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गरीब बच्चों को पढ़ाने का शपथ पत्र दो, तभी मिलेगी मान्यता
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पीलीभीत। शासन ने जूनियर हाईस्कूलों की मान्यता लेने के नियमों में बदलाव किया है। अब गैरसरकारी जूनियर हाईस्कूल की मान्यता के लिए आरटीई के तहत गरीब बच्चों का दाखिला लेने के लिए शपथ पत्र देना होगा। मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी।
जिले में शिक्षा के नाम पर कुकुरमुत्तों की तरह स्कूल खोले जा रहे हैं। इनमें कई बगैर मान्यता ही संचालित रहे हैं, लेकिन जिनके पास मान्यता है, उन स्कूलों में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। इधर शासन ने जूनियर हाईस्कूलों की मान्यता के लिए नियमों में फेरबदल किया है। नए शासनादेश के मुताबिक गैर सरकारी जूनियर हाईस्कूल की मान्यता लेने वालों को निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत गरीब बच्चों का दाखिला लेने के लिए शपथ पत्र देना होगा। स्कूल में कोई भी कक्ष 180 वर्ग फीट से कम नहीं होना चाहिए, ताकि एक कक्ष में कम से कम 20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था हो सके। विद्यालय में प्रधानाध्यापक और स्टाफ का कक्ष अलग-अलग होना चाहिए। पेयजल, खेल का मैदान आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही शिक्षण, महंगाई, विकास, परीक्षा, विद्यालय समारोह, विशेष विषय शिक्षा, कंप्यूटर शुल्क के अलावा कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि शासन द्वारा गैरसरकारी जूनियर हाईस्कूलों के लिए मान्यता में बदलाव किए गए हैं। शासनादेश का पालन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगा।
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जिले में शिक्षा के नाम पर कुकुरमुत्तों की तरह स्कूल खोले जा रहे हैं। इनमें कई बगैर मान्यता ही संचालित रहे हैं, लेकिन जिनके पास मान्यता है, उन स्कूलों में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। इधर शासन ने जूनियर हाईस्कूलों की मान्यता के लिए नियमों में फेरबदल किया है। नए शासनादेश के मुताबिक गैर सरकारी जूनियर हाईस्कूल की मान्यता लेने वालों को निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत गरीब बच्चों का दाखिला लेने के लिए शपथ पत्र देना होगा। स्कूल में कोई भी कक्ष 180 वर्ग फीट से कम नहीं होना चाहिए, ताकि एक कक्ष में कम से कम 20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था हो सके। विद्यालय में प्रधानाध्यापक और स्टाफ का कक्ष अलग-अलग होना चाहिए। पेयजल, खेल का मैदान आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही शिक्षण, महंगाई, विकास, परीक्षा, विद्यालय समारोह, विशेष विषय शिक्षा, कंप्यूटर शुल्क के अलावा कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि शासन द्वारा गैरसरकारी जूनियर हाईस्कूलों के लिए मान्यता में बदलाव किए गए हैं। शासनादेश का पालन किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगा।
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