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Delhi News: विक्रम सिंह को घर से बाहर तक खदेड़ते हुए ले गए थे आरोपी
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मणिपुरी संगीतकार की पड़ोसी महिला ने बताया खौफनाक रात का मंजर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के गिटार वादक और संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों में रोष है। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उधर, मूलरूप से मणिपुर निवासी एवं विक्रम सिंह की पड़ोसी महिला ने मंगलवार को उस खौफनाक रात के मंजर को याद किया। पड़ोसी महिला ने कहा कि शोर होने पर वह बाहर निकली तो कुछ लोगों को एक शख्स का पीछा करते देखा, लेकिन डर के मारे वह तुरंत घर के भीतर लौट गईं। अगली सुबह उसे पता चला कि जिस शख्स का पीछा किया जा रहा था, वह विक्रम सिंह थे, जिनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
पड़ोसी महिला ने विक्रम सिंह को शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया, जो करीब आठ-नौ साल से इस इलाके में रह रहे थे। पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर महिला ने कहा कि वह बहुत ही विनम्र थे। मैंने उन्हें कभी ऊंची आवाज में बोलते तक नहीं सुना। उस रात वे लोग इतना शोर मचा रहे थे कि मुझे डर लगने लगा। पड़ोसी ने आरोप लगाया कि वे लोग पहले विक्रम सिंह के घर गए और वहां उनसे मारपीट की। इसके बाद वे उन्हें घर से बाहर तक खदेड़ते हुए ले गए और वहां भी उन्हें पीटते रहे। एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि इलाके के लोग इस बात से बेहद आहत हैं कि सिर्फ शोर मचाने और शराब पीने का विरोध करने पर हत्या कर दी गई।
उधर, पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह ने अपने फ्लैट के बाहर सामान पहुंचाने का काम करने वाले और ढाबा कर्मियों के शोर मचाने तथा शराब पीने पर आपत्ति जताई थी। इन्हीं लोगों ने उनके साथ मारपीट की। हमले में विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे याईफाबा उन्हें अस्पताल ले गए, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि सभी आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं।
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नस्ली भेदभाव के पहलू से भी वारदात की चल रही जांच
पुलिस ने बताया कि नस्ली भेदभाव के पहलू से भी इस वारदात की जांच की जा रही है। वारदात के बाद दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। विक्रम सिंह की पड़ोसी महिला ने कहा कि हमें यहां हमेशा नस्ली भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कई लोग हमें चीनी या मोमो कहते हैं। हम भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व है। दूसरे लोग हमें भारतीय क्यों नहीं समझते। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग बेहतर अवसरों की तलाश में दिल्ली आते हैं और उनके साथ भेदभाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के गिटार वादक और संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों और समुदाय के सदस्यों में रोष है। उन्होंने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उधर, मूलरूप से मणिपुर निवासी एवं विक्रम सिंह की पड़ोसी महिला ने मंगलवार को उस खौफनाक रात के मंजर को याद किया। पड़ोसी महिला ने कहा कि शोर होने पर वह बाहर निकली तो कुछ लोगों को एक शख्स का पीछा करते देखा, लेकिन डर के मारे वह तुरंत घर के भीतर लौट गईं। अगली सुबह उसे पता चला कि जिस शख्स का पीछा किया जा रहा था, वह विक्रम सिंह थे, जिनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
पड़ोसी महिला ने विक्रम सिंह को शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया, जो करीब आठ-नौ साल से इस इलाके में रह रहे थे। पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर महिला ने कहा कि वह बहुत ही विनम्र थे। मैंने उन्हें कभी ऊंची आवाज में बोलते तक नहीं सुना। उस रात वे लोग इतना शोर मचा रहे थे कि मुझे डर लगने लगा। पड़ोसी ने आरोप लगाया कि वे लोग पहले विक्रम सिंह के घर गए और वहां उनसे मारपीट की। इसके बाद वे उन्हें घर से बाहर तक खदेड़ते हुए ले गए और वहां भी उन्हें पीटते रहे। एक अन्य पड़ोसी ने कहा कि इलाके के लोग इस बात से बेहद आहत हैं कि सिर्फ शोर मचाने और शराब पीने का विरोध करने पर हत्या कर दी गई।
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उधर, पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह ने अपने फ्लैट के बाहर सामान पहुंचाने का काम करने वाले और ढाबा कर्मियों के शोर मचाने तथा शराब पीने पर आपत्ति जताई थी। इन्हीं लोगों ने उनके साथ मारपीट की। हमले में विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे याईफाबा उन्हें अस्पताल ले गए, जहां बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि सभी आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं।
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नस्ली भेदभाव के पहलू से भी वारदात की चल रही जांच
पुलिस ने बताया कि नस्ली भेदभाव के पहलू से भी इस वारदात की जांच की जा रही है। वारदात के बाद दिल्ली में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। विक्रम सिंह की पड़ोसी महिला ने कहा कि हमें यहां हमेशा नस्ली भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कई लोग हमें चीनी या मोमो कहते हैं। हम भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व है। दूसरे लोग हमें भारतीय क्यों नहीं समझते। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग बेहतर अवसरों की तलाश में दिल्ली आते हैं और उनके साथ भेदभाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।