सफाई व्यवस्था पर रहता है जोर
जिला अस्पताल के विभिन्न वार्ड में दो बेड के बीच एक पंखा लगाया गया है। इनमें कुछ एक पंखे शोपीस बने हुए हैं। वहीं बिजली की समस्या आम हो गई है। सिर्फ साफ-सफाई को प्राथमिकता पर रखते हुए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। स्टाफ कर्मियों की मानें तो अगर इसी तरह बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी तो लगभग सभी समस्या का समाधान हो जाएगा। जनरल वार्ड में भर्ती एक मरीज हाथ वाले पंखे से हवा करता दिखाई दिया। उसके बेड के ऊपर लगा पंखा खराब था। जानकारी जुटाई तो पता चला कि पांच दिन से पंखा ठीक नहीं कराया गया है।
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खराब पंखे ठीक कराने के साथ ही मरीजों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए शीघ्र ही नए पंखे लगवाए जाएंगे।
- डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, सीएमएस