फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   बेटी के तीन बच्चों का भी भरण पोषण कर रहे थे केवल प्रसाद

बेटी के तीन बच्चों का भी भरण पोषण कर रहे थे केवल प्रसाद

Sat, 17 Jun 2017 06:27 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 06:27 PM IST
विज्ञापन
बेटी के तीन बच्चों का भी भरण पोषण कर रहे थे केवल प्रसाद
पीलीभीत। बाघ के हमले में मरने वाले रुपपुर गांव के निवासी केवल प्रसाद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पास मात्र तीन बीघा जमीन है। दो बेटे पप्पू (35) और उमाचरन (30) मेहनत मजदूरी करते हैं। पूरा परिवार छप्परपोश मकान में जीवन यापन करता। बड़ी बेटी शांतिदेवी की शादी के बाद ससुराल में मौत हो गई थी। कुछ ही दिन बाद दामाद का भी स्वर्गवास हो गया।
विज्ञापन

इसके बाद से उन्होंने शांतिदेवी की तीन संतानों के भरण पोषण का जिम्मा संभाला। उसके तीन बच्चे धर्मेंद्र (18), हरीश (15) और बेटी लक्ष्मी (19) है। जिसको वह अपने घर ले आए और लिखाया पढ़ाया। अभी एक साल पहले ही उन्होंने अपनी नातिन लक्ष्मी का विवाह किया। बेटी और दामाद की मौत के बाद बच्चों के वही पालनहार थे। उनकी बाघ के हमले में मौत की खबर मिलते ही पत्नी रामकली गश खाकर गिर गई। क्षतविक्षत हालत में मिला शव देखने की हिम्मत भी परिवार वाले नहीं जुटा पा रहे थे। पूरे गांव में बाघ की दहशत से गलियों में सन्नाटा पसरा था तो वहीं मृतक के मकान के बाहर ढांढस बंधाने को ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। हर कोई घटना को कोसता दिखाई दिया। छप्परपोश मकान से निकल रही अपनों की चीत्कार सन्नाटे के बीच गांव में गूंजती रही। ग्रामीण की मौत का गम और वनविभाग के प्रति गुस्सा लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दिया। मजदूर केवल प्रसाद की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी गहरा गई है। इसकी सूचना मिलने पर राजस्व टीम ने मौके पर जाकर पूरा लेखा-जोखा जुटाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed