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एमआर डॉक्टर बनकर लिखकर रहा था दवाई, पकड़ा गया
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:18 AM IST
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डॉक्टर बनकर दवाएं लिखता दवा कंपनी का एमआर
डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम ने मारा छापा, खुद को बता रहा था एरिया मैनेजर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पुराने जिला अस्पताल में सरकारी डॉक्टर की अनुपस्थिति में एक मेडिसन कंपनी का एमआर मरीजों को देखने के साथ-साथ दवाएं लिख रहा था। मामले की शिकायत बृहस्पतिवार को डीएम से की गई। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर ने शुक्रवार सुबह छापा मारकर एमआर को रंगे हाथ मरीजों को दवाएं लिखते पकड़ लिया। एमआर के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान वह खुद को वैंस दवा कंपनी का एरिया मैनेजर बता रहा था।
अस्पताल में जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके सक्सेना के पास वैंस नाम की मेडिकल कंपनी का एमआर विष्णु गोपाल (निवासी त्रिपुती गोल्डन पार्क थाना कोतवाली) पिछले काफी समय से प्रैक्टिस कर रहा था। इसके साथ ही वह डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों को देखने के साथ-साथ उनको अपनी कंपनी की दवाएं भी लिखता था। बताया जाता है कि चिकित्सक श्री सक्सेना कई बार उसे स्वयं बैठाकर अपने टहलने चले जाते थे। सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले की शिकायत अस्पताल पहुंचे एक मरीज ने डीएम अखिलेश मिश्र से की जिसके बाद डीएम के निर्देश पर शुक्रवार सुबह दोपहर करीब एक बजे वहां छापा मारा गया। मौके पर ही एमआर को मरीजों को देखते हुए व दवाएं लिखते हुए पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद एमआर को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जहां उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में विष्णु गोपाल का कहना था कि वह दस साल से दवा कारोबार कर रहा है। इस नाते उसे दवाओं की खासी पहचान हो गई है। डॉ. सक्सेना की अनुपस्थिति में जब मरीज आकर दवा लिखाने को शोर मचाने लगे तो उसने दवा लिख दी।
वर्जन
एमआर के खिलाफ पहले भी शिकायत मिली थी। डीएम के निर्देश पर सुबह जब छापा मारा तो पांच मरीजों को देखने के साथ-साथ वह अपनी कंपनी की दवाई भी मरीजों को लिख चुका था। उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। - अर्चना द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट
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डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम ने मारा छापा, खुद को बता रहा था एरिया मैनेजर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पुराने जिला अस्पताल में सरकारी डॉक्टर की अनुपस्थिति में एक मेडिसन कंपनी का एमआर मरीजों को देखने के साथ-साथ दवाएं लिख रहा था। मामले की शिकायत बृहस्पतिवार को डीएम से की गई। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर ने शुक्रवार सुबह छापा मारकर एमआर को रंगे हाथ मरीजों को दवाएं लिखते पकड़ लिया। एमआर के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान वह खुद को वैंस दवा कंपनी का एरिया मैनेजर बता रहा था।
अस्पताल में जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके सक्सेना के पास वैंस नाम की मेडिकल कंपनी का एमआर विष्णु गोपाल (निवासी त्रिपुती गोल्डन पार्क थाना कोतवाली) पिछले काफी समय से प्रैक्टिस कर रहा था। इसके साथ ही वह डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों को देखने के साथ-साथ उनको अपनी कंपनी की दवाएं भी लिखता था। बताया जाता है कि चिकित्सक श्री सक्सेना कई बार उसे स्वयं बैठाकर अपने टहलने चले जाते थे। सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस मामले की शिकायत अस्पताल पहुंचे एक मरीज ने डीएम अखिलेश मिश्र से की जिसके बाद डीएम के निर्देश पर शुक्रवार सुबह दोपहर करीब एक बजे वहां छापा मारा गया। मौके पर ही एमआर को मरीजों को देखते हुए व दवाएं लिखते हुए पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद एमआर को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जहां उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में विष्णु गोपाल का कहना था कि वह दस साल से दवा कारोबार कर रहा है। इस नाते उसे दवाओं की खासी पहचान हो गई है। डॉ. सक्सेना की अनुपस्थिति में जब मरीज आकर दवा लिखाने को शोर मचाने लगे तो उसने दवा लिख दी।
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एमआर के खिलाफ पहले भी शिकायत मिली थी। डीएम के निर्देश पर सुबह जब छापा मारा तो पांच मरीजों को देखने के साथ-साथ वह अपनी कंपनी की दवाई भी मरीजों को लिख चुका था। उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। - अर्चना द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट
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