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फर्जी अभिलेख तैयार कर बीमा की रकम हड़पने की कोशिश
Updated Sun, 11 Feb 2018 05:57 PM IST
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पीलीभीत। वर्तमान समय में शिक्षक और सिपाही पद पर सरकारी नौकरी कर रहे पिता-पुत्र पर उनके एक रिश्तेदार ने बीमा पॉलिसी हड़पने के लिए जालसाजी करने का आरोप लगाया है। इसमें नॉमिनी और पिता के नाम बदलकर फर्जी कागजात बनवाने की बात कही गई है। 2009 में की गई पॉलिसी में धोखाधड़ी को लेकर सुनगढ़ी पुलिस ने युवती से मिली तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती की रहने वाली आशा गंगवार पुत्री धीरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पड़ोस में रहने वाले उसके ताऊ सुरेंद्र कुमार लाल, जोकि वर्तमान समय में शिक्षक हैं। वह 2009 में रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट थे। 23 जून 2009 को उन्होंने पीड़िता व उसकी छोटी बहन अंशु गंगवार के नाम पर एक-एक पॉलिसी खोली थी। जिसके उन्होंने तीन लाख रुपये पिता से लिए थे। आरोप है कि पॉलिसी की रकम हड़पने के लिए आरोपी ताऊ व तहेरे भाई शैलेंद्र गंगवार जोकि अब पुलिस महकमे में सिपाही हो गया है, उसने दोनों बहनों के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर फाइल में लगा दिए। इसमें नॉमिनी के नाम पर पीड़ित की मां राखी के स्थान पर ताई शीला देवी का नाम दर्ज करा दिया। इसके अलावा पिता के स्थान पर ताऊ ने अपना नाम डाल दिया। किसी तरह का कोई शक न हो, इसलिए पॉलिसी के कागजात पिता को देने के बजाए अपने पास रख लिए। दिसंबर 2017 में पिता धीरेंद्र कुमार रिलायंस आफिस पहुंचे तो इसकी जानकारी हो सकी। घर आकर ताऊ व उनके परिवार वालों से इसको लेकर बातचीत हुई। पहले तो कई दिनों तक टालमटोल की जाती रही, इसके बाद झगड़ा फसाद कर धमका दिया गया। युवती ने अपने ताऊ सुरेंद्र कुमार, तहेरे भाई शैलेंद्र गंगवार समेत तीन के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसएचओ सुनगढ़ी मोहम्मद कासिम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी सिपाही वर्तमान में कहां तैनात है, इसकी जानकारी की जाएगी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती की रहने वाली आशा गंगवार पुत्री धीरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पड़ोस में रहने वाले उसके ताऊ सुरेंद्र कुमार लाल, जोकि वर्तमान समय में शिक्षक हैं। वह 2009 में रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट थे। 23 जून 2009 को उन्होंने पीड़िता व उसकी छोटी बहन अंशु गंगवार के नाम पर एक-एक पॉलिसी खोली थी। जिसके उन्होंने तीन लाख रुपये पिता से लिए थे। आरोप है कि पॉलिसी की रकम हड़पने के लिए आरोपी ताऊ व तहेरे भाई शैलेंद्र गंगवार जोकि अब पुलिस महकमे में सिपाही हो गया है, उसने दोनों बहनों के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर फाइल में लगा दिए। इसमें नॉमिनी के नाम पर पीड़ित की मां राखी के स्थान पर ताई शीला देवी का नाम दर्ज करा दिया। इसके अलावा पिता के स्थान पर ताऊ ने अपना नाम डाल दिया। किसी तरह का कोई शक न हो, इसलिए पॉलिसी के कागजात पिता को देने के बजाए अपने पास रख लिए। दिसंबर 2017 में पिता धीरेंद्र कुमार रिलायंस आफिस पहुंचे तो इसकी जानकारी हो सकी। घर आकर ताऊ व उनके परिवार वालों से इसको लेकर बातचीत हुई। पहले तो कई दिनों तक टालमटोल की जाती रही, इसके बाद झगड़ा फसाद कर धमका दिया गया। युवती ने अपने ताऊ सुरेंद्र कुमार, तहेरे भाई शैलेंद्र गंगवार समेत तीन के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसएचओ सुनगढ़ी मोहम्मद कासिम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी सिपाही वर्तमान में कहां तैनात है, इसकी जानकारी की जाएगी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
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